Bihar Election : तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान: अगर सत्ता में आए तो वक़्फ़ (संशोधन) कानून को कूड़ेदान में फेंक देंगे

BAZ News Network : किशनगंज / कटिहार / अररिया:
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सीमांचल के मुसलमान इलाकों में सियासत गरमाने लगी है।
रविवार को सीमांचल में लगातार चार रैलियों को संबोधित करते हुए
राजद नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने
वादा किया कि अगर उनकी सरकार बनी,
तो वे वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम को “कूड़ेदान में फेंक देंगे”।
तेजस्वी ने इस क़ानून को “संवैधानिक समानता पर हमला” बताते हुए कहा —
“भारत हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई — सबका है।
सबने इस मुल्क के लिए कुर्बानी दी है और संविधान सबको बराबर अधिकार देता है।”
⚖️ क्यों विवाद में है वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम
अप्रैल 2024 में संसद से पारित इस क़ानून को
मुस्लिम समाज ने धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता में दखल और
वक्फ़ संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण की कोशिश बताया है।
इस कानून के तहत
- ज़िला कलेक्टरों को वक्फ़ संपत्तियों पर व्यापक अधिकार दिए गए थे,
- और वक्फ़ बनाने वाले व्यक्ति को कम से कम 5 साल तक इस्लाम का पालन करने की शर्त रखी गई थी।
सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने इन प्रावधानों पर अस्थायी रोक लगाते हुए
केंद्र सरकार से जवाब मांगा था।
🕌 सीमांचल में मुस्लिम वोटों को साधने की कोशिश
तेजस्वी यादव ने प्राणपुर, कोचाधामन, जोकीहाट और नरपतगंज की रैलियों में
चुनाव को “संविधान और मुल्क की आत्मा की लड़ाई” बताया।
उन्होंने कहा —
“राजद ने कभी अपनी सोच से समझौता नहीं किया।
लालू जी ने कभी सांप्रदायिक ताक़तों के आगे सिर नहीं झुकाया।”
तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि
“नीतीश कुमार ही वो व्यक्ति हैं जिन्होंने बिहार में भाजपा और आरएसएस को जगह दी।”
💬 भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी पर हमला
तेजस्वी ने कहा कि सीमांचल देश का सबसे ग़रीब इलाक़ा बन गया है
जहाँ थानों से लेकर ब्लॉक ऑफिस तक रिश्वतख़ोरी का बोलबाला है।
“बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता,
लोग भ्रष्टाचार से बर्बाद हो रहे हैं।”
उन्होंने वादा किया कि सत्ता में आने पर
सीमांचल विकास प्राधिकरण (Seemanchal Development Authority) की स्थापना करेंगे,
जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएँ सुधारी जा सकें।
⚡ केंद्र पर तीखा हमला
तेजस्वी ने कहा कि
“अमित शाह ने पटना में मुझे धमकी दी थी कि चुनाव से पहले सबक सिखाएँगे।
लेकिन जब लालू जी अपने आकाओं से नहीं डरे,
तो उनका बेटा भी नहीं डरेगा।”
उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया
और कहा कि राजद की योजनाएँ,
जैसे पेंशन, मुफ़्त बिजली और सरकारी नौकरियाँ,
अब सत्तारूढ़ गठबंधन द्वारा “कॉपी” की जा रही हैं।
🧾 तेजस्वी का वादा
तेजस्वी यादव ने कहा कि
उपमुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने चार लाख संविदा शिक्षकों को नियमित किया
और पाँच लाख नौकरियाँ दीं।
उन्होंने दोहराया —
“हमारा वादा है — हर घर को एक सरकारी नौकरी।”
रैलियों में तेजस्वी ने लोगों से कहा —
“आप तय करें — क्या एक बार की मदद चाहते हैं
या अपने घर में स्थायी सरकारी नौकरी?”
तेजस्वी यादव का “वक्फ़ कानून रद्द करने” का वादा
सीमांचल के अल्पसंख्यक वोटरों को सीधा संदेश देता है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार चुनाव के सबसे गर्म राजनीतिक एजेंडा में से एक बन सकता है।



