कृषि उपज मंडी 19 लाख की सनसनीखेज लूट का खुलासा: कर्ज और पारिवारिक दबाव में लुटेरे बने दो सगे भाई, 14.71 लाख रुपये बरामद

जबलपुर। (Baz News Network) विजयनगर थाना अंतर्गत कृषि उपज मंडी गेट नंबर–1 के पास हुई 19 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और कर्ज के भारी दबाव में आकर इस वारदात को अंजाम देना कबूल किया है। राहत की बात यह रही कि आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
कर्ज के बोझ में दबा था पूरा परिवार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय राहुल मनवानी और 18 वर्षीय ऋषि मनवानी के रूप में हुई है, जो ग्रीन सिटी, गोल्डन टाउन क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में मानसिक रूप से अस्वस्थ दादी, हृदय रोग से पीड़ित पिता, बीमार मां और बहन शामिल हैं। यह परिवार करीब 5 से 6 वर्ष पहले सीधी जिले से जबलपुर आकर बसा था।
पूछताछ में राहुल ने बताया कि सीधी में उनके एक करीबी व्यक्ति ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया था, जिससे परिवार पहले ही आर्थिक रूप से कमजोर हो चुका था। जबलपुर आने के बाद उन्होंने रजिस्टर मैन्युफैक्चरिंग का काम शुरू किया, लेकिन उसमें भारी नुकसान होने से कर्ज लगातार बढ़ता चला गया। हालात ऐसे हो गए थे कि घर में दवाइयों, दूध, बिजली बिल और छोटे भाई की कॉलेज फीस तक चुकाना मुश्किल हो गया था। फीस न भर पाने के कारण छोटे भाई को कॉलेज से बाहर तक निकाल दिया गया था। इसी बीच बहन की शादी का दबाव भी परिवार पर लगातार बढ़ रहा था।
बैंक में बड़ी रकम देखकर बना लूट का प्लान
पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले राहुल मनवानी किसी काम से बैंक गया था, जहां उसने अनाज व्यापारी के मुनीम विकास साहू को बड़ी रकम निकालते हुए देखा। वहीं से उसके मन में लूट का विचार आया। इसके बाद उसने लगातार मुनीम की गतिविधियों की रेकी की और पूरे घटनाक्रम की योजना बनाकर अपने छोटे भाई ऋषि को भी इसमें शामिल कर लिया।
योजनानुसार बुधवार दोपहर जब अनाज व्यापारी सतीश केसरवानी के मुनीम विकास साहू बैंक से 19 लाख रुपये निकालकर बाइक से मंडी की ओर लौट रहे थे, तभी कृषि उपज मंडी गेट नंबर–1 के पास पहले से घात लगाए नकाबपोश आरोपियों ने उन पर चाइना फोल्डिंग रॉड से हमला किया और रुपयों से भरा बैग छीनकर एक्टिवा वाहन से फरार हो गए।
14.71 लाख रुपये, वाहन और हथियार बरामद
एएसपी आयुष गुप्ता ने पुलिस कंट्रोल रूम में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के कब्जे से 14 लाख 71 हजार 490 रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त एक्सिस स्कूटी, दो मोबाइल फोन और चाइना फोल्डिंग रॉड बरामद कर ली गई है। शेष रकम के संबंध में भी जांच जारी है।
4 लाख रुपये बैंक में जमा कर चुके थे आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने लूट की रकम में से करीब 4 लाख रुपये अपने बैंक खाते में जमा कर, पुराने बकायों और कर्जदाताओं का भुगतान कर दिया था। पुलिस अब रिमांड पर लेकर इस रकम की रिकवरी और लेन-देन की पूरी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
मास्क बना आरोपियों की पहचान की वजह
उल्लेखनीय बात यह रही कि अपराध के समय पहचान छुपाने के लिए पहना गया मास्क ही आरोपियों तक पहुंचने का सबसे बड़ा सुराग बना। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो एकता चौक स्थित एक मेडिकल शॉप से मास्क खरीदे जाने का रिकॉर्ड सामने आया। मेडिकल स्टोर की बिलिंग और फुटेज के आधार पर पुलिस सीधा आरोपियों के घर तक पहुंच गई।
बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी सेंट अलायसिस कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन पढ़ाई का दबाव, घर की जिम्मेदारियां और बहन की शादी की चिंता ने उन्हें इस गलत रास्ते पर धकेल दिया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरे मामले के खुलासे में टीआई विजयनगर वीरेंद्र पवार, क्राइम ब्रांच टीआई शैलेश मिश्रा, एसआई विजन तिवारी, सीसीटीवी कंट्रोल रूम की आरक्षक पूनम और पूर्णिमा, साथ ही माढ़ोताल, गोहलपुर, जिला विशेष शाखा और क्राइम ब्रांच की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और लूट की शेष रकम की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।



