नितेश राणे के बयान पर वारिस पठान: ‘मुसलमानों की खामोशी को कमजोरी न समझा जाए’

मुंबई । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नितेश राणे का विवादास्पद बयान महाराष्ट्र में राजनीतिक तनाव को बढ़ा रहा है। राणे ने संगोली में एक जनसभा के दौरान कहा कि यदि पुलिसकर्मियों को 24 घंटे के लिए छुट्टी दी जाए, तो हिंदू अपनी ताकत दिखा देंगे। इस बयान पर एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के नेता वारिस पठान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
पठान ने राणे के बयान को उकसाने वाला और गैर-जिम्मेदार करार दिया, यह कहते हुए कि भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले माहौल को बिगाड़ना चाहती है ताकि असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने राणे के पुराने बयान का भी जिक्र किया, जिसमें राणे ने मुसलमानों को मस्जिद में घुसकर मारने की धमकी दी थी।
पठान ने स्पष्ट किया कि मुसलमान किसी से डरते नहीं हैं और वे कानून का पालन करते हैं, इसलिए उनकी खामोशी को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने ऐसा बयान दिया होता, तो उन्हें तुरंत जेल में डाल दिया जाता।
सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए पठान ने मांग की कि राणे के बयान पर पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पुलिस पर भी सवाल उठाया कि अभी तक राणे के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।



