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बंगलादेश में तख्ता पलट के बाद आपात कैबिनेट बैठक

नई दिल्ली । पड़ोसी देश बांग्लादेश में हुए तख्ता पलट और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाम अपने आधिकारिक आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक बुलाई। बैठक में बांग्लादेश के हालात पर गहन मंथन हुआ है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मामले के अहम पहलुओं की जानकारी को सामने रखा। बांग्लादेश में नौकरी में आरक्षण खत्म करने की मांग पर छात्रों के भारी विरोध और हिंसा के बीच  प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा है।

 बाहय और आंतरिक  सुरक्षा पर मंत्रिमंडल की बैठक में गहन विचार विमर्श हुआ। विदेश मंत्री जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी को बांग्लादेश की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी । इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी विदेश मंत्री जयशंकर से बात की है।

इस बीच, सरकार ने बंगलादेश की सीमा के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।  सीमा सुरक्षा बल  ने बंगलादेश की घटना को देखते हुए 4096 किलोमीटर लंबी भारत-बंगलादेश सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। सेना के सभी यूनिट के लिए ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया गया है। बीएसएफ के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी और अन्य वरिष्ठ कमांडर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंच गए हैं।

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 उन्होंने  उत्तर 24 परगना जिला और सुंदरबन इलाके में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। बंगलादेश में बदलती स्थिति को देखते हुए बीएसएफ ने पूरे भारत-बंगलादेश सीमा पर अलर्ट जारी किया है। सीमा पर तैनात जवानों की संख्या बढ़ा दी है। पड़ोसी देश से लगी सीमा पर तैनात सभी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सभी यूनिट को पूरी तरह सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

असम के करीमगंज में भारत-बंगलादेश सीमा पर  ‘हाई अलर्ट’ जारी किया है। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने भी  सीमा पर सोमवार की रात से निषेधाज्ञा लागू कर दीं है।

बंगलादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को  हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पहुंचने पर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी आगवानी की। इस दौरान हसीना और डोभाल के बीच लंबी बातचीत हुई। बातचीत के बारे में कोई अधिकृत जानकारी सेना अथवा सरकार द्वारा नहीं दी गई है।

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