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BAZ World: ईरान के ‘नए सुप्रीम लीडर’ का पहला बयान – “हम अपने शहीदों का हिसाब लेकर रहेंगे- दुश्मन पछताएगा, दिफ़ा जारी रहेगी”

इस्लामी इंक़लाब के नए रहबर आयतुल्लाह सैय्यद मोजतबा ख़ामेनेई का पहला पैग़ाम, कहा – क़ौम एकजुट रहे और होर्मुज़ बंद रखा जाए

BAZ News Network: इस्लामी इंक़लाब के नए रहबर आयतुल्लाह सैय्यद मोजतबा ख़ामेनेई ने अपना पहला पैग़ाम जारी किया है। अपने संदेश में उन्होंने ईरान की अवाम से इत्तेहाद (एकता) बनाए रखने और मुल्क की मज़बूत दिफ़ा (रक्षा) जारी रखने की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद रहना चाहिए।

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उन्होंने गुरुवार को कहा:
“ईरानी अवाम का इरादा है कि दुश्मन के खिलाफ असरदार दिफ़ा जारी रहे और लोग मैदान में मौजूद रहें। होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद रहना चाहिए।”

शहीद रहबर अयतुल्लाह अली ख़ामेनेई को ख़िराज-ए-अक़ीदत

अपने पैग़ाम की शुरुआत उन्होंने इमाम-ए-ज़माना की वापसी की दुआ से की। इसके बाद उन्होंने शहीद रहबर आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनेई की शहादत पर गहरा अफ़सोस जताया।

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उन्होंने ईरान की अवाम और दुनिया भर के मुसलमानों से ताज़ियत का इज़हार किया, खास तौर पर उन घरानों से जिनके लोग अमेरिका और इस्राइल के हमलों में शहीद या ज़ख़्मी हुए हैं।

रहबरी की ज़िम्मेदारी बहुत बड़ी

उन्होंने कहा कि उन्हें भी आप सब की तरह मीडिया के ज़रिए पता चला कि मजलिस-ए-ख़ुबरा (Assembly of Experts) ने उन्हें नया रहबर चुना है।

उन्होंने कहा:

“उस जगह बैठना जहाँ पहले इमाम खुमैनी और शहीद ख़ामेनेई जैसे अज़ीम रहनुमा रहे हों, बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है।”

ईरानी अवाम की हिम्मत की तारीफ

आयतुल्लाह मोजतबा ख़ामेनेई ने कहा कि मुश्किल हालात में ईरान की अवाम ने बसीरत (समझदारी), हिम्मत और सब्र का शानदार मुज़ाहिरा किया।

उन्होंने कहा:

“आप लोगों की हिम्मत और समझदारी ने दोस्तों को मुतास्सिर और दुश्मनों को हैरान कर दिया। मुल्क की ताक़त दरअसल अवाम ही है।”

इत्तेहाद बनाए रखने की अपील

उन्होंने कहा कि मुल्क की कामयाबी का असल राज इत्तेहाद और अल्लाह पर भरोसा है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि मुश्किल वक़्त में भी एकजुट रहें और मुल्क के अहम मामलों में हिस्सा लेते रहें।

उन्होंने खास तौर पर रमज़ान के आखिरी जुमा को होने वाले यौम-ए-कुद्स मार्च में बड़ी तादाद में शामिल होने की अपील की।

एक-दूसरे की मदद करें

उन्होंने कहा:

“एक-दूसरे की मदद करने में कभी पीछे न हटें।”

उन्होंने खिदमत करने वाले इदारों से कहा कि वे उन लोगों की मदद करें जो हालिया हमलों में सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

फौज और मुज़ाहमत फ्रंट की तारीफ

आयतुल्लाह मोजतबा ख़ामेनेई ने ईरान की फौज की तारीफ करते हुए कहा कि बहादुर सैनिकों ने दुश्मन की आगे बढ़ने की कोशिशों को नाकाम बना दिया है।

उन्होंने दोहराया कि अवाम चाहती है कि दुश्मन के खिलाफ असरदार और सख्त जवाब जारी रहे और होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद रखा जाए।

उन्होंने हिज़्बुल्लाह, यमन और इराक समेत मुज़ाहमत फ्रंट (Resistance Front) की भी सराहना की।

शहीदों के खून का हिसाब लिया जाएगा

उन्होंने कहा कि ईरान अपने शहीदों के खून का हिसाब लेने से कभी पीछे नहीं हटेगा।

उन्होंने कहा:

“हमारा इंतिकाम सिर्फ रहबर की शहादत तक सीमित नहीं है, बल्कि हर उस शख्स के लिए है जिसे दुश्मन ने शहीद किया।”

पड़ोसी मुल्कों को पैग़ाम

उन्होंने पड़ोसी मुल्कों से कहा कि वे अपनी जमीन को विदेशी ताकतों के सैन्य ठिकानों के लिए इस्तेमाल होने से रोकें, जहाँ से ईरान पर हमले किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ईरान अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे और दोस्ताना ताल्लुक़ात चाहता है, लेकिन विदेशी फौजी अड्डों को बर्दाश्त नहीं करेगा।

आखिर में भावुक अल्फ़ाज़

अपने पैग़ाम के आखिर में उन्होंने अपने पूर्व रहबर को याद करते हुए कहा:

“ऐ रहबर, आपकी रुख़्सती ने हर दिल को ग़मगीन कर दिया है।”

उन्होंने यह अहद भी किया कि वे आपके मिशन को आगे बढ़ाएँगे और हक़ और इंसाफ का परचम बुलंद रखेंगे।

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