
📅 जबलपुर | 31 अक्टूबर 2025 | जबलपुर मौसम | जबलपुर में इस बार अक्टूबर महीने ने मौसम का पूरा मिजाज बदल दिया। आमतौर पर यह महीना सूखे आसमान और ठंड की शुरुआत के लिए जाना जाता है, लेकिन मोंथा तूफान के असर से आसमान झूम उठा। कार्तिक मास में सावन जैसी झड़ी लगी और बारिश ने 108 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
1 अक्टूबर से आज तक कुल 176.8 मिमी (करीब 7 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई है। यह आंकड़ा 1916 के बाद अक्टूबर में सबसे अधिक वर्षा का है। उस वर्ष 265.7 मिमी (करीब 10.5 इंच) बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद से अब तक कभी इतनी बारिश नहीं हुई।
2022 में अक्टूबर में 97.3 मिमी वर्षा हुई थी, जबकि सामान्यतः यह आंकड़ा मुश्किल से 50 मिमी (2 इंच) तक पहुंचता है।
🌪️ मोंथा तूफान ने बदला मौसम का रुख
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में मोंथा तूफान के सक्रिय होने से निचले दबाव का क्षेत्र बन गया, जिसके कारण लगातार बारिश हुई। पिछले 24 घंटों में 44.4 मिमी (करीब पौने दो इंच) वर्षा दर्ज की गई। शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही।
मौसम विभाग के अनुसार, 1 नवंबर तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है, जबकि 2 नवंबर से आसमान साफ होना शुरू होगा।
फिलहाल सक्रिय लो-प्रेशर एरिया बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ गया है। इसके बाद प्रदेश में कोहरे और ठंड के बढ़ने की संभावना है।
🌤️ तापमान में गिरावट और नमी में बढ़ोतरी
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार:
- अधिकतम तापमान: 24.05°C (सामान्य से 6 डिग्री कम)
- न्यूनतम तापमान: 20.6°C (सामान्य से 4 डिग्री अधिक)
- सुबह की नमी: 96%, शाम की नमी: 87%
- हवाओं की रफ्तार: 4–5 किमी/घंटा (उत्तर-पूर्वी दिशा)
पिछले वर्ष आज के दिन अधिकतम तापमान 34.06°C और न्यूनतम 19.0°C दर्ज किया गया था।
अगले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना है। 3 नवंबर के बाद बादल छंटने और 5 से 13 नवंबर के बीच मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है।
🌾 धान और मक्का की फसलें डूबीं, किसानों की बढ़ी चिंता
लगातार बारिश ने किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। धान और मक्का की फसलें कटाई के लिए पूरी तरह तैयार थीं, लेकिन अब खेतों में पानी भर जाने से फसलें डूब गईं।
किसानों ने बताया कि वे हार्वेस्टर मशीनों की बुकिंग पहले से कर चुके थे, लेकिन गीली मिट्टी और जलभराव के कारण कटाई रोकनी पड़ी है।
एक स्थानीय किसान ने बताया —
“सुबह खेतों में गए तो जमीन पर पानी ही पानी था। अब तेज धूप निकलेगी तभी कटाई संभव होगी।”
धान की बालियां झुकने लगी हैं, जिससे फसल गिरने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल किसान आसमान के साफ होने और अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित घर तक पहुंचाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
❄️ अब ठंड की दस्तक जल्द
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही आसमान साफ होगा, ठंड तेजी से प्रभावी होगी।
नवंबर के पहले सप्ताह में सुबह और रात के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखी जा सकती है। बारिश के बाद की नमी कोहरे के बनने में सहायक होगी।
🕓 सूर्योदय: 6:15 बजे
🌇 सूर्यास्त: 5:32 बजे



