3 साल बाद जागी भाजपा! नई नगर कार्यकारिणी घोषित, मंत्री का दबदबा, संगठन-संघ और विधायकों के बीच संतुलन साधने की कोशिश

सेंट्रल डेस्क, बाज मीडिया, जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी महानगर जिला इकाई की नई कार्यकारिणी का ऐलान आखिरकार तीन साल के लंबे अंतराल के बाद कर दिया गया है। मलमास की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले जारी हुई इस सूची को संगठनात्मक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। नई कार्यकारिणी में जहां लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह का प्रभाव साफ तौर पर दिखाई देता है, वहीं सांसद, विधायकों, संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पसंद को भी जगह देकर संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, महानगर इकाई की कार्यकारिणी को लेकर लंबे समय से अंदरखाने मंथन चल रहा था। नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर ने करीब 11 महीने पहले पदभार संभाला था, लेकिन इसके बावजूद कार्यकारिणी के गठन में देरी होती रही। इससे पहले नगर अध्यक्ष रहे प्रभात साहू का पूरा दो साल का कार्यकाल बिना नगर कार्यकारिणी के ही बीत गया था। इस तरह देखा जाए तो लगभग तीन वर्षों के बाद भाजपा महानगर की पूर्ण कार्यकारिणी सामने आई है, जिसे आगामी चुनावी तैयारियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मंत्री राकेश सिंह की छाप साफ

घोषित सूची पर नजर डालें तो लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के समर्थक नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियां दी गई हैं। उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री जैसे अहम पदों पर उनके करीबी माने जाने वाले चेहरों को शामिल किया गया है। अभय सिंह ठाकुर, रजनीश यादव, योगेन्द्र राजपूत, कौशल सूरी, पंकज दुबे, श्रीमती रीना राय, श्रीकांत साहू, रवि शर्मा, श्रीमती अंजू भार्गव, मीना मरकाम और चित्रकांत शर्मा जैसे नाम मंत्री राकेश सिंह के प्रभाव वाले खेमे से जुड़े माने जाते हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि महानगर संगठन में उनका राजनीतिक दबदबा अभी भी मजबूत स्थिति में है।
संगठन और संघ की पसंद को भी तवज्जो
हालांकि कार्यकारिणी केवल एक गुट विशेष तक सीमित न रहे, इसके लिए संगठन और संघ की पसंद को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है। उपाध्यक्ष पद पर राजेश मिश्रा और कार्यालय मंत्री के रूप में राजेश मिश्रा (द्वितीय) की नियुक्ति को संघ और संगठन के समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं आईटी सह प्रभारी के रूप में दिव्या बाजपेयी का चयन भी संगठन की पसंद माना जा रहा है। पार्टी के अंदरूनी हलकों का कहना है कि सूची बनाते समय यह ध्यान रखा गया कि किसी भी स्तर पर असंतुलन या उपेक्षा का भाव न पनपे।
कार्यकारिणी का पूरा ढांचा
नई महानगर कार्यकारिणी में 8 उपाध्यक्ष, 2 महामंत्री, 7 मंत्री सहित कोषाध्यक्ष, सह कोषाध्यक्ष, कार्यालय मंत्री, 2 सह कार्यालय मंत्री, मीडिया प्रभारी, 2 सह मीडिया प्रभारी, आईटी प्रभारी, सह आईटी प्रभारी, सोशल मीडिया प्रभारी और सह सोशल मीडिया प्रभारी की नियुक्ति की गई है।
उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी अभय सिंह ठाकुर, राजेश मिश्रा, शंकर श्रीवास्तव, रजनीश यादव, योगेन्द्र राजपूत, प्रनीत वर्मा, श्रीमती अंजू भार्गव और श्रीमती तृष्णा चटर्जी को सौंपी गई है। महामंत्री के रूप में पंकज दुबे और रंजीत पटेल को चुना गया है।
मंत्री पद पर अशोक रोहितास, पंकज मिश्रा, संकल्प पाठक, कौशल सूरी, श्रीमती रीना राय, श्रीमती विभा उपाध्याय और मनीष जैन ‘कल्लू’ को जगह दी गई है। विवेक अग्रवाल को कोषाध्यक्ष और योगेश बिलोहा को सह कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
कार्यालय मंत्री की जिम्मेदारी राजेश मिश्रा को दी गई है, जबकि कमलेश नामदेव और कुसुम चौबे सह कार्यालय मंत्री होंगे। मीडिया प्रभारी के रूप में श्रीकांत साहू की नियुक्ति की गई है, वहीं रवि शर्मा और चित्रकांत शर्मा सह मीडिया प्रभारी की भूमिका निभाएंगे। आईटी प्रभारी अमित जैन और सह आईटी प्रभारी के रूप में श्रीमती दिव्या बाजपेयी को जिम्मेदारी मिली है। सोशल मीडिया प्रभारी राहुल दुबे और सह सोशल मीडिया प्रभारी के रूप में श्रीमती मीना मरकाम को चुना गया है।
आगामी रणनीति पर नजर
भाजपा नेताओं का कहना है कि नई कार्यकारिणी का मुख्य फोकस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना, सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना और आगामी चुनावों के लिए मजबूत रणनीति तैयार करना रहेगा। वहीं राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि कार्यकारिणी के जरिए पार्टी ने आंतरिक शक्ति संतुलन का संदेश देने की कोशिश की है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि तीन साल बाद बनी यह टीम मैदान में कितना असर दिखा पाती है।



