जबलपुर में ‘पड़ोसियों के अधिकार अभियान’ का आगाज़ — जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने की इस्लाही पहल

जबलपुर, 21 नवंबर 2025। जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, जबलपुर ने एक बहुत ही अहम और दीन की बुनियादी तालीमात पर आधारित मुहिम—“पड़ोसियों के अधिकार अभियान”—का आगाज़ किया। “आदर्श पड़ोस, आदर्श समाज” के खूबसूरत पैग़ाम के साथ शुरू यह इस्लाही मुहिम 30 नवंबर 2025 तक शहरभर में चलेगी।
इस मुहिम का मक़सद लोगों के दिलों में पड़ोसियों के हक़, इंसानी हमदर्दी, एक-दूसरे का एहतराम, और समाज में अमन-ओ-मोहब्बत की फिज़ा को मज़बूत करना है—जो कि खुद इस्लाम की बुनियादी तालीमात में शामिल है।
इस्लाम ने पड़ोसियों के हक़ को बहुत ऊँचा मक़ाम दिया
जमाअत की ओर से बताए गया ….
- कुरान और हदीस में पड़ोसियों के हक़ पर बहुत तफ़सील से बातें मौजूद हैं।
- नबी ﷺ ने फर्माया कि जिब्रील (अ.स.) पड़ोसी के हक़ के बारे में इतनी ताकीद किया करते थे कि मुझे लगा कि शायद पड़ोसी भी विरासत में हिस्सा पाएगा।
- इस्लाम दया, इंसाफ, रहम और बुराई के बदले भलाई का पैग़ाम देता है।
- अगर हम मुसलमान इन तालीमात पर अमल कर लें, तो हमारा समाज अमन, भाईचारे और मोहब्बत की जन्नत बन सकता है।
जमाअत का कहना है कि आज की तेज़-रफ़्तार ज़िंदगी और बड़े शहरों में बढ़ते ज़ाती मफाद ने पड़ोसियों के हक़ को पीछे धकेल दिया है। बहुत से झगड़े सिर्फ इसलिए पैदा हो जाते हैं कि लोग एक-दूसरे को जानते तक नहीं, या एक-दूसरे के हक़ को अहमियत नहीं देते।
ऐसे माहौल में इस्लाम की असल तालीमात को याद दिलाना और समाज में मुहब्बत व रहम की हवा बहाना आज बहुत ज़रूरी हो गया है।
मुहिम का मक़सद — दिलों को जोड़ना, फ़ासले मिटाना
“पड़ोसियों के अधिकार अभियान” निम्न इस्लाही और समाजी उद्देश्यों को पूरा करने की कोशिश करेगा:
✔ पड़ोसियों के बीच गलतफहमियाँ दूर हों
✔ झगड़े कम हों, मोहब्बत और तआवुन बढ़े
✔ राहगीरों, यात्रियों और सह-कर्मियों के भी हक़ समझाए जाएँ
✔ स्वच्छता, अनुशासन और अदब-अख़लाक़ को बढ़ावा
✔ दूसरे मज़ाहिब के लोगों से ताल्लुक बेहतर हो
✔ मुसलमानों के बारे में फैली गलत धारणाएँ दूर हों
✔ मोहल्लों में अमन-ओ-चैन और भाईचारे का माहौल पैदा हो
इस्लामी तालीमात को समाज के सामने अमली तौर पर पेश करके जमाअत चाहती है कि मुसलमान खुद भी अपने अंदर इस्लाह पैदा करें और दूसरों तक भी अच्छा चरित्र पहुँचे।
अभियान में होंगे यह कार्यक्रम
अगले 10 दिनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में कई कार्यक्रम होंगे:
- पड़ोसियों के साथ चाय-गोष्ठी और मुलाक़ात
- महिलाओं और नौजवानों के लिए इस्लाही वर्कशॉप
- मोहल्लों में सफाई अभियान
- रास्ते और यातायात के हक़ पर जागरूकता
- “अपने पड़ोसी को जानिए” मुहिम
- सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम
- मोहल्लों की स्थानीय समितियों का गठन
- समुदायों के बीच तालमेल बढ़ाने वाली सभाएँ
इन कार्यक्रमों का लक्ष्य यह है कि मुहिम खत्म होने के बाद भी इस्लाही सोच और भाईचारे का माहौल जारी रहे।
प्रेस वार्ता में मौजूद रहे जिम्मेदारान
प्रेस वार्ता में जमाअत के कई जिम्मेदार मौजूद रहे:
- जमाअत-ए-इस्लामी हिंद जबलपुर के अध्यक्ष — गुलाम रसूल
- अभियान के प्रदेश कन्वीनर — शाहिद अहमद
- जान मोहम्मद, वकार अहमद, उबैदुल्ला आमिर, मोहम्मद मेहंदी, शकील अहमद, नसीब अली और हाजी पन्नू
जिम्मेदारानों ने शहरवासियों से अपील की कि इस मुहिम का हिस्सा बनें, पड़ोसियों के हक़ अदा करें, और समाज को इंसानी भाईचारे से रोशन करें।



