
आगरा। शहर में साम्प्रदायिक तनाव को भड़काने वाला एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक मुस्लिम कैब ड्राइवर को ज़बरदस्ती “जय श्री राम” बोलने पर मजबूर करने वाले युवक रोहित ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
वीडियो में दिखा डर और ज़बरदस्ती का माहौल
वायरल वीडियो में आरोपी रोहित ठाकुर कार के अंदर बैठे मुस्लिम ड्राइवर को बार–बार नारे लगाने के लिए धमकाता नज़र आता है। ड्राइवर की आवाज़ में साफ झलक रहा डर और घबराहट वीडियो को और भयावह बनाता है। सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने इसे सीधे तौर पर हेट क्राइम बताते हुए निंदा की।
पुलिस ने आरोपी के फोन से बरामद किए कई और भड़काऊ वीडियो
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने रोहित ठाकुर के मोबाइल फोन की जांच की। प्रारंभिक पड़ताल में पुलिस को कई और वीडियो मिले, जिनमें धार्मिक नफ़रत फैलाने वाले कंटेंट और अन्य समुदायों को उकसाने वाले क्लिप शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया पर लगातार ऐसा सामग्री पोस्ट कर रहा था, जो “कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा” माना गया है।
प्रशासन सतर्क, कई धाराओं में FIR दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धमकाने, धार्मिक भावनाएँ भड़काने, और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने जैसी गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया—
“किसी नागरिक को उसकी धार्मिक पहचान के आधार पर मजबूर या धमकाना गंभीर अपराध है। ऐसे कृत्य किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।”
ड्राइवर का बयान: ‘मैं जान बचाने के लिए बोल रहा था…’
पूछताछ में ड्राइवर ने स्वीकार किया कि उसे जान का डर था और वह किसी तरह बचकर निकलना चाहता था। उसने कहा कि वीडियो बनाते समय उसे अंदेशा नहीं था कि मामला इतना आगे बढ़ जाएगा, लेकिन उसे यह भी डर था कि विरोध करने पर स्थिति और बिगड़ सकती थी।
ह्यूमन राइट्स समूहों ने जताई चिंता
राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मानवाधिकार संगठनों ने इसे एक खतरनाक ट्रेंड बताते हुए चिंता जताई है। उनके अनुसार—
- धार्मिक पहचान के आधार पर किसी को अपमानित करना
- उसे राजनीतिक/धार्मिक नारे लगाने पर मजबूर करना
- उसकी सुरक्षा को खतरे में डालना
सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ
वीडियो वायरल होते ही ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर हजारों यूज़र्स ने पुलिस कार्रवाई की मांग की। वहीं कई संगठनों ने इसे “साम्प्रदायिक उकसावे की कोशिश” बताते हुए शांति बनाए रखने की अपील की।
आगरा पुलिस: ‘ऐसी घटनाओं को जड़ से खत्म करेंगे’
पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगा।
- आरोपी की सोशल मीडिया गतिविधियों की पूरी जांच होगी
- नेटवर्क या संगठनों से लिंक की भी पड़ताल
- अन्य वीडियो में शामिल लोगों पर भी कार्रवाई की तैयारी
अधिकारियों ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर “ज़ीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी।



