उज्जैन शाही मस्जिद मामले में अब तक 14 मुसलमान गिरफ्तार, 30 के खिलाफ केस दर्ज

उज्जैन | BAZ Media Bhopal Division । उज्जैन की ऐतिहासिक शाही मस्जिद की तोड़फोड़ तीसरे दिन भी जारी रही। पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया और 30 से ज़्यादा के खिलाफ 7 मामले दर्ज किए। पुलिस का आरोप है कि 28 सितंबर को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पथराव किया गया और कलेक्टर के आदेशों का उल्लंघन किया गया।
News in Short
- उज्जैन शाही मस्जिद की तोड़फोड़ तीसरा दिन, मीनार पर कब्ज़ा
- 14 मुसलमान गिरफ्तार, 30 के खिलाफ 7 एफआईआर दर्ज
- पुलिस ने पथराव और आदेश उल्लंघन का आरोप लगाया
- 2028 सिंहस्थ कुंभ के लिए रोड चौड़ीकरण का काम
- दो हफ्ते तक मुसलमानों ने मस्जिद में डेरा डाला था
तीसरे दिन भी जारी रही उज्जैन शाही मस्जिद की तोड़फोड़
बुधवार को तीसरे दिन भी उज्जैन की शाही मस्जिद की तोड़फोड़ जारी रही। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच मीनार को हटाने का काम शुरू हुआ। मीनार को हरी चादर से ढक दिया गया है। सोमवार को मस्जिद के हैंगिंग स्लैब का एक हिस्सा हटाने के बाद अब काम मीनार पर पहुंच गया है।
यह तोड़फोड़ ज़िला प्रशासन और नुमाइंदा मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के तहत हो रही है। इस समझौते के मुताबिक मस्जिद के कुछ हिस्सों को हटाया जाएगा ताकि रोड चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ सके। यह काम 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों का हिस्सा है।
14 लोग गिरफ्तार, 7 थानों में केस दर्ज
उज्जैन पुलिस ने शहर भर में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। तीन थानों में कुल 7 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस का आरोप है कि 28 सितंबर को शहर के अलग-अलग इलाकों में पुलिस पर पथराव किया गया, ज़िला कलेक्टर के आदेशों का उल्लंघन किया गया और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री फैलाई गई।
महाकाल थाने में दो केस दर्ज हुए। एक केस धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने वाले बयानों पर और दूसरा कलेक्टर के आदेशों के उल्लंघन पर। तीसरे केस में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
खरकुआ थाने में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। टंकी चौराहा और मावा बाज़ार में जमावड़े को लेकर दो और केस दर्ज किए गए। मावा बाज़ार वाले मामले में 10 लोगों को नामज़द किया गया है।
कोतवाली थाने में काज़ी के घर पर हुई घटना को लेकर केस दर्ज हुआ। पुलिस के मुताबिक एक भीड़ ने नारेबाज़ी की, पथराव किया और काज़ी को जान से मारने की धमकी दी। इस घटना में परिसर के कांच टूट गए।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर कड़ी नज़र रखने की चेतावनी
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नज़र रख रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग आपत्तिजनक, भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली सामग्री शेयर करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
एसोसिएशन ऑफ प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स के एमपी स्टेट कोऑर्डिनेटर ज़ैद पठान ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 14 में से 11 लोगों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
सभी 7 एफआईआर पुलिस ने खुद दर्ज की हैं। आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 132, 223(a), 223(b), 195(1), 191(2), 190, 296(b), 333, 351(2), 324(4) और 125 लगाई गई हैं। इनमें सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा, दंगा, सार्वजनिक आदेशों की अवज्ञा, आपराधिक धमकी और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप शामिल हैं।
दो हफ्ते से चल रहा था विरोध। मुसलमानों ने मस्जिद के अंदर डेरा डाला था ताकि तोड़फोड़ रुक सके। लेकिन समझौते के बाद काम शुरू हुआ और विरोध हिंसक हो गया। पुलिस ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया। अब शहर में शांति बहाल है लेकिन पुलिस बंदोबस्त जारी है।
📌 Sources & References
- Maktoob Media
- Ujjain Police



