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Baz World: अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को भेजा नया शांति प्रस्ताव — Tasneem के अनुसार ईरान कर रहा है अध्ययन, जवाब अभी बाकी

तेहरान/वाशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव और नाजुक युद्धविराम के बीच एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से बताया है कि अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को एक नया प्रस्ताव भेजा है, जिसे ईरान अभी अध्ययन कर रहा है और अभी तक उसका कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया है। पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों के बीच मसौदा समझौतों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहा है।


🌐 पृष्ठभूमि — अमेरिका-ईरान युद्ध और युद्धविराम

28 फरवरी 2026 को अमेरिका-ईरान युद्ध की शुरुआत हुई। 8 अप्रैल 2026 को दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू हुआ — लेकिन यह अत्यंत नाजुक स्थिति में है। युद्धविराम के बाद भी इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमले जारी रखे और सैकड़ों लोग मारे गए।

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युद्धविराम समझौते के बाद ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों और जहाजों पर नाकेबंदी (blockade) की घोषणा की, जिससे ईरान का तेल निर्यात और राजस्व का प्रमुख स्रोत बाधित हुआ। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को प्रभावी रूप से बंद कर दिया — जिससे दुनिया के एक-पांचवें तेल और LNG की आपूर्ति प्रभावित हुई।


📜 नया अमेरिकी प्रस्ताव — पाकिस्तान बना माध्यम

तस्नीम न्यूज एजेंसी के सूत्र के अनुसार अमेरिका ने ईरान को एक नया शांति प्रस्ताव (peace proposal) पाकिस्तान के जरिए भेजा है। ईरान इस प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा है, लेकिन अभी तक इसका जवाब नहीं दिया गया है।

तस्नीम ने यह भी बताया कि अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के OFAC (Office of Foreign Assets Control) के जरिए ईरान के तेल प्रतिबंधों पर अस्थायी छूट देने की बात नए प्रस्ताव में है — जो पिछले मसौदों में नहीं थी। हालांकि ईरान की मांग है कि सभी प्रतिबंध पूरी तरह हटाए जाएं।

📋 नए प्रस्ताव की मुख्य बातें (सूत्रों के अनुसार):
✅ तेल निर्यात पर अस्थायी प्रतिबंध छूट — जब तक अंतिम समझौता न हो
✅ ईरान के जमे हुए विदेशी संपत्तियों का एक हिस्सा (लगभग एक-चौथाई) रिलीज
✅ IAEA की निगरानी में सीमित परमाणु गतिविधि की अनुमति की संभावना
✅ पाकिस्तान बना मध्यस्थ — दोनों पक्षों के बीच संपर्क जारी
❌ यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करने की मांग — जिसे ईरान अस्वीकार करता है

⚛️ परमाणु मुद्दा — सबसे बड़ी बाधा

बातचीत में सबसे बड़ी बाधा परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका मांग करता रहा है कि:

🔴 ईरान यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करे (शून्य प्रतिशत तक)
🔴 ईरान के पास मौजूद 440 किलोग्राम 60% समृद्ध यूरेनियम विदेश भेजा जाए
🔴 नतांज, इस्फहान और फोर्डो परमाणु सुविधाएं नष्ट की जाएं
🔴 ईरान परमाणु हथियार कभी न बनाने की प्रतिबद्धता दे

ईरान इन मांगों को अस्वीकार करता है। ईरान का कहना है कि शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु तकनीक उसका अधिकार है और यूरेनियम संवर्धन जारी रहेगा।


💰 ईरान की मांगें

सभी प्रतिबंध पूरी तरह हटाए जाएं
विदेशों में जमे सभी ईरानी संपत्तियां रिलीज की जाएं
अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी (blockade) समाप्त की जाए
✅ युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा (reparations)
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता की मान्यता
लेबनान युद्ध का अंत
अमेरिकी सेना की वापसी

🤝 ट्रंप का रुख — “डील होना चाहती है ईरान”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान एक समझौता करना चाहता है। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में बहुत अच्छी बातचीत हुई है और बहुत संभव है कि एक डील हो जाए। साथ ही ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान “गड़बड़” करता है तो अमेरिका फिर से हमले शुरू कर सकता है।

कतर, सऊदी अरब और UAE के नेताओं ने ट्रंप से अनुरोध किया है कि वह हमले की योजना टाल दें क्योंकि एक डील होने की संभावना है।


⚠️ युद्धविराम “जीवन रक्षक प्रणाली” पर — क्या टूट सकती है शांति?

ट्रंप ने पहले ईरान के एक प्रस्ताव को “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताते हुए कहा था कि “युद्धविराम जीवन रक्षक प्रणाली (life support) पर है।” ईरान के कट्टरपंथियों का दबाव भी है कि जब तक ईरान की शर्तें नहीं मानी जातीं, कोई और बातचीत नहीं होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्ष बातचीत से पूरी तरह हाथ नहीं खींचेंगे, लेकिन आपसी अविश्वास एक बड़ी बाधा है। ईरान अमेरिका और ट्रंप पर भरोसा नहीं करता — खासकर 2018 में JCPOA से अमेरिकी वापसी के बाद।

📌 स्थिति का सारांश:
🕊️ युद्धविराम: 8 अप्रैल 2026 से लागू — अत्यंत नाजुक
📨 नया अमेरिकी प्रस्ताव: पाकिस्तान के जरिए ईरान को भेजा गया
📖 ईरान का रुख: प्रस्ताव का अध्ययन जारी — अभी कोई जवाब नहीं
🚢 होर्मुज: ईरान द्वारा प्रभावी रूप से बंद
अमेरिकी नाकेबंदी: ईरानी तेल निर्यात प्रतिबंधित
🇵🇰 मध्यस्थ: पाकिस्तान
⚛️ मुख्य बाधा: परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंध

— रिपोर्ट: BazMedia.in | स्रोत: Al Mayadeen, Tasnim News Agency, Al Jazeera | दिनांक: 21 मई 2026

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