होटल टिम-टिम विवाद: पति के आरोप, पत्नी की FIR और अधिवक्ता का पक्ष

जबलपुर | BAZ Media Jabalpur Division
मदन महल थाना क्षेत्र के होटल टिम-टिम में रविवार को एक पारिवारिक विवाद के बाद हंगामा हो गया। घटना को लेकर अलग-अलग पक्षों की अलग-अलग बातें सामने आई हैं। एक तरफ महिला के पति ने होटल में अपनी पत्नी और अधिवक्ता की मौजूदगी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए पति और दो अन्य महिलाओं पर मारपीट और धमकी के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर, अधिवक्ता ने होटल में अपनी मौजूदगी को पेशेवर काम से जुड़ा बताते हुए लगाए गए निजी संबंधों के आरोपों को गलत बताया है।
घटना के बाद सामने आए वीडियो, FIR और संबंधित पक्षों के बयानों ने मामले को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस जांच के दौरान सामने आने वाले CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, होटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों से घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी। लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं है।
पति रहीस अहमद का पक्ष
रहीस अहमद का कहना है कि उनकी पत्नी के साथ उनका पारिवारिक विवाद पिछले चार साल से अधिक समय से अदालत में चल रहा है।
रहीस अहमद का कहना है कि केस के बावजूद दोनों के रिश्ते पूरी तरह खत्म नहीं हुए थे। बच्चे के कैंसर के इलाज के दौरान भी दोनों साथ रहे और उन्होंने पत्नी को मदीना की धार्मिक यात्रा भी कराई।
रहीस का आरोप है कि पिछले कुछ समय से उनकी पत्नी और मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता सलीम खान के बीच लगातार लंबी फोन बातचीत हो रही थी। कॉल डिटेल्स के बाद उन्हें शक हुआ और रविवार को सूचना मिलने पर वह होटल पहुंचे।
रहीस अहमद के मुताबिक, होटल पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी और अधिवक्ता को वहां देखा, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। उनका आरोप है कि दोनों के बीच गलत संबंध हैं।
होटल के बाहर रहीस ने मीडिया कैमरों के सामने अपनी पत्नी को संबोधित करते हुए तीन बार “तलाक” कहा। रहीस का कहना है कि वह पूरे घटनाक्रम से आहत हैं और मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।
महिला का पक्ष और FIR में दर्ज बयान
वहीं महिला ने पुलिस को दिए अपने बयान में पूरे घटनाक्रम का अलग पक्ष बताया है।
महिला ने 27 सितंबर 2026 को मदन महल थाने में शिकायत दर्ज कराई. महिला का कहना है कि वो अपने अधिवक्ता सलीम खान के साथ बयान देने के लिए महिला थाना जा रही थी। रास्ते में अधिवक्ता के पास होटल टिम-टिम की संचालक दुर्गा कोठा टीटी (जिनका अधिवक्ता case लड़ रहे हैं) का फोन आया, जिसके बाद दोनों होटल पहुंचे।
महिला के अनुसार, अधिवक्ता रिसेप्शन पर बातचीत कर रहे थे और वह होटल के कमरे में बैठी थी।
FIR में महिला ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान करीब 12 बजे उसका पति रईस अहमद और अन्य वहां पहुंचे।
महिला के मुताबिक, तीनों ने उसके साथ गाली-गलौज की और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। उसने पुलिस को बताया कि मारपीट में उसकी बाईं आंख, नाक और बाएं कंधे में चोट आई।
महिला का आरोप है कि जब अधिवक्ता सलीम खान बीच-बचाव करने आए तो उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे उनके दांत और जबड़े में चोट आई।
महिला ने दोनों पक्षों को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
अधिवक्ता सलीम खान का पक्ष
अधिवक्ता सलीम खान का कहना है कि होटल टिम-टिम के संचालक उनके पक्षकार हैं और वे उनके एक मामले की पैरवी कर रहे हैं। उसी मामले से संबंधित अदालत में पेशी होनी थी।
अधिवक्ता के मुताबिक, इसी सिलसिले में होटल संचालक का अचानक फोन आया, जिसके बाद वह होटल पहुंचे। उनका कहना है कि होटल पहुंचने के बाद वह संचालक से रिसेप्शन पर बैठकर मामले से संबंधित बातचीत कर रहे थे, जबकि संबंधित महिला उनकी क्लाइंट और उसी दिन महिला थाने में उसका भी बयान होने के कारण कमरे में बैठकर उनका इंतजार कर रही थी।
उनके अनुसार, होटल में उनकी मौजूदगी को महिला के साथ किसी निजी संबंध के तौर पर पेश करना गलत है। सलीम खान इन आरोपों को एक साजिश बताते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
होटल पहुंची महिलाओं को लेकर अधिवक्ता का आरोप
अधिवक्ता सलीम खान ने घटनाक्रम में मौजूद महिलाओं को लेकर भी सवाल उठाया है।
उनका कहना है कि महिला के पति के साथ होटल पहुंची महिलाओं में से कोई भी महिला, पति के परिवार या संबंधित महिला के परिवार की नहीं थी। उनके मुताबिक, इन महिलाओं का दोनों परिवारों से कोई संबंध नहीं है।
अधिवक्ता का कहना है कि इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए कि ये महिलाएं वहां किसके साथ और किस उद्देश्य से पहुंचीं।
पुलिस के सामने अब जांच का सवाल
मदन महल थाने में दर्ज FIR के अनुसार, मामले में महिला की शिकायत पर police ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 296(a), 3(5) और 351(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
FIR में घटना का समय 27 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे से 12:45 बजे के बीच दर्ज है। मामले की जांच प्रधान आरक्षक दीपक कुमार बाकौड़े को सौंपी गई है।
BAZ Media Editorial
इस पूरे मामले में तीनों पक्षों की अपनी-अपनी बात सामने आ रही है।
पति अपनी पत्नी और अधिवक्ता पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। महिला ने FIR में अपने पति और अन्य लोगों पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। वहीं अधिवक्ता इन आरोपों को साजिश बताते हुए होटल पहुंचने का कारण पेशेवर बता रहे हैं।
BAZ Media का मानना है कि सामने आए वीडियो को देखकर किसी पक्ष के बारे में अंतिम राय बनाना उचित नहीं होगा। पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच होनी चाहिए।
होटल के CCTV, होटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स, FIR में दर्ज बयान और संबंधित लोगों के बयानों की जांच के बाद ही वास्तविक घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा।
जो भी व्यक्ति जांच में कानून के अनुसार दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं है।



