
जबलपुर। Jabalpur में Jamiat Ulema-e-Hind की जबलपुर शाखा द्वारा चलाया जा रहा “हर घर ईद” अभियान इस वर्ष भी जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत और उम्मीद का संदेश लेकर आया। ईद से पहले सैकड़ों परिवारों को एक महीने का राशन और आवश्यक घरेलू सामान उपलब्ध कराया गया, ताकि कोई भी घर त्योहार की खुशियों से महरूम न रहे।
खिदमत ही असली पहचान
जमीयत उलेमाए हिन्द देश की उन प्रतिष्ठित तंजीमों में से है, जिसने हमेशा शिक्षा, सामाजिक न्याय, राहत कार्य और कौमी एकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई है। जबलपुर शाखा द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम उसी सिलसिले की एक मजबूत कड़ी है।
“हर घर ईद” अभियान के तहत वितरित की गई ईद किट में आटा, चावल, दाल, तेल, शक्कर, सेवईं और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री शामिल थी। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि महंगाई के दौर में कई परिवारों के लिए त्योहार मनाना कठिन हो जाता है। ऐसे में समाज के जिम्मेदार लोगों का फर्ज बनता है कि वे आगे आकर सहयोग करें।
उलेमा और समाजसेवियों की मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान इमाम मोमिन ईदगाह जनाब हाफिज ताहिर साहब ने कहा कि ईद सिर्फ खुशी का नाम नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को याद रखने और उनकी मदद करने का भी नाम है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद इकबाल नदवी, सेक्रेट्री मोहम्मद राशिद खान, कोषाध्यक्ष अरशद अय्यूब, इबादुर रहमान अंसारी, सोहेल मालगुजार सहित जमीयत की पूरी टीम मौजूद रही। सभी ने मिलकर पारदर्शिता और अनुशासन के साथ वितरण कार्य संपन्न कराया।
समाज के लिए प्रेरणा
जमीयत उलेमाए हिन्द की यह पहल मुस्लिम समाज के लिए एक प्रेरणा है कि हम मिलकर अपने आसपास के जरूरतमंद परिवारों की जिम्मेदारी उठाएं। रमजान और ईद का असली संदेश भी यही है कि इंसानियत, भाईचारा और साझेदारी को मजबूत किया जाए।
संस्था पदाधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी शिक्षा सहायता, चिकित्सा सहायता और राहत कार्य जैसे कार्यक्रम निरंतर जारी रहेंगे। उनका उद्देश्य केवल त्योहारों तक सीमित नहीं, बल्कि साल भर समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़े रहना है।
“हर घर ईद” अभियान ने एक बार फिर यह साबित किया कि जब नियत साफ हो और इरादा खिदमत का हो, तो छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं।



