Jabalpur

जबलपुर में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए मुहिम शुरू

जबलपुर: जबलपुर शहर को खेल विश्वविद्यालय से वंचित किए जाने के खिलाफ विभिन्न संगठनों ने एकजुटता दिखाते हुए मुहिम शुरू कर दी है। हाल ही में हुई एक बैठक में महाकौशल क्रीड़ा परिषद के तहत निर्णय लिया गया कि संगठन के अधिकारी जबलपुर के लोकसभा और दो राज्यसभा सांसदों से मुलाकात करेंगे और इस दिशा में पहल करने का आग्रह करेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने भोपाल में राजस्व विभाग से खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए भूमि मांगी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जबलपुर को इस विश्वविद्यालय से वंचित किया जा सकता है। देश में पहले से ही छह स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटियां स्थापित की जा चुकी हैं, और अब केंद्र सरकार की अनुशंसा पर मध्यप्रदेश में एक नई यूनिवर्सिटी की स्थापना की योजना है।

बैठक में यह चर्चा की गई कि भोपाल के जनप्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश सरकार पर दबाव डाला है ताकि खेल विश्वविद्यालय की स्थापना भोपाल में की जा सके।

Advertisement

इस संदर्भ में, महाकौशल क्रीड़ा परिषद ने शुक्रवार को घंटाघर कॉफी हाउस में बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि जबलपुर के सांसद आशीष दुबे, राज्यसभा सदस्य सुश्री सुमित्रा वाल्मीक और एडवोकेट विवेक तंखा से मुलाकात कर उन्हें जबलपुर में क्रीड़ा विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बैठक में कई प्रमुख व्यक्ति शामिल हुए, जिनमें डॉ. पीजी नाजपांडे, डॉ. प्रशांत मिश्रा, दिनेश सिंह ठाकुर, राजेशकांत सोनकर, शिशिर तिवारी, और अन्य शामिल थे। यह मुहिम जबलपुर के खेल प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, और संगठनों ने इसे सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास करने की योजना बनाई है।

Shahbaz Rehmani

शहबाज़ रहमानी बाज़ मीडिया कॉर्पोरेशन प्रा. लि. के Founder और CEO हैं। यह एक तेज़ी से बढ़ती डिजिटल न्यूज़ कंपनी है जो मध्य भारत में पत्रकारिता को नया रूप दे रही है। उन्हें रिपोर्टिंग और संपादन का दस साल से ज़्यादा अनुभव है। वे पहले अग्निबाण अख़बार में संपादक रह चुके हैं और फिलहाल एक्सप्रेस मीडिया सर्विस (EMS) में न्यूज़ एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। शहबाज़ रहमानी डिजिटल पत्रकारिता में नई सोच और Innovationके लिए जाने जाते हैं। उनका मकसद है कि जबलपुर और आसपास की पत्रकारिता को सच्ची, भरोसेमंद और असरदार बनाकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया जाए। उनके… More »
Back to top button

You cannot copy content of this page