
जबलपुर । संस्कारधानी जबलपुर में इस वर्ष गणतंत्र दिवस का पर्व केवल जश्न तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इंसाफ और नागरिक सुविधा की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल का गवाह बना। इस पावन अवसर पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने नागरिकों को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से ‘चलित न्यायालय रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल न्याय को आम आदमी के दरवाज़े तक पहुँचाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर पीठ के अन्य माननीय न्यायमूर्तिगण, महापौर, नगर निगम अध्यक्ष, निगमायुक्त एवं नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मंचासीन रहे। समारोह में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, अधिकारी और गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने अपने संबोधन में इस नवाचार की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह रथ केवल एक वाहन नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता कोर्ट रूम है, जो न्याय की भावना को ज़मीन पर उतारने का काम करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब नागरिकों को नगर निगम से जुड़े राजस्व, स्वच्छता, अतिक्रमण जैसे छोटे-मोटे मामलों के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। न्याय खुद जनता के पास पहुंचेगा और समस्याओं का त्वरित समाधान होगा।
नवाचार से आम नागरिकों को मिलेगी बड़ी राहत
महापौर श्री जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने इसे नगर निगम जबलपुर की ओर से शहरवासियों के लिए एक अनूठी और जनहितैषी सौगात बताया। उन्होंने कहा कि आम लोगों के छोटे विवाद और कानूनी प्रक्रियाएं अक्सर समय और पैसे की बर्बादी का कारण बनती हैं। चलित न्यायालय रथ के माध्यम से अब वही विवाद मौके पर ही सुने जाएंगे और इंसाफ तेजी से मिलेगा।
नगर निगम अध्यक्ष श्री रिंकू विज और निगमायुक्त श्री राम प्रकाश अहिरवार ने भी इस पहल को पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सोच यही है कि सुविधाएं जनता के दरवाज़े तक पहुंचें, ताकि भरोसा और विश्वास दोनों मजबूत हों।
समय, धन और मेहनत—तीनों की होगी बचत
निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि मौके पर ही सुनवाई और समाधान होने से जनता के समय और धन दोनों की बचत होगी। खुले तौर पर अधिकारियों की मौजूदगी में मामलों का निराकरण होने से प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक देरी से भी निजात मिलेगी।
उन्होंने कहा कि चलित न्यायालय रथ के जरिए कानूनी बोझ कम होगा और नागरिकों को यह अहसास होगा कि प्रशासन उनकी बात सुनने और समाधान देने के लिए उनके साथ खड़ा है।
आधुनिक तकनीक से लैस है ‘न्याय रथ’
यह चलित न्यायालय रथ अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित है, ताकि संक्षिप्त लेकिन प्रभावी कानूनी सुनवाई की जा सके। रथ में
- निगरानी और पारदर्शिता के लिए सीसीटीवी कैमरे,
- डेटा और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए कंप्यूटर और ऑपरेटर,
- तथा सूचनाओं के प्रसारण और जागरूकता के लिए एलईडी टीवी की व्यवस्था की गई है।
इन सुविधाओं के जरिए मौके पर ही मामलों की सुनवाई, रिकॉर्डिंग और त्वरित निर्णय संभव हो सकेगा।
गणमान्य जनों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्तिगणों के साथ-साथ अपर आयुक्त अरविंद शाह, बार अध्यक्ष, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री जी.एस. मरावी, सहायक विधि अधिकारी राजीव अंभोरे सहित नगर निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
गणतंत्र दिवस के मौके पर शुरू की गई यह पहल सिर्फ एक प्रशासनिक योजना नहीं, बल्कि संविधान में निहित न्याय, समानता और गरिमा के उसूलों को ज़मीन पर उतारने की कोशिश है। जबलपुर में शुरू हुआ यह ‘चलित न्यायालय रथ’ आने वाले समय में इंसाफ को और ज़्यादा मानवीय, आसान और आम लोगों के करीब बनाने की उम्मीद जगाता है।



