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डेडलाइन से सिर्फ कुछ घंटे बचे… UMEED पोर्टल की खराबी ने मुस्लिम समुदाय में मचाया हड़कंप, AIMPLB ने मांगी अर्जेंट मीटिंग!

नई दिल्ली। वक्फ प्रॉपर्टी रिकॉर्ड अपलोड करने की अंतिम तिथि अब बस कुछ ही घंटे दूर है, और इसी बीच UMEED पोर्टल की लगातार खराबियों ने देशभर के मुतवल्लियों, वक्फ बोर्डों और मुस्लिम संगठनों को गंभीर संकट में डाल दिया है। बुधवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री से तात्कालिक बैठक की मांग की है, ताकि पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों और डेडलाइन विस्तार पर बात हो सके।

पोर्टल बार-बार क्रैश, लाखों प्रॉपर्टी अपलोड करना ‘लगभग असंभव’
AIMPLB के प्रवक्ता एस. क्यू. आर. इलियास ने बताया कि UMEED पोर्टल—जिसे यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट सिस्टम कहा जाता है—पिछले कई दिनों से बार-बार क्रैश हो रहा है, धीमा चल रहा है या कई बार पूरी तरह बंद हो जा रहा है।
ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा डेडलाइन बढ़ाने से इनकार किए जाने के बाद लाखों वक्फ प्रॉपर्टी रिकॉर्ड समय पर अपलोड करना “तकनीकी रूप से लगभग असंभव” हो गया है।

इलियास ने कहा, “देश के मुतवल्ली और वक्फ बोर्ड के कर्मचारी पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पोर्टल की खराबियों के कारण आठ लाख से अधिक प्रॉपर्टी तय समय में अपलोड करना नामुमकिन जैसा हो गया है।”

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सोशल मीडिया पर उभरा गुस्सा — #FixUMEEDportal बना टॉप ट्रेंड
पोर्टल की दिक्कतों पर देशभर के मुस्लिम एक्टिविस्ट, वक्फ मैनेजमेंट कर्मचारी और कम्युनिटी लीडर्स ने सोशल मीडिया पर वीडियो और स्क्रीनशॉट शेयर किए।
#FixUMEEDportal कुछ ही घंटों में देश का ट्रेंडिंग विषय बन गया।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए चिंता जताई। उन्होंने X पर लिखा:
“ऐसी स्थिति में यह शक होना स्वाभाविक है कि इसके पीछे कोई गलत इरादा है।”

सुप्रीम कोर्ट ने नहीं बढ़ाई डेडलाइन
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ प्रॉपर्टी की डिजिटल अपलोडिंग के लिए छह महीने की डेडलाइन बढ़ाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई तकनीकी परेशानी है, तो उसका समाधान वक्फ ट्रिब्यूनल कर सकता है।
डेडलाइन 6 दिसंबर को समाप्त हो रही है।

AIMPLB ने मंत्री को भेजा पत्र, मीटिंग की अनुमति मांगते हुए
बोर्ड ने अपने महासचिव मौलाना मुहम्मद फजलुर रहीम मुजद्दिदी के माध्यम से अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री को पत्र लिखा है। इसमें निम्न मांगें की गई हैं—

  • UMEED पोर्टल की तकनीकी खराबियों को तुरंत ठीक किया जाए
  • डेडलाइन को बढ़ाया जाए ताकि सभी वक्फ प्रॉपर्टी वैध रूप से अपलोड हो सकें

बोर्ड का कहना है कि सरकार ने सभी वक्फ प्रॉपर्टी रिकॉर्ड अपलोड करने का आदेश दिया है, लेकिन पोर्टल की स्थिति ऐसी है कि “निर्देश का पालन करना तकनीकी रूप से संभव ही नहीं।”

अगर मीटिंग मिली — देशभर के बड़े मुस्लिम संस्थान शामिल होंगे
इलियास ने बताया कि यदि मंत्रालय बैठक की अनुमति देता है, तो AIMPLB की केंद्रीय नेतृत्व टीम के साथ देश के प्रमुख धार्मिक संगठनों और कम्युनिटी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

जून 2024 में लॉन्च हुआ था विवादित पोर्टल
6 जून को शुरू किया गया UMEED पोर्टल विवादों के बीच सामने आया था। नए वक्फ कानून को लेकर मुस्लिम समूहों का गहरा विरोध जारी है।
सरकार का कहना है कि यह पोर्टल एक सेंट्रलाइज़्ड डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जो वक्फ प्रॉपर्टी की रियल-टाइम अपलोडिंग, वेरिफिकेशन और मॉनिटरिंग को आसान बनाएगा।
लेकिन जमीनी स्तर पर पोर्टल की तकनीकी खामियां लाखों प्रॉपर्टी अपलोडिंग प्रक्रिया को ठप कर चुकी हैं।

जैसे-जैसे डेडलाइन नजदीक आ रही है, समुदाय की बेचैनी और सरकार पर दबाव दोनों बढ़ रहे हैं।

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