जबलपुर में कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन — शगुफ्ता उस्मानी ‘गुड्डु नबी’ बनीं आंदोलन की मुखर आवाज, ताहिर अली ने संभाली ज़मीनी कमान

जबलपुर। शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था, अनाप-शनाप टैक्स वसूली, दूषित पेयजल आपूर्ति और ठप पड़े विकास कार्यों को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने आज नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। यह प्रदर्शन शहर कांग्रेस कमेटी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्षदों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।

प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने किया, वहीं उपनेता प्रतिपक्ष शगुफ्ता उस्मानी ‘गुड्डु नबी’ की सक्रिय और मुखर भूमिका ने पूरे आंदोलन को धार दी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की जिम्मेदारी केवल बजट पेश करना नहीं, बल्कि जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। “जब शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हों, स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हों और लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हों, तब सत्ता की प्राथमिकता जनता होनी चाहिए, न कि प्रचार-प्रसार,” उन्होंने तीखे शब्दों में कहा।
उपनेता प्रतिपक्ष शगुफ्ता उस्मानी ‘गुड्डु नबी’ ने विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गंदगी और अंधेरे का सबसे ज्यादा असर इन्हीं वर्गों पर पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्षद दल जनता के साथ खड़ा है और जब तक व्यवस्थाएं सुधर नहीं जातीं, संघर्ष जारी रहेगा। उनके संयमित लेकिन प्रभावशाली वक्तव्य ने उपस्थित कार्यकर्ताओं में उत्साह भर दिया।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता मतीन अंसारी ने कहा कि नगर निगम प्रशासन को यह समझना होगा कि जनप्रतिनिधियों की आवाज को नजरअंदाज करना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि शहरवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है।
इस आंदोलन में पूर्व पार्षद सैयद ताहिर अली की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने वार्ड स्तर पर लगातार मिल रही शिकायतों का हवाला देते हुए कहा कि डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, जबकि जनता से नियमित टैक्स वसूला जा रहा है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पप्पू वसीम खान ने संगठनात्मक एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता के मुद्दों पर सड़कों पर उतरने को तैयार है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर जनता का आक्रोश बढ़ रहा है और यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि 2200 करोड़ रुपये का बजट होने के बावजूद डोर-टू-डोर कचरा वाहनों को डीजल तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। शहर की अधिकांश स्ट्रीट लाइटें बंद हैं, जिससे मार्गों पर अंधकार व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्षद दल शहर के प्रत्येक वार्ड में एक ही दिन, एक ही समय पर महापौर का पुतला दहन करेगा।
शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा ने इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों का संदर्भ देते हुए कहा कि जबलपुर में भी कई वार्डों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। सचेतक अयोध्या तिवारी ने कहा कि साफ-सफाई के नाम पर टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
पार्षद कलीम खान, संतोष दुबे पंडा, श्रीमती अदिति अतुल बाजपेई, श्रीमती अरुणा संजय साहू, श्रीमती गार्गी रामकुमार यादव, गुड्डू तामसेतवार, सतेन्द्र चौबे, श्रीमती मुकीमा याकूब अंसारी, गुलाम हुसैन, अख्तर अंसारी, रिजवान अली कोटी, मनीष पटैल, राकेश पांडे, मथुरा चौधरी, श्रीमती तुलसा लखन प्रजापति, रितेश गुप्ता, मनीष चंसोरिया, सरबजीत सिंह रील, अतुल बाजपेई, आरीफ बेग, पप्पू वसीम, अशिफ कुरैशी, असलम खान, प्रवीण चौहान, अनुज श्रीवास्तव, सक्षम गोस्वामी, अक्षय विनोदिया, अक्षत प्रजापति, जुम्मन सेन, दीपक चौधरी, शक्ति चौकसे, अभिषेक तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
नगर निगम मुख्यालय पर हुई तालाबंदी ने यह स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस पार्षद दल अब शहर की समस्याओं को लेकर आक्रामक रुख अपना चुका है। इस पूरे घटनाक्रम में उपनेता प्रतिपक्ष शगुफ्ता उस्मानी ‘गुड्डु नबी’ की नेतृत्व क्षमता, सैयद ताहिर अली की जमीनी पकड़ और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मतीन अंसारी और पप्पू वसीम खान के संगठनात्मक अनुभव ने आंदोलन को एक सशक्त स्वर प्रदान किया।
शहर की जनता अब इस संघर्ष से क्या परिणाम निकलते हैं, इस पर नजरें टिकाए हुए है।



