बेटे की मौत के बाद केरल के पिता ने लगाया पुलिस टॉर्चर का आरोप

कोडुंगल्लूर | BAZ News Network (BNN) । एक बाप का दर्द — एक बेटा मर गया, दूसरा जेल में बंद है। केरल के कोडुंगल्लूर में टैक्सी ड्राइवर नौशाद ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस स्टेशन में तीन दिन की प्रताड़ना के बाद 18 साल का बेटा मोहम्मद आसलम इतना टूट गया कि उसने खुदकुशी कर ली। 22 साल का बड़ा बेटा, BCom ग्रेजुएट, अभी भी जेल में है।
News in Short
- नौशाद ने कोडुंगल्लूर जनमैत्री पुलिस स्टेशन के सर्किल इंस्पेक्टर बैजू और सब-इंस्पेक्टर अतुल मोहनन पर टॉर्चर का आरोप लगाया
- 27 सितंबर की शाम को पुलिस ने दोनों बेटों को हिरासत में लिया, एक लड़की से 20 तोला सोना और 50 हजार रुपये ऐंठने का केस बनाया
- पिता का दावा — बेटों को तीन दिन थाने में पीटा गया, गुप्तांगों पर हमला किया, गर्दन और पेट पर लातें मारीं
- बड़े बेटे ने छोटे को बचाने के लिए खुद पर इल्जाम ले लिया, लेकिन आसलम की हालत बिगड़ती गई और उसने जान दे दी
- नौशाद ने गिरफ्तारी रिकॉर्ड में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया — असल में तीसरे दिन गिरफ्तारी दर्ज की गई
तीन दिन थाने में बंद, फिर आई मौत की खबर
नौशाद ने 6 अक्टूबर को फेसबुक पर मलयालम में लिखा — “27 सितंबर की शाम 6.45 बजे मुझे फोन आया। सर्किल इंस्पेक्टर बोले — तुम्हारा बेटा थाने में है, फौरन आओ। मैंने पूछा क्यों बुलाया, तो वो बोले — वजह बताने के बाद ही आओगे क्या?” पिता उस वक्त टैक्सी चला रहे थे। उन्होंने बड़े बेटे को भेजा कि पहले जाकर देखो क्या मामला है। लेकिन उसके बाद दोनों भाइयों का फोन बंद हो गया।
रात 10.30 बजे नौशाद जब थाने पहुंचे, तो सीआई बैजू ने कहा — तुम्हारे छोटे बेटे ने एक लड़की को फोन पर धमकाया और उससे 20 तोला सोना और 50 हजार रुपये ऐंठे। पैसे से इनोवा गाड़ी खरीदी। FIR दर्ज हो चुकी है। नौशाद ने अंदर देखा — बड़ा बेटा सेल में बंद था, आसलम बेंच पर बैठा था।
आसलम ने पिता को बताया — “वो लड़की मेरी दोस्त थी, दो साल से रिश्ता था। उसके घरवालों को पता चला तो उन्होंने उसका फोन छीन लिया। कई दिन से बात नहीं हुई थी, इसलिए मैं उसके घर गया और एक गिलास पानी मांगा, बस उससे मिलना चाहता था। तभी उसके घरवालों ने पुलिस बुला ली।”
पुलिस टॉर्चर का भयानक सच — पेट में लात, गुप्तांगों पर हमला
नौशाद के मुताबिक, थाने में एक महिला सिपाही ने उन्हें बेटों से बात करने से रोक दिया और बाहर जाने को कहा। लेकिन जाने से पहले बड़े बेटे ने पिता को बताया — “पुलिस ने आसलम को मेरे सामने बुरी तरह पीटा। पेट में लात मारी, गुप्तांगों को दबाया, झुकाकर बार-बार मारा, गर्दन पर वार किए। मैं ये सब देखकर नहीं रह सका, इसलिए सब-इंस्पेक्टर अतुल मोहनन से कहा — छोटे को छोड़ो, जो भी इल्जाम है वो मैंने किया।”
पिता का आरोप है कि दोनों बेटों को तीन दिन तक थाने में रखा गया और प्रताड़ित किया गया। तीसरे दिन जब उन्हें कोर्ट के सामने पेश करना था, तो पुलिस ने नौशाद से एक कागज पर दस्तखत करवाए। उस पेपर में लिखा था कि गिरफ्तारी दूसरे दिन दोपहर को हुई, हालांकि असल में तीन दिन हो चुके थे। नौशाद ने वकील से सलाह ली। वकील ने कहा — हस्ताक्षर कर दो, वरना बेल की प्रक्रिया रुक जाएगी।
बड़े बेटे की वीडियो वायरल, छोटे को जुवेनाइल होम में
नौशाद ने लिखा — “पुलिस ने मेरे बड़े बेटे की वीडियो बनाई और उसे Instagram और न्यूज चैनलों पर फैला दिया। अखबारों में भी खबरें छपीं। इससे उसकी जिंदगी तबाह हो गई।” बड़ा बेटा अभी भी जेल में है।
आसलम को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की सदस्य विनीता के पास बेल के लिए ले गए। नौशाद का कहना है — “लग रहा था जैसे विनीता पहले से ही बेल देने का मन नहीं बना चुकी थीं। उन्होंने बातचीत में कहा कि सीआई बैजू ने एक दिन पहले उनसे फोन पर बात की थी। मुझे शक हुआ कि उन्होंने विनीता को प्रभावित किया है।”
आसलम चार दिन जुवेनाइल कस्टडी में रहा। नौशाद ने बताया कि उनके बेटे को चोटें आई हैं और इलाज की जरूरत है, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसके बाद आसलम की हालत और बिगड़ती गई।
एक पिता की गुहार — इंसाफ मिले, बेटों की कुर्बानी बेकार न जाए। नौशाद का सवाल साफ है — क्या पुलिस को यह हक है कि वो किसी को बिना सबूत के तीन दिन बंद रखे, पीटे, फिर झूठी गिरफ्तारी दर्ज करे? और जब एक बच्चा टूटकर खुदकुशी कर ले, तो कौन जिम्मेदार होगा? केरल सरकार और मानवाधिकार आयोग से अब जवाब की मांग हो रही है।
📌 Sources & References
- Maktoob Media
- नौशाद का Facebook पोस्ट (6 अक्टूबर 2024)



