
जबलपुर/सिहोरा | बाज मीडिया रिपोर्ट
19 फरवरी 2026 को जिला जबलपुर के सिहोरा स्थित आज़ाद चौक और मदीना मस्जिद क्षेत्र में घटी घटना को लेकर सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में 23 फरवरी 2026 को ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने प्रशासन से सख्त, निष्पक्ष और बिना भेदभाव की कार्रवाई की मांग की है।
AIMIM के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जनाब मोहसिन अली खान के निर्देश पर जबलपुर में AIMIM नेता जावेद अमान खान के नेतृत्व में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक जबलपुर एवं कलेक्टर को एक विस्तृत पत्र सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि 19 फरवरी की रात लगभग 10 बजे के बाद मदीना मस्जिद, आज़ाद चौक, सिहोरा में मुस्लिम समुदाय के लोग शांतिपूर्वक नमाज़ अदा कर रहे थे। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कथित रूप से हस्तक्षेप किए जाने से क्षेत्र में तनाव और अशांति का माहौल बना।
AIMIM के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जनाब मोहसिन अली खान का बयान…
सोशल मीडिया वीडियो का उल्लेख
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें कथित तौर पर तोड़फोड़ और नारेबाजी के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यदि इन वीडियो की सत्यता प्रमाणित होती है तो यह कानून का गंभीर उल्लंघन है और सार्वजनिक शांति के लिए खतरा है।
AIMIM ने प्रशासन से मांग की है कि इन वीडियो की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों व संगठनों के विरुद्ध विधि अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
“कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी”
AIMIM के पूर्व जिला अध्यक्ष जबलपुर जावेद अमान ने कहा कि कानून व्यवस्था, शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा,
“हमारी मांग है कि दोषियों पर विधि अनुसार कार्रवाई हो और आमजन में भरोसा कायम रखा जाए। कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के होनी चाहिए, ताकि कानून पर लोगों का विश्वास बना रहे।”
धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा की मांग
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो ऐसी घटनाएं न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्य के समग्र माहौल को प्रभावित करती हैं। साथ ही यह हमारे संविधान में निहित समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द के सिद्धांतों के विपरीत है।
AIMIM ने प्रशासन से अपील की है कि मामले की गहन, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि किसी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति न बने और क्षेत्र में शांति कायम रहे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय नागरिकों की नजरें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



