BAZ Investigation: चंडोक ब्रदर्स का संगठित जीएसटी चोरी मॉडल बेनकाब: बिलिंग सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी, करोड़ों की टैक्स चोरी की आशंका

जबलपुर। शहर के चर्चित इवेंट और मैरिज आयोजन से जुड़े प्रतिष्ठान चंडोक ब्रदर्स पर सेंट्रल जीएसटी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। बीते माह के आखिर में शुरू हुई इस जांच में अब तक कई अहम सुराग सामने आए हैं। जब्त दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और बुकिंग रजिस्टर की जांच में करोड़ों रुपये की संभावित जीएसटी चोरी के संकेत मिले हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में बिलिंग सॉफ्टवेयर में तकनीकी गड़बड़ियां, संदिग्ध एंट्रियां और वास्तविक आय तथा घोषित आय के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। बुकिंग रजिस्टर, कैश बुक और अन्य वित्तीय फाइलों के मिलान में कई विसंगतियां पाई गई हैं। हालांकि सेंट्रल जीएसटी विभाग ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
हर शादी में 10–15 प्रतिशत तक जीएसटी चोरी की आशंका
जीएसटी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जांच में यह संकेत मिले हैं कि शहर के शान एलिजा परिसर में आयोजित होने वाली शादियों और बड़े कार्यक्रमों में व्यवस्थित तरीके से टैक्स में हेरफेर किया जाता था।
अधिकारी के अनुसार डेकोरेशन, टेंट और इवेंट सेवाओं पर सामान्यतः 18 प्रतिशत जीएसटी देय होती है। लेकिन ग्राहकों को कच्चा बिल देकर पूरी रकम को लमसम दर्शाया जाता था और केवल 5 प्रतिशत जीएसटी दिखाया जाता था। इस तरीके से प्रत्येक शादी में औसतन 10 से 15 प्रतिशत तक जीएसटी चोरी होने की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार शादी के सीजन में इस परिसर में एक दिन में औसतन चार शादियां आयोजित होती थीं। यदि प्रति शादी औसतन 20 लाख रुपये का खर्च माना जाए तो एक दिन में करीब 80 लाख रुपये का कारोबार होता था।
दो महीने के सीजन में 48 करोड़ का कारोबार
जांच एजेंसियों ने प्रारंभिक आकलन में यह भी अनुमान लगाया है कि यदि केवल दो महीने के शादी सीजन (लगभग 60 दिन) का ही हिसाब जोड़ा जाए तो इस दौरान करीब 240 शादियां आयोजित हुईं।
इस आधार पर कुल कारोबार लगभग 48 करोड़ रुपये तक पहुंचता है। इसी अवधि में संभावित जीएसटी चोरी का आंकड़ा करीब 6 करोड़ रुपये से अधिक आंका जा रहा है।
हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़े केवल प्रारंभिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तैयार किए गए अनुमान हैं। अंतिम कर देनदारी का निर्धारण विस्तृत ऑडिट और सत्यापन के बाद ही किया जाएगा।
लाखों में निपटारे की कोशिश की चर्चा
विभागीय सूत्रों का दावा है कि जीएसटी टीम की कार्रवाई शुरू होते ही चंडोक ब्रदर्स की ओर से करीब 40 लाख रुपये जमा कराए गए थे। इसे विभागीय दबाव में की गई आंशिक कर-अदायगी माना जा रहा है।
विभागीय हलकों में यह चर्चा भी है कि करोड़ों की संभावित टैक्स चोरी के इस मामले को लाखों रुपये में निपटाने का प्रयास किया गया, ताकि मामला सीमित स्तर पर ही सुलझ जाए और आगे की कार्रवाई टल सके।
हालांकि जीएसटी अधिकारियों ने जांच को रोकने के बजाय आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। इसके बाद दस्तावेजों की गहन जांच में एक संगठित टैक्स चोरी का पैटर्न सामने आने की बात कही जा रही है।
डिजिटल फॉरेंसिक जांच जारी
जीएसटी टीम ने कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और बिलिंग सॉफ्टवेयर की डिजिटल फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या सॉफ्टवेयर में दोहरी एंट्री, डेटा में बैकएंड संशोधन या बिलिंग रिकॉर्ड को छिपाने जैसी तकनीकी व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया था।
यदि जांच में आरोप पुष्ट होते हैं तो संबंधित फर्मों पर भारी जुर्माना, ब्याज और दंडात्मक कार्रवाई की संभावना है।
व्यापारिक जगत में हलचल
इस कार्रवाई के बाद शहर के होटल, मैरिज गार्डन और इवेंट कारोबार से जुड़े व्यापारियों में हलचल देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शादी और इवेंट इंडस्ट्री के बिलिंग पैटर्न की व्यापक जांच की गई तो शहर के कई अन्य प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
फिलहाल सेंट्रल जीएसटी विभाग की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।



