BAZ MEDIA | Jabalpur News Bulletin | 09 अक्टूबर, शुक्रवार । आज दिन भर की सभी ज़रूरी ख़बर पर एक नज़र

जबलपुर में आज दिनभर क्या हुआ?
BAZ MEDIA, JABALPUR । जबलपुर में शुक्रवार को अपराध, साइबर ठगी और शहर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे। घमापुर थाना क्षेत्र में बम फेंकने की चार घटनाएं सामने आईं, जिनमें एक व्यक्ति और एक महिला के घायल होने की जानकारी है। वहीं, सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रुपये की कथित ठगी के मामले में दंपती के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। माढ़ोताल क्षेत्र में ऑनलाइन धोखाधड़ी के दो मामलों में भी पुलिस ने जांच शुरू की है।
दूसरी ओर, शहर में पानी, सफाई और सड़कों की बदहाली को लेकर कांग्रेस ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने अपराध समीक्षा बैठक में लंबित मामलों के निराकरण और आगामी दुर्गा उत्सव व दशहरा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। सड़क हादसे में एक बाइक सवार की मौत, चाकू से हमला और घर में घुसकर तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। इसके अलावा, दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर जबलपुर से दिल्ली जाने वाली पांच ट्रेनों को एक फेरे के लिए रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई।
जबलपुर में आज दिनभर क्या हुआ?
शहर की बदहाली पर कांग्रेस का प्रदर्शन, नगर निगम मुख्यालय का घेराव
जबलपुर में पानी की समस्या, सड़कों पर गड्ढे, कचरे के ढेर और गंदगी को लेकर कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। शहर कांग्रेस कमेटी के मार्गदर्शन में कांग्रेस पार्षद दल और युवक कांग्रेस ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित है और कई जगह नियमित रूप से कचरा नहीं उठाया जा रहा। नालियों की सफाई नहीं होने, सड़कों की खराब हालत और उड़ती धूल को लेकर भी नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था के प्रभावी ढंग से काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए नेताओं ने मुख्य सड़कों के निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया।
नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा, उपनेता प्रतिपक्ष शगुफ्ता उस्मानी और सचेतक अयोध्या तिवारी ने नगर निगम में भ्रष्टाचार और जनता के टैक्स के पैसे के दुरुपयोग के आरोप लगाए। विधायक लखन घनघोरिया और अमरीश मिश्रा ने कहा कि शहरवासियों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस आवाज उठाती रहेगी। प्रदर्शन के दौरान सफाई व्यवस्था सुधारने, सड़कों की स्थिति बेहतर करने और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
त्योहारों से पहले एसपी के निर्देश, पंडालों में अग्निशमन यंत्र और सीसीटीवी जरूरी
जबलपुर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में लंबित गंभीर अपराधों का शीघ्र निराकरण करने, फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने और जन शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आगामी दुर्गा उत्सव और दशहरा को देखते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा।

बैठक में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी, नकबजनी, महिला संबंधी अपराधों और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत लंबित मामलों की समीक्षा की गई। एसपी ने महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता बरतने, अपहृत नाबालिगों की तलाश तेज करने तथा साइबर ठगी और धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने थानों की साइबर हेल्प डेस्क सक्रिय रखने और गुम मोबाइल फोन का पता लगाकर उन्हें मालिकों को लौटाने पर भी जोर दिया।
त्योहारों की सुरक्षा के लिए प्रतिमा स्थापना समितियों, डीजे व लाइट संचालकों, भंडारा आयोजकों और चल समारोह समितियों के साथ बैठक करने को कहा गया। एसपी ने निर्देश दिए कि पंडालों में अग्निशमन यंत्र और रेत से भरी बाल्टियां रखी जाएं, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और कम से कम दो स्वयंसेवक चौबीसों घंटे मौजूद रहें। पंडालों के आसपास दमकल, एंबुलेंस और पुलिस वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह रखने तथा विद्युत सजावट में कटे-फटे तारों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया।
संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पिकेट, नियमित गश्त और असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। विसर्जन स्थलों पर होमगार्ड जवानों और स्थानीय तैराकों की तैनाती तथा बड़े आयोजन स्थलों पर अलग निकास द्वार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। एसपी ने स्पष्ट किया कि छोटी से छोटी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे और वैधानिक कार्रवाई करे।
दिल्ली में प्रदर्शन का असर, जबलपुर से दिल्ली जाने वाली पांच ट्रेनें एक दिन के लिए रद्द
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका के बीच पश्चिम मध्य रेलवे ने 9 अक्टूबर को जबलपुर से दिल्ली की ओर जाने वाली पांच ट्रेनों के एक-एक फेरे रद्द कर दिए। इस फैसले से दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

रेलवे के अनुसार, प्रभावित पांच ट्रेनों में जबलपुर मंडल की तीन तथा भोपाल और कोटा क्षेत्र की एक-एक ट्रेन शामिल है। रेलवे ने बताया कि इन ट्रेनों का नियमित परिचालन शनिवार से शुरू हो जाएगा। हालांकि, वापसी सेवाओं के संबंध में अलग से सूचना जारी की जाएगी।
रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी मधुर वर्मा ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। रद्द ट्रेनों के यात्रियों को नियमानुसार रिफंड दिया जाएगा। रेलवे यात्रियों को संदेशों और आधिकारिक माध्यमों से सूचना भेज रहा है। जानकारी के लिए यात्री रेलवे पूछताछ नंबर 139 या रेल मदद सेवा का उपयोग कर सकते हैं।
घमापुर में बमबाजी की चार घटनाएं, एक व्यक्ति और महिला घायल
जबलपुर के घमापुर थाना क्षेत्र में लालमाटी स्थित गोपाल होटल के आसपास और मंगल पराग ग्राउंड के पास सुअरमार बम फेंकने की चार घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में एक व्यक्ति और एक महिला के छर्रे लगने से घायल होने की जानकारी है। पुलिस ने संबंधित मामलों में प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, लालमाटी निवासी 42 वर्षीय नीलू चौहान ने शिकायत में बताया कि 7 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे वह घर के बाहर बैठी थीं। इसी दौरान सोनू दाहिया और गोलू वहां पहुंचे और उनकी ओर सुअरमार बम फेंका। बम गेट के सामने फट गया। महिला के चिल्लाने पर दोनों वहां से भाग गए। इसी शाम करीब 7:30 बजे गोपाल होटल चौक पर बैठे 38 वर्षीय गोलू ठाकुर पर भी सुअरमार बम फेंके जाने की शिकायत सामने आई। बम फटने से गोलू ठाकुर के दाहिने हाथ की हथेली और ऑटो में बैठी महिला की पीठ व पेट में छर्रे लगे।
इसके अलावा, 8 अक्टूबर की रात मंगल पराग ग्राउंड के पास रहने वाले मजदूर अनिल ठकुरासी के घर के सामने दीवार पर बम फटने की घटना हुई। पुलिस के अनुसार, रात करीब 2:20 बजे आवाज सुनकर बाहर निकले अनिल ने ऐश्वर्य नाहर, रंजीत ठाकुर और सुरेंद्र बेन को वहां खड़े देखा। उनके पूछने पर तीनों वहां से भाग गए।
गोपाल होटल निवासी संध्या प्रजापति के घर की बालकनी में भी रात करीब 12:30 बजे सुअरमार बम फटने की घटना सामने आई। शिकायत के अनुसार, महिला ने घर के सामने ऐश्वर्य नाहर और अभिषेक सिंह को देखा, जो पूछताछ के बाद भाग गए। राजेंद्र बिनोदिया के घर के सामने भी बम फटने की घटना की जानकारी दी गई है। पुलिस ने संबंधित शिकायतों के आधार पर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम सहित लागू धाराओं में मामले दर्ज किए हैं। घटनाओं में शामिल आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख की ठगी, दंपती पर केस
जबलपुर में रेलवे पुलिस में आरक्षक और उपनिरीक्षक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों से लाखों रुपये लेने का मामला सामने आया है। घमापुर थाना पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद किरण शर्मा और उसके पति अजय शर्मा उर्फ अजय चौधरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।
शक्तिनगर बदनपुर निवासी 37 वर्षीय मनोज प्रधान उरड़े ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2020 में उसकी मुलाकात उमागिरी सोनी उर्फ विगला सोनी से हुई थी। उसके माध्यम से अजय शर्मा से परिचय हुआ। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अजय ने अपनी पत्नी के रेलवे पुलिस में आरक्षक और बेटी आकांक्षा शर्मा के भोपाल में उपनिरीक्षक पद पर कार्यरत होने की बात कहकर सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। शिकायत में आरक्षक की नौकरी के लिए छह लाख और उपनिरीक्षक पद के लिए 14 लाख रुपये लेने की बात कही गई है।
मनोज के अनुसार, उसने नौकरी के लिए 17 मार्च 2022 को दो लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद एक लाख रुपये उधार लेकर ऑनलाइन माध्यम से किरण शर्मा के खाते में भेजे। शिकायत में आरोप है कि बाद में एक लाख रुपये और लिए गए। फिर दिल्ली के किसी अधिकारी को रकम देने की बात कहकर दो लाख रुपये जुटाने के लिए कहा गया। मनोज ने खेती गिरवी रखकर रकम जुटाई और 12 जनवरी 2023 को अजय व किरण को नकद दे दिए। इस तरह उसके अनुसार कुल छह लाख रुपये दिए गए।
शिकायतकर्ता का कहना है कि रकम देने के बाद भी नौकरी नहीं मिली। रुपये वापस मांगने पर आरोपी कथित तौर पर अधिकारियों के स्थानांतरण और जमीन बेचकर रकम लौटाने जैसे बहाने बनाते रहे। मनोज ने आर्थिक परेशानी और कर्ज बढ़ने की बात भी शिकायत में कही है। उसने जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है।
शिकायत में अन्य लोगों से भी नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने की आशंका जताई गई है। हालांकि, अन्य व्यक्तियों से जुड़े आरोपों और कथित लेनदेन की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर संबंधित लेनदेन और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में जांच शुरू कर दी है।
पनागर बायपास पर पिकअप की टक्कर से बाइक सवार की मौत, साथी घायल
पनागर थाना क्षेत्र के बरझाई बायपास पर तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बाइक सवार 30 वर्षीय सुशील केवट की मौत हो गई, जबकि उसका साथी दीपक कोल घायल हो गया। पुलिस ने पिकअप चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, हादसा 7 अक्टूबर की शाम करीब पांच बजे हुआ। सुशील के भाई सुनील कुमार केवट को दीपक ने फोन कर दुर्घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचने पर सुशील सड़क पर घायल अवस्था में मिला। उसके सिर में गंभीर चोट थी, जबकि दीपक के पैर में चोट आई थी।
दोनों को एंबुलेंस से शासकीय अस्पताल पनागर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सुशील को मृत घोषित कर दिया। दीपक को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया। दीपक के मुताबिक, वह सुशील की बाइक पर पीछे बैठकर बम्हनोदा की ओर से हाईवे होते हुए पनागर जा रहा था। बरझाई बायपास पर पनागर की ओर मुड़ते समय पीछे से आ रही पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस हादसे की जांच कर रही है।
फोन-पे से 60 हजार रुपये निकले, वर्क फ्रॉम होम नौकरी के नाम पर युवती से ठगी
माढ़ोताल थाना क्षेत्र में ऑनलाइन धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज किए गए हैं। एक मामले में फोन-पे के जरिए एक व्यक्ति के खाते से छह बार में 60 हजार रुपये निकाले जाने की शिकायत है। दूसरे मामले में वर्क फ्रॉम होम की नौकरी और दोबारा नियुक्ति दिलाने का भरोसा देकर 29 वर्षीय युवती से 30 हजार रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है।
ग्रीन सिटी गजानन परिसर निवासी 53 वर्षीय रमाकांत नेमा ने पुलिस को बताया कि 7 अक्टूबर की सुबह करीब नौ बजे वह फोन-पे से किसी अन्य व्यक्ति को रकम भेज रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर फोन-पे पिन से संबंधित अलर्ट आया। खाते की हिस्ट्री देखने पर 10-10 हजार रुपये के छह लेनदेन के जरिए कुल 60 हजार रुपये निकाले जाने की जानकारी मिली। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने किसी को लिंक या ओटीपी नहीं दिया था और न ही कोई ऐप डाउनलोड किया था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
दूसरे मामले में करमेता निवासी अंजली जैन ने शिकायत की कि उन्होंने लिंक्डइन पर वर्क फ्रॉम होम की नौकरी के लिए आवेदन किया था। इसके बाद एक व्यक्ति ने खुद को फिजिक्स वाला कंपनी का मानव संसाधन अधिकारी बताते हुए संपर्क किया और दोबारा नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने वेलकम किट के नाम पर क्यूआर कोड के जरिए पैसे जमा कराए। शुरुआत में 3,600 रुपये भेजने और दोबारा भुगतान कराने के बाद कथित तौर पर उसके खाते से कुल 30 हजार रुपये निकल गए। परिचित से चर्चा के बाद उसे नौकरी का प्रस्ताव संदिग्ध लगा और उसने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने इस मामले में धारा 318(4) और 319(2) के तहत जांच शुरू कर दी है।
मुखबिरी के शक में ड्राइवर के घर में तोड़फोड़, दो आरोपियों पर केस
माढ़ोताल थाना क्षेत्र के करमेता में कथित तौर पर मुखबिरी के शक में एक ड्राइवर के घर में घुसकर तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने सौरभ विश्वकर्मा और मोंटी विश्वकर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, करमेता निवासी 32 वर्षीय ड्राइवर अभिषेक पटेल ने शिकायत में बताया कि सौरभ विश्वकर्मा ने फोन कर उस पर मुखबिरी करने का आरोप लगाया और पांच हजार रुपये मांगे। रुपये देने से इनकार करने पर कथित तौर पर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में जब वह अपने दोस्त दिलीप चौधरी के साथ घर पहुंचा तो ताला टूटा मिला। घर के अंदर एलईडी टीवी, वॉशिंग मशीन, फ्रिज और अलमारी क्षतिग्रस्त थे। किरायेदार पूजा नायक ने बताया कि सौरभ और मोंटी विश्वकर्मा घर में घुसे थे और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए भाग गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
शराब के लिए एक हजार रुपये नहीं देने पर ई-रिक्शा चालक पर चाकू से हमला
घमापुर थाना क्षेत्र के सिद्धबाबा साहू मोहल्ले में शराब पीने के लिए रुपये नहीं देने पर 52 वर्षीय ई-रिक्शा चालक संतलाल वर्मा पर चाकू से हमला करने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, तीन आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, संतलाल वर्मा बुधवार रात करीब दस बजे घर के बाहर खड़ा अपना ई-रिक्शा अंदर कर रहे थे। इसी दौरान श्याम उर्फ संदीप राज वंशकार और विजय वंशकार ने उनसे शराब पीने के लिए एक हजार रुपये मांगे। मना करने पर विवाद हुआ और आरोप है कि श्याम ने चाकू से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। विजय वंशकार और उसके पिता बाबू वंशकार पर मारपीट और धमकी देने का आरोप है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 119(1), 296(ए), 351(2) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।



