ईंधन संकट की आशंकाओं पर सरकार का जवाब: प्रदेश में पर्याप्त स्टॉक, अफवाहों से बचें
जबलपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों से चर्चा में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने दी विस्तृत जानकारी

जबलपुर। शहर में बीते कुछ दिनों से एलपीजी सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने स्थिति स्पष्ट की है। रविवार को जबलपुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की वास्तविक ईंधन कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय है।
कतारों की तस्वीरों से बना भ्रम
बाज़ मीडिया द्वारा गैस एजेंसियों के बाहर लगी कतारों को लेकर सवाल पूछे जाने पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती दिनों में कुछ स्थानों पर भीड़ अवश्य देखी गई थी, लेकिन वह घबराहट के कारण उत्पन्न स्थिति थी। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने तत्काल समीक्षा बैठक कर प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त आपूर्ति भेजी। वर्तमान में वितरण सामान्य गति से चल रहा है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडर मिल रहे हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डिपो स्तर पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई चेन में कोई व्यवधान नहीं है। पेट्रोल पंपों पर भी सामान्य रूप से ईंधन उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों के आधार पर अनावश्यक भंडारण न करें।
मुख्यमंत्री स्तर पर हो रही निगरानी
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। राज्य स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा गया है। जिन जिलों में दबाव की स्थिति बनी थी, वहां अतिरिक्त टैंकर और सिलेंडर भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक को रसोई गैस या परिवहन ईंधन के लिए परेशानी न उठानी पड़े। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
केंद्र सरकार की कर राहत का उल्लेख
ईंधन कीमतों के मुद्दे पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री देवड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कमी की गई है, जबकि डीजल पर केंद्रीय कर में राहत प्रदान की गई है। इस कदम से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है और परिवहन लागत में भी कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि त्योहारी अवसर पर दी गई यह राहत आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है और राज्य सरकार भी केंद्र के साथ मिलकर आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को संतुलित रखने के प्रयास कर रही है।
जमाखोरी पर सख्ती, अफवाहों से सावधान रहने की अपील
जमाखोरी के सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पुलिस को संयुक्त रूप से निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई अवैध भंडारण करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ रहा है, लेकिन राज्य सरकार ने वैकल्पिक आपूर्ति तंत्र को सक्रिय रखा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें।
“घबराने की जरूरत नहीं”
चर्चा के अंत में उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में ईंधन की कोई वास्तविक किल्लत नहीं है। सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में समस्या सामने आती है तो प्रशासन तुरंत समाधान करेगा।
जबलपुर सहित प्रदेशभर में उठे ईंधन संकट के सवालों के बीच सरकार का यह बयान स्थिति को स्पष्ट करने वाला माना जा रहा है। अब देखना होगा कि जमीनी स्तर पर वितरण व्यवस्था कितनी सुचारू रहती है और आम नागरिकों को कितनी राहत मिलती है।



