DuniaNewsमिडिल ईस्टसऊदी अरबिया

यमन में तबाही: सऊदी हवाई हमले में 100+ लोगों की मौत की खबर, आपातकाल घोषित

नई दिल्ली/रियाद | 30 दिसंबर 2025 । यमन में हालात एक बार फिर बेहद गंभीर होते नजर आ रहे हैं। बीते 24 घंटों के भीतर सऊदी अरब ने यमन की ज़मीन पर हवाई हमला किया, जिसमें अब तक १०० से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है। लेकिन इस बार निशाने पर हूती नहीं बल्कि यूएई से जुड़े गुट और हथियार बताए जा रहे हैं। सऊदी कार्रवाई के बाद यमन सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया, जिससे देश में गृहयुद्ध जैसे हालात बनते दिख रहे हैं। खाड़ी देशों के आपसी टकराव का सीधा असर अब यमन के आम नागरिकों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

क्या हुआ मुकल्ला बंदरगाह पर?

सऊदी अरब का कहना है कि यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर कुछ जहाज पहुंचे थे, जिनमें हथियार और सैन्य सामान लाया गया था। सऊदी आरोप है कि ये हथियार यूएई की मदद से यमन के एक अलगाववादी गुट सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) को दिए जा रहे थे।

सऊदी सेना ने इन हथियारों को यमन की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए हवाई हमला कर दिया। सऊदी अधिकारियों का दावा है कि हमला केवल हथियारों पर किया गया और आम लोगों को नुकसान नहीं पहुंचा। जबकि बीबीसी की रिपोर्ट है कि 100 से ज्यादा आम लोगों की मौत हुई है

यमन सरकार ने क्या कदम उठाए?

सऊदी हमले के बाद यमन की मान्यता प्राप्त सरकार ने कड़ा रुख अपनाया। सरकार ने:

Advertisement
  • पूरे देश में आपातकाल घोषित किया
  • यूएई के साथ रक्षा समझौता खत्म कर दिया
  • यमन में मौजूद यूएई की सेना को वापस जाने को कहा
  • कुछ इलाकों में आवाजाही पर रोक लगा दी

यमन सरकार का कहना है कि बाहरी देश अगर अलगाववादी गुटों को हथियार देंगे, तो देश टूटने की कगार पर पहुंच सकता है।

सऊदी और यूएई में क्यों तनाव बढ़ा?

अब तक सऊदी अरब और यूएई यमन में एक ही पक्ष में थे, लेकिन अब दोनों के रास्ते अलग होते नजर आ रहे हैं।

  • सऊदी अरब चाहता है कि यमन एक ही देश बना रहे. यमन में ऐसी सरकार रहे जिससे उसकी छेत्र में उसका वर्चस्व बना रहे.
  • यूएई पर आरोप है कि वह दक्षिण यमन को अलग देश बनाने वाले गुटों का समर्थन कर रहा है

इसी वजह से दोनों के बीच तनाव खुलकर सामने आ गया है।

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

मुकल्ला एक अहम बंदरगाह है, जहां से खाने-पीने का सामान आता है। अगर तनाव बढ़ा तो:

  • महंगाई बढ़ सकती है
  • खाने-पीने की चीजों की कमी हो सकती है
  • आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी

यमन पहले ही भुखमरी और युद्ध से जूझ रहा है।

दुनिया का रुख

संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने सऊदी अरब और यूएई दोनों से कहा है कि वे लड़ाई रोकें और बातचीत करें, ताकि यमन में शांति कायम हो सके।

पिछले 72 घंटों की घटनाओं से साफ है कि यमन का मसला अब और उलझ गया है। अगर सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव बढ़ता है, तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान बेगुनाह यमनी लोगों को होगा।

दुनिया की नजर अब इस पर है कि क्या इस्लामी देश आपसी मतभेद सुलझाकर अमन की राह चुनते हैं या हालात और बिगड़ते हैं।


Back to top button

You cannot copy content of this page