सायबर क्राइम से बचने के लिए जबलपुर पुलिस अधीक्षक ने दिए 10 जरूरी टिप्स – जानिए कैसे रहें सुरक्षित!”

जबलपुर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने बाज़ मीडिया से बात करते हुए आम नागरिकों से सायबर क्राइम के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि सायबर अपराधों से बचने के लिए लोगों को कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के साथ सायबर अपराध का सामना होता है, तो उसे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 130 पर कॉल करने या निकटतम पुलिस थाने में सूचना देने की सलाह दी गई है।
सोशल मीडिया पर सावधानी बरतें
पुलिस अधीक्षक ने सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं, जिन्हें हर व्यक्ति को ध्यान में रखना चाहिए:
- अंजान फ्रेंड रिक्वेस्ट को न स्वीकारें
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अंजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचें। यह धोखाधड़ी की दिशा में पहला कदम हो सकता है। - व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें
किसी भी प्रकार के पिन, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी को न तो लिखकर रखें और न ही किसी से साझा करें। - संदिग्ध लिंक या एप्लीकेशन से बचें
अंजान व्यक्तियों द्वारा भेजे गए किसी लिंक पर क्लिक करने या किसी एप्लीकेशन को इंस्टॉल करने से बचें। यह आपके डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकता है और व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो सकती है। - महंगे गिफ्ट्स पर न जाएं
ऑनलाइन मित्र द्वारा भेजे गए महंगे गिफ्ट्स के लालच में कभी भी कस्टम ड्यूटी, एक्सचेंज चार्ज आदि के नाम पर पैसे जमा न करें। यह एक सामान्य धोखाधड़ी का तरीका हो सकता है।
व्हाट्सएप और अन्य मैसेंजर पर सतर्कता
- वीडियो कॉल स्वीकार करते समय सतर्क रहें
व्हाट्सएप या अन्य मैसेंजर पर किसी अनजान नंबर से वीडियो कॉल स्वीकार न करें। केवल उन्हीं व्यक्तियों से कॉल करें, जिन्हें आप जानते हैं। - निजी तस्वीरें और वीडियो साझा न करें
अपनी निजी तस्वीरें, वीडियोज या अन्य संवेदनशील जानकारी सोशल मीडिया पर किसी के साथ साझा न करें, क्योंकि इससे आपकी सुरक्षा पर खतरा हो सकता है।
एटीएम और बैंकिंग सुरक्षा
- एटीएम बूथ पर अंजान व्यक्ति से मदद न लें
पुलिस अधीक्षक ने सलाह दी कि एटीएम बूथ पर किसी अंजान व्यक्ति से मदद न लें। यदि संभव हो तो किसी रिश्तेदार या परिचित को साथ लेकर एटीएम का उपयोग करें। - सही संपर्क जानकारी का प्रयोग करें
किसी संस्थान या कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क करने के लिए उनकी अधिकृत वेबसाइट का ही उपयोग करें। गूगल या अन्य सर्च इंजन से मिले नंबरों पर संपर्क करने से बचें, क्योंकि धोखेबाज गलत नंबर देकर लोगों को ठग सकते हैं।
धोखाधड़ी और धोखाधड़ी के कॉल्स से सावधान रहें
पुलिस अधीक्षक ने लोगों को विभिन्न प्रकार के धोखाधड़ी कॉल्स से सावधान रहने की सलाह दी:
- जीवन बीमा पॉलिसी के नाम पर धोखाधड़ी
जीवन बीमा पॉलिसी के बोनस या अन्य लाभ के नाम पर कॉल करने वाले अपराधियों से सतर्क रहें। किसी भी प्रोसेसिंग फीस या चार्ज के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें। - झूठे कॉल्स और मेल्स से सावधान रहें
बैंक, बीमा कंपनियां, पेंशन कार्यालय आदि के नाम पर कॉल्स, एसएमएस या ईमेल के माध्यम से धोखाधड़ी की जाती है। ऐसे किसी भी कॉल या मेल को नजरअंदाज करें और सीधे संबंधित कार्यालय से संपर्क करें। - कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर ठगी
पुलिस या अन्य जांच एजेंसियों के नाम पर बच्चों या नाती-पोतों को गिरफ्तार करने की धमकी देने वाले कॉल्स से बचें। ऐसे कॉल्स में किसी भी प्रकार के भुगतान को स्वीकार न करें, क्योंकि डिजिटल गिरफ्तारी जैसा कोई प्रावधान नहीं है।
इंवेस्टमेंट और ट्रेडिंग धोखाधड़ी से बचें
पुलिस अधीक्षक ने सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, टेलीग्राम आदि पर हो रही निवेश, टास्क या ट्रेडिंग धोखाधड़ी के बारे में भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रुप्स में न जुड़ें और न ही किसी प्रकार का पेमेंट करें, क्योंकि इनमें ठगी की संभावना अधिक होती है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सायबर क्राइम से बचने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि लोग जागरूक रहें और सुरक्षा उपायों का पालन करें। वे चाहते हैं कि लोग इन सावधानियों को ध्यान में रखते हुए खुद को सायबर अपराधियों से बचा सकें। पुलिस द्वारा जारी की गई दिशा-निर्देशों का पालन करके, हम सायबर धोखाधड़ी से बच सकते हैं और सुरक्षित रह सकते हैं।



