
जबलपुर। आईपीएल क्रिकेट मैच शुरू होते ही शहर में ऑनलाइन सट्टे का कारोबार एक बार फिर तेज हो गया है। चर्चा है कि युवा से लेकर बुजुर्ग तक बड़ी संख्या में लोग इस जाल में फंस रहे हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर सब कुछ सामान्य दिख रहा है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई बड़ा या नामचीन सटोरिया नहीं लगा है। हालांकि पुलिस का दावा है कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सटोरियों पर नजर रखने के लिए पूरी “फील्डिंग” लगा दी गई है।
डिजिटल हुआ सट्टा कारोबार
सूत्रों के अनुसार अब सट्टा पूरी तरह हाईटेक हो चुका है। बुकी अपने चुनिंदा ग्राहकों को व्हाट्सऐप के जरिए एप का लिंक भेजते हैं। लिंक से सीधे मोबाइल में एप इंस्टॉल कराया जाता है। कई लोग वीपीएन का इस्तेमाल कर दांव लगा रहे हैं, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।
मैच के रेट, सेशन और अन्य अपडेट सीधे मोबाइल पर दिए जाते हैं। हार-जीत की रकम बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर होने की चर्चा है। पूरा नेटवर्क डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित हो रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर कार्रवाई करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
पुलिस से चार कदम आगे सटोरिए?
आईपीएल सट्टा खिलाने वालों पर कार्रवाई के लिए पुलिस थाना और क्राइम ब्रांच अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय बताए जा रहे हैं। साइबर सेल की मदद से ऑनलाइन नेटवर्क को ट्रैक करने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि जानकारों का कहना है कि पहले की तुलना में पुलिस का मुखबिर तंत्र कमजोर पड़ा है। सटोरिए हर कदम पर पुलिस से आगे नजर आ रहे हैं। क्राइम ब्रांच द्वारा कुछ चिन्हित इलाकों में छापेमारी की तैयारी की बात सामने आई है, लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई सार्वजनिक नहीं हुई है।
मुंबई कनेक्शन और सिंडीकेट की चर्चा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आईपीएल के दौरान मुंबई के कुछ बड़े सटोरियों की सक्रियता भी बढ़ी है। जबलपुर के साथ कटनी, दमोह, मंडला, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, सतना, शहडोल और अनूपपुर सहित आसपास के जिलों में नेटवर्क फैलने की खबर है।
बताया जा रहा है कि एक बड़ा सिंडीकेट रिहायशी इलाकों के खाली पड़े मकानों से हाईटेक तरीके से सट्टा संचालित कर रहा है।
इन इलाकों पर नजर
शहर के गोरखपुर, गोहलपुर, ओमती, अधारताल, रांझी, विजय नगर, मदनमहल, भेड़ाघाट, गढ़ा, बरगी, ग्वारीघाट, माढ़ोताल, कोतवाली, लार्डगंज, पाटन, बरेला, मझौली, सिहोरा और खितौला थाना क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखे जाने की बात कही जा रही है।
इसके अलावा बड़ा फुहारा, राइट टाउन, विजय नगर, गोरखपुर, हनुमानताल और निवाड़गंज क्षेत्रों में भी सट्टा गतिविधियों की चर्चाएं तेज हैं।
सवाल बरकरार
रोज बड़े मैच हो रहे हैं, लाखों रुपये के दांव लगने की चर्चा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा है। ऐसे में शहर में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सटोरिए पुलिस से आगे हैं या फिर सब कुछ जानकर भी अनजान बना जा रहा है?
फिलहाल आईपीएल के हर मैच के साथ सट्टे का बाजार भी गर्म है। शहर में चर्चा तो हर जगह है, लेकिन कागजों में कहीं कुछ नहीं। ‘तेरी भी चुप, मेरी भी चुप’ के बीच खेल जारी है।



