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Jabalpur

जबलपुर के अंसारी बारात घर में 250 नौजवानों ने बनाई नई तंजीम

.. जबलपुर के करीब 250 नौजवानों ने मिलकर एक तंजीम बनाई है। जिसका नाम यूथ विंग रखा गया है। इस तंजीम का मकसद कुरआन और सुन्नत की रौशनी में संविधान और कानून के दायरे में रहते हुए समाज की तामीर ए नौ (नव निर्माण) के लिये संघर्ष करना है। तंजीम का मकसद नफरत और हिंसा के खिलाफ मोहब्बत और भाईचारे का पैगाम आम करना है। तंजीम का मकसद जुल्म के खिलाफ, जब्र के खिलाफ, मजलूमों की आवाज बनना है।

यह बात यूथ विंग के नेशनल कोआरडिनेटर उमर खान ने अंसारी बरात घर गोहलपुर में आयोजित यूथ विंग के लाचिंग प्रोग्राम में कही।

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उन्होंने आगे कहा, “नफरत के इस दौर में यूथ विंग अमन के फूल खिलाएगी। मुस्लिम समाज की अच्छाईयों को आगे बढ़ाएगी और समाज में फैलती खराबियों को दूर करने के लिये कोशिश करेगी।”

पहले प्रोग्राम में ही जुड़े सैंकड़ों नौजवान

कार्यक्रम का आगाम जीशान जफर ने तिलावते कुरआन पाक से किया। जिसके बाद अबू हमजा ने तराना पेश किया। इफ्तिताही कलेमात गुलाम साबिर साहब ने पेश किये। नौजवानों की जिम्मदारी पर इम्तियाज ने साहब ने खिताब किया। विंग के नेशनल कोआरडिनेटर उमर खान ने विंग का मकसद, काम करने के तरीके, पालिसी और प्रोग्राम की जानकारी दी। गुलाम रसूल साहब ने मौजूद नौजवानों को समाज और शहर की खिदमत करने और इस्लाम की दावत को आम करने का अहद कराया। कार्यक्रम के आखिर में शहर, समाज और मुल्क की तरक्की और खुशहाली की दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

गुलाम साबिर साहब ने अपने खिताब में कहा, “जबलपुर मुस्लिम समाज में हजारों की तादाद में काबिल नौजवान हैं। जो मुल्क और मिल्लत का दर्द रखते हैं। समाज और शहर की तामीर में अपनी जिम्मेदारी अदा करना चाहते हैं। लेकिन सही प्लेटफार्म की कमी के चलते उनकी काबलियत ज़ाया  हो रही है। ऐसे ही नौजवानों को एक प्लेटफार्म पर लाने के लिये यूथ विंग का कयाम किया गया है।”

इम्तियाज साहब ने कहा,  “आज हर तरफ नफरत और हिंसा फैलाने की कोशिश हो रही है। ऐसे दौर में अमन के फूल खिलाने और समाज को सही रास्ता दिखाने की जिम्मेदारी नौजवानों की है। नौजवान अगर एकजुट होकर कुरआन और सुन्नत को थामकर आगे बढ़ें, संविधान और कानून के दायरे में रहते हुये संघर्ष करें तो समाज भी तरक्की करेगा और शहर भी खुशहाल होगा।”

उमर खान साहब ने बताया, “यूथ विंग नौजवानों का संगठन है। जिसका बुनियादी मकसद समाज के युवाओं की इस्लाह करना, इस्लाम की दावत देना और इंसानियत की खिदमत करना है। हम समाज में फैलती छोटी बड़ी बुराईयों को दूर करने और शहर में अमन और मोहब्बत के हालात बनाने की दिशा में यूथ विंग काम करेगी। रोजगार के मसाईल से लेकर नशा और सट्टा जैसी बीमारियों तक सभी दिशा में विंग जागरुकता अभियान चलाएगी।”

गुलाम रसूल साहब ने कहा कि “दीगर संगठनों और यूथ विंग का बुनियादी फर्क यही है कि यूथ विंग कुरआन और सुन्नत की रौशनी में काम करेगी। समाज में फैल रही बुराईयों को दूर करने के लिये इस्लाम की तालीमात को हल के तौर पर पेश करेगी। संविधान के दायरे, कानून का पालन करते हुये जुल्म और जब्र के खिलाफ, मजलूमों की आवाज बनकर खड़ी होगी।”

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