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सिहोरा में तनावपूर्ण शांति: चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात, थोक गिरफ्तारियों का दौर जारी

बाज मीडिया, सिहोरा डिवीजन। जिला मुख्यालय जबलपुर से करीब 42 किलोमीटर दूर सिहोरा कस्बा गुरुवार रात भड़की साम्प्रदायिक झड़प के बाद अब तनावपूर्ण शांति के दौर से गुजर रहा है। आजाद चौक क्षेत्र में तरावीह की नमाज और मंदिर की आरती के दौरान लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी के आरोप दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को तुरंत सख्त कदम उठाने पड़े। राघवेंद्र सिंह (कलेक्टर) और सम्पत उपाध्याय (पुलिस अधीक्षक) स्वयं मौके पर पहुंचे। उनके साथ डीआईजी, एसडीओपी सहित 12 थानों का पुलिस बल और विशेष पुलिस बल तैनात किया गया। देर रात तक फ्लैग मार्च और सघन गश्त के बाद हालात काबू में आए।

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मामले को लेकर एक पक्ष कहना है की मस्जिद में तारावीह की नमाज चल रही थी, कुछ शरारती तत्वों में आरती में डीजे की आवाज कई गुना बढ़ा दिया. जिससे नमाज में दिक्कत होने लगी. कुछ लोग आवाज धीमी करने का बोलने आए, उनके साथ मारपीट की गई. जिसके बाद विवाद बढ़ा. वहीं दूसरे पक्ष का कहना है मंदिर में आरती चल रही थी, आवाज धीमी थी. कुछ लड़के मस्जिद से निकले और मंदिर पर पथराव कर दिया, जिसके बाद विवाद बढ़ा. मामले की पूरी सच्चाई पुलिस की जांच के बाद सामने आएगी. फिलहाल सिहोरा वासियों की समझदारी और संयम के नतीजे में अब सिहोरा में शांति है.


डीजे और लाउडस्पीकर की आवाज से शुरू हुआ विवाद

गुरुवार रात लगभग साढ़े नौ बजे वार्ड क्रमांक 5 स्थित आजाद चौक में मंदिर की आरती और मस्जिद की अजान/तरावीह लगभग एक ही समय पर चल रही थी। इसी दौरान डीजे और लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर विवाद शुरू हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते झड़प और फिर पत्थरबाजी में बदल गई।

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हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इसके बाद अतिरिक्त बल बुलाकर पूरे क्षेत्र को घेराबंदी में लिया गया।


दो दर्जन से अधिक हिरासत में, सीसीटीवी खंगाले जा रहे

पुलिस ने अब तक 15 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है, जबकि दोनों पक्षों के दो दर्जन से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। इन्हें माढ़ोताल थाने भेजकर कड़ी सुरक्षा में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

एसपी सम्पत उपाध्याय ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और किसी भी हालत में उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक स्थल को नुकसान नहीं पहुंचा है और न ही किसी के हताहत होने की पुष्टि हुई है।


पुलिस छावनी में तब्दील हुआ आजाद चौक

घटना के बाद आजाद चौक क्षेत्र को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। शुक्रवार सुबह सिहोरा में अघोषित बंद जैसे हालात रहे। बाजार पूरी तरह बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

देर शाम कुछ दुकानें खुलीं, लेकिन ग्राहकों की संख्या बेहद कम रही। शनिवार सुबह भी प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।


नमाजियों को पुलिस बस से लाया-ले जाया गया

रमजान के पहले जुमे को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती। नमाज अदा करने के लिए रोजेदारों को पुलिस बसों के माध्यम से सुरक्षित मस्जिद तक लाया गया और नमाज के बाद सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति दोबारा न बने।


निर्माण सामग्री बनी पथराव का कारण?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य के कारण पत्थर और मलबा जमा था। आरोप है कि विवाद के दौरान इन्हीं पत्थरों का उपयोग पथराव में किया गया।


पहले भी बनता रहा है विवाद

स्थानीय लोगों का कहना है कि आजाद चौक संवेदनशील क्षेत्र है और पहले भी लाउडस्पीकर की टाइमिंग को लेकर विवाद की स्थिति बनती रही है। बुजुर्गों का सुझाव है कि प्रशासन दोनों पक्षों के साथ बैठक कर स्पष्ट समय-सीमा तय करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।


प्रशासन पर उठे सवाल

घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि जब दोनों धर्मों के पर्व एक साथ थे और क्षेत्र को संवेदनशील माना जाता है, तो पहले से अतिरिक्त पुलिस बल क्यों तैनात नहीं किया गया।

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से हालात सामान्य हो गए। उन्होंने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

फिलहाल सिहोरा में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और लगातार निगरानी रखे हुए है।

Jabalpur Baz

बाज़ मीडिया जबलपुर डेस्क 'जबलपुर बाज़' आपको जबलपुर से जुडी हर ज़रूरी खबर पहुँचाने के लिए समर्पित है.
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