
दीनी तालीम हासिल करने वाले तलबा-ओ-तालिबात की सरपरस्ती, करीब 100 बच्चों को इनामात
जबलपुर। चारखम्बा स्थित मस्जिद हुडा में क़ायम मदरसा मकतब हुडा का सालाना जलसा-ए-तकसीम-ए-इनामात बीते दिनों इंतिहाई खुशनुमा माहौल में मुनअकिद हुआ। इस मौके पर दीनी, समाजी और सियासी रहनुमाओं की मौजूदगी में मकतब से कोर्स मुकम्मल करने वाले तलबा-ओ-तालिबात की सरपरस्ती की गई और उन्हें इनामात से नवाज़ा गया।
जलसे में जमाअते इस्लामी मध्य प्रदेश के मआविन अमीर हलका मोहम्मद इम्तियाज साहब, वार्ड पार्षद वकील अहमद अंसारी, और समाजसेवी हाजी महमूद साहब मेहमान-ए-खुसूसी रहे। कार्यक्रम की निज़ामत मोहम्मद साबिर साहब ने अंजाम दी, जबकि आखिर में मस्जिद सदर मोहम्मद शकील साहब ने इज़हार-ए-तशक्कुर पेश करते हुए तमाम मेहमानान और शिरक़त करने वालों का शुक्रिया अदा किया।
दीनी तर्बियत में वालिदैन का अहम किरदार
अपने सदारती खिताब में मोहम्मद इम्तियाज साहब ने बच्चों की दीनी तर्बियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि एक नेक और बामकसद नस्ल की तामीर में वालिदैन का किरदार बुनियादी अहमियत रखता है। उन्होंने तालीम के साथ अख़लाक और किरदारसाज़ी पर खास तवज्जो देने की अपील की।
वहीं मेहमान-ए-खुसूसी वार्ड पार्षद वकील अहमद अंसारी ने मकतब हुडा की समाजी खिदमात को सराहते हुए कहा कि ऐसे इदारों से न सिर्फ दीनी तालीम को फरोग मिलता है बल्कि समाज में भाईचारे और अख़लाकी क़द्रों को भी मजबूती मिलती है।

हाजी महमूद साहब ने तलबा-ओ-तालिबात की हौसलाआफजाई करते हुए उन्हें मेहनत और लगन से तालीम हासिल करने की नसीहत की। इस दौरान मोहम्मद साबिर साहब ने मकतब के क़याम के मकसद, तालीमी निज़ाम और जारी कोर्सेज़ के बारे में तफ्सील से जानकारी पेश की।
बच्चों को इनामात से नवाज़ा गया
कार्यक्रम के आखिर में करीब 100 बच्चों को उनकी तालीमी कामयाबी और बेहतरीन कारगुज़ारी पर इनामात देकर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल में खुशी और जोश का इज़हार देखने को मिला।
यह सालाना जलसा मकतब की तालीमी व दीनी खिदमात का अहम हिस्सा रहा, जिसमें बड़ी तादाद में अहल-ए-मोहल्ला और खवातीन-ओ-हज़रात ने शिरकत की।



