
मस्कट / नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में चल रही जंग का असर अब सीधे आम लोगों पर दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को ओमान के औद्योगिक शहर सोहार (Sohar) में हुए एक ड्रोन हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य भारतीय घायल हो गए। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह हमला उस समय हुआ जब क्षेत्र में ईरान-इज़राइल और अमेरिका से जुड़ा सैन्य तनाव तेजी से बढ़ रहा है और खाड़ी क्षेत्र में लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएँ हो रही हैं। (The Times of India)
📍 कहां हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक यह हमला ओमान के सोहार शहर के अल-अवाही इंडस्ट्रियल एरिया में हुआ।
- यहां दो ड्रोन गिरने की सूचना मिली
- एक ड्रोन औद्योगिक क्षेत्र में गिरा जिससे मौत और कई लोग घायल हुए
- दूसरा ड्रोन खुले इलाके में गिरा, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ
ओमान की स्थानीय एजेंसियां इस हमले की जांच कर रही हैं। (Business Standard)
👷 मरने वाले और घायल कौन थे
बताया जा रहा है कि हमले में मारे गए दोनों लोग भारतीय प्रवासी मजदूर थे जो वहां काम कर रहे थे।
- कुल 11 लोग घायल हुए
- इनमें से 10 भारतीय नागरिक बताए गए हैं
- कुछ घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई
- बाकी का इलाज अभी जारी है
भारत का दूतावास ओमान की सरकार और कंपनी से संपर्क में है और घायलों की मदद की जा रही है।
⚠️ पश्चिम एशिया की जंग में भारतीयों पर खतरा
यह घटना इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि यह ईरान से जुड़े युद्ध के दौरान किसी खाड़ी देश में जमीन पर भारतीयों की पहली मौत बताई जा रही है।
इससे पहले भी इस संघर्ष में:
- 3 भारतीय नाविक व्यापारी जहाजों पर हमलों में मारे जा चुके हैं
- ओमान की घटना के बाद कुल भारतीय मौतों की संख्या 5 हो गई है
🌍 क्यों बढ़ रहे हैं हमले
विशेषज्ञों के मुताबिक यह सब फरवरी 2026 में शुरू हुई पश्चिम एशिया की जंग का हिस्सा है।
- अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद
- ईरान और उससे जुड़े समूह ड्रोन व मिसाइल हमले कर रहे हैं
- खाड़ी के कई बंदरगाह और तेल सुविधाएं निशाने पर हैं
ओमान के डुक्म, सलालाह और सोहार जैसे बंदरगाहों पर पिछले दिनों कई ड्रोन हमले हो चुके हैं।
भारत सरकार क्या कर रही है
भारत सरकार ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया में रहने वाले लगभग 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा पर नजर रख रही है।
- अब तक 1.5 लाख से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया गया
- कई देशों से भारतीयों को निकालने के लिए विशेष उड़ानें चलाई जा रही हैं
- भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय सरकारों से संपर्क में हैं
✅ नतीजा:
पश्चिम एशिया की जंग अब सिर्फ देशों के बीच की लड़ाई नहीं रही। इसका असर सीधे उन लाखों भारतीयों पर पड़ रहा है जो खाड़ी देशों में रोज़गार के लिए काम करते हैं। ओमान में हुई यह घटना इस बात का संकेत है कि अगर हालात जल्दी नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में खतरा और बढ़ सकता है।



