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दुनिया स्तब्ध! 150 विमान, 20 एयरबेस, 30 मिनट की बमबारी—अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को किया अगवा

अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से वेनेजुएला में बड़ा उलटफेर, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो हिरासत में

दुनिया को चौंका देने वाली घटना में अमेरिका ने वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाकर हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी निंदा और समर्थन—दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस ऑपरेशन को अमेरिकी सैन्य क्षमता का “इतिहास का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन” बताया। ट्रंप के अनुसार, यह हाल के वर्षों में अमेरिका की सबसे जोखिमभरी और हाई-प्रोफाइल सैन्य कार्रवाई थी।


‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नाम का ऑपरेशन

अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक, इस ऑपरेशन का नाम “एब्सोल्यूट रिजॉल्व” रखा गया था, जिसकी महीनों से तैयारी चल रही थी। सेना ने मादुरो के ठिकाने जैसी एक इमारत की हूबहू नकल बनाकर अभ्यास किया।
शुक्रवार देर रात ट्रंप ने अंतिम अनुमति दी। इसके बाद पश्चिमी गोलार्ध के 20 अलग-अलग एयरबेस से करीब 150 सैन्य विमान ऑपरेशन में शामिल हुए।

अमेरिका का दावा है कि कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला की वायु रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय किया गया और राजधानी काराकास में कुछ समय के लिए बिजली भी बाधित हुई। रक्षा मंत्री के अनुसार, पूरा सैन्य अभियान 30 मिनट से भी कम समय में पूरा हो गया।


काराकास में धमाके, मादुरो और पत्नी हिरासत में

शनिवार तड़के अमेरिकी हेलिकॉप्टर राष्ट्रपति मादुरो के सरकारी परिसर में उतरे। मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लेकर अमेरिकी युद्धपोत पर ले जाया गया।
कुछ घंटों बाद उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मादुरो की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वे आंखों पर पट्टी और ग्रे ट्रैकसूट में दिखे।


हमले में कितने लोग मारे गए?

वेनेजुएला सरकार के अनुसार, काराकास के अलावा मिरांडा, अरागुआ और ला गुआइरा प्रांतों में भी हमले हुए।
हालांकि आधिकारिक मृतक संख्या जारी नहीं की गई है, लेकिन अमेरिकी मीडिया के एक अधिकारी के हवाले से कम से कम 40 लोगों की मौत की बात सामने आई है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि धमाकों से घरों की छतें उड़ गईं और लोग दहशत में अपने परिवारों के साथ घर छोड़ने को मजबूर हुए।

ट्रंप का कहना है कि ऑपरेशन में कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हुए, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई।


मादुरो को क्यों बनाया गया निशाना?

अमेरिका लंबे समय से मादुरो पर अमेरिका में ड्रग्स भेजने के आरोप लगाता रहा है। वॉशिंगटन ने पहले उनकी गिरफ्तारी की सूचना देने पर 5 करोड़ डॉलर का इनाम भी घोषित किया था।
संयुक्त राष्ट्र और कानूनी विशेषज्ञों ने हालांकि पहले हुए कुछ अमेरिकी हमलों की वैधता पर सवाल उठाए थे।


अब वेनेजुएला में आगे क्या?

ट्रंप ने घोषणा की कि नया नेतृत्व चुने जाने तक अमेरिका वेनेजुएला का प्रशासन “सही तरीके से” चलाने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो अमेरिकी सैनिक जमीन पर उतारे जा सकते हैं।

वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया है, ताकि देश का प्रशासनिक कामकाज चलता रहे और संप्रभुता की रक्षा हो सके।


दुनिया की प्रतिक्रिया

रूस और चीन ने इस कार्रवाई को “सशस्त्र आक्रामकता” बताते हुए कड़ी निंदा की है। कई देशों ने वेनेजुएला की संप्रभुता का हवाला देते हुए मादुरो की रिहाई की मांग की है, जबकि कुछ अमेरिकी नेताओं ने ट्रंप के फैसले का समर्थन किया है।


अमेरिका की इस सैन्य कार्रवाई ने न केवल वेनेजुएला की राजनीति को हिला दिया है, बल्कि वैश्विक राजनीति में भी तनाव बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वेनेजुएला में सत्ता संतुलन कैसे बनता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाता है।

Jabalpur Baz

बाज़ मीडिया जबलपुर डेस्क 'जबलपुर बाज़' आपको जबलपुर से जुडी हर ज़रूरी खबर पहुँचाने के लिए समर्पित है.
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