(जबलपुर) सालों से जेल में बंद नया मोहल्ला के रज्जाक पहलवान को जमानत मिलने के आसार, हाईकोर्ट में सुनवाई जारी

जबलपुर। लंबे समय से जेल में बंद नया मोहल्ला के अब्दुल रज्जाक की रिहाई को लेकर कानूनी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के बीच जमानत को लेकर संभावनाओं पर अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि इस संबंध में अदालत का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
रज्जाक की जमानत याचिका पर शुक्रवार मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में राज्य सरकार ने याचिका की ग्राह्यता पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि हिरासत का ठोस आधार स्पष्ट नहीं होने के कारण इसे चुनौती देने का आधार कमजोर है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली सुनवाई 16 मार्च को तय करते हुए कार्यवाही स्थगित कर दी।
सरकार की आपत्ति….
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और शासकीय अधिवक्ता मानस मणि वर्मा ने अदालत को बताया कि रज्जाक की पत्नी सबीना बेगम ने पहले हिरासत के खिलाफ याचिका दायर की थी, जिसे 8 जुलाई 2025 को वापस ले लिया गया था।
उन्होंने तर्क दिया कि नई याचिका में हिरासत को चुनौती देने के लिए ठोस आधार प्रस्तुत नहीं किया गया है, इसलिए यह सुनने योग्य नहीं है। साथ ही सरकार ने कहा कि राहत पाने के लिए आरोपी को नियमित जमानत आवेदन प्रस्तुत करना चाहिए, न कि इस प्रकार की याचिका दाखिल करनी चाहिए।
एनएसए कार्रवाई पर विवाद
याचिका में आरोप लगाया गया है कि व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता के चलते रज्जाक पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की गई और यह कदम पूर्व मंत्री व विधायक संजय पाठक के इशारे पर उठाया गया।
हाईकोर्ट के निर्देश पर 31 अक्टूबर को विधायक का नाम सार्वजनिक होने के बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया था। हालांकि संजय पाठक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनका इस कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है।
अगली सुनवाई 16 मार्च
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली और अधिवक्ता शारिक अकील फारूकी ने सरकार की आपत्तियों पर जवाब देने के लिए समय मांगा। अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 16 मार्च निर्धारित कर दी है।



