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हमास ने माना शहीद हो गये अल कस्साम ब्रिगेड के कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद अल दीफ

गाजा (कुद्स न्यूज नेटवर्क)- हमास के सैन्य विंग अल-क़स्साम ब्रिगेड के कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद अल दीफ और अन्य नेताओं की मौत की खबर के बाद गाजा और दुनिया भर के फिलिस्तीनी लोगों में गुस्सा और दुख लहर  है।

हमास ने कल ऐलान किया था कि उनके सबसे बड़े सैन्य कमांडर मोहम्मद अल-दीफ शहीद हो गए हैं। गौरतलब है कि इजरायली सेना ने जुलाई में एक हवाई हमले में दीफ की मौत का दावा किया था, लेकिन फिलिस्तीनी समूह ने तक इसकी पुष्टि नहीं की थी।

अल-क़स्साम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने कहा कि उनकी मौत “शहादत” के है। उन्होंने कहा, “यह हमारे नेता मोहम्मद दीफ के लिए सबसे बेहतर इनाम था, जिन्होंने 30 साल से अधिक समय तक दुश्मन को परेशान किया।”  

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मोहम्मद अल-दीफ 1990 के दशक में अल-क़स्साम ब्रिगेड के संस्थापकों में से एक थे और 20 साल से अधिक समय तक इस ब्रिगेड का नेतृत्व किया। वो ब्रिगेड के मास्टर माइंड माने जाते थे, उन्होंने इजरायल के खिलाफ दर्जनों सफल आपरेशन किया. वहीं दीफ हमास के टनल नेटवर्क के भी मास्टर माने जाते थे.

उप सैन्य कमांडर भी शहीद 

 अबू ओबैदा ने यह भी कहा कि उप सैन्य कमांडर मारवान इस्सा भी शहीद हो गए हैं। उन्होंने कई अन्य कमांडरों की मौत की भी घोषणा की, जिनमें हथियार और युद्ध सेवाओं के कमांडर गाजी अबू तमा, मानव संसाधन के कमांडर और आपूर्ति इकाई के प्रमुख राएद थाबेत और खान यूनिस ब्रिगेड के कमांडर रफी सलामा शामिल हैं।

दीफ की विरासत

मोहम्मद अल-दीफ की मौत ने फिलिस्तीनी प्रतिरोध आंदोलन में एक बड़ा शून्य पैदा कर दिया है। उनकी विरासत फिलिस्तीनियों के लिए हौसले और हिम्मत का जरिया बनी रहेगी। उनके समर्थकों का मानना है कि उनकी शहादत फिलिस्तीन की आजादी के संघर्ष को और मजबूत करेगी।

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