
जबलपुर। स्टेट बार काउंसिल मध्यप्रदेश के चुनाव को लेकर अधिवक्ता समाज में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वर्तमान उपाध्यक्ष एवं जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष आर. के. सिंह सैनी ने सैकड़ों समर्थकों की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर चुनावी मैदान में सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। नामांकन के दौरान अधिवक्ताओं में उत्साह और एकजुटता साफ दिखाई दी।

आर. के. सिंह सैनी ने इस अवसर पर कहा कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने अधिवक्ताओं के हितों, बुनियादी सुविधाओं और संगठन की मजबूती के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि अधिवक्ता समाज उनके कार्यों का मूल्यांकन कर उन्हें पुनः सेवा का अवसर देगा।
युवा अधिवक्ता अफजाल रहमानी की शांत लेकिन सक्रिय भूमिका
नामांकन के दौरान 3 युवा चेहरा विशेष रूप से सक्रिय नजर आया— एडवोकेट अफजाल रहमानी, एडवोकेट तकी रजा एवं एडवोकेट शोएब अहमद। वे पूरे कार्यक्रम में व्यवस्थाओं को संभालते, वरिष्ठ अधिवक्ताओं से समन्वय करते और समर्थकों को व्यवस्थित करते दिखाई दिए।
लेकिन इनकी संयमित कार्यशैली और सधे हुए व्यवहार ने कई वरिष्ठों का ध्यान आकर्षित किया। अधिवक्ता साथियों का कहना था कि नई पीढ़ी के अधिवक्ताओं में यदि इसी तरह जिम्मेदारी और गंभीरता दिखाई दे, तो संगठन को दीर्घकालिक मजबूती मिल सकती है।
नामांकन के दौरान युवा अधिवक्ता अफजाल रहमानी पूरे समय सैनी के साथ दीवार की तरह खड़े नजर आए। उनकी सक्रियता और संगठन क्षमता ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा का संचार किया। अधिवक्ता समाज में अफजाल रहमानी को एक तेज-तर्रार और जुझारू युवा चेहरा माना जा रहा है, जो वरिष्ठ नेतृत्व के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। चुनावी रणनीति और युवा अधिवक्ताओं को जोड़ने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
व्यापक समर्थन का प्रदर्शन
इस अवसर पर पाटन अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रघुवीर सिंह ठाकुर और एच.एस. पटेल सहित बड़ी संख्या में विधि जगत के सदस्य मौजूद रहे। सम्मति सैनी, राकेश सैनी, टी.सी. लखेरा, रामबाबू पांडे, वीरेन्द्र अहिरवार, एन.बी. गुरूंग, महेन्द्र चक्रवर्ती, अशोक पाण्डे, सुशील शर्मा, अशोक गुप्ता, भगवत पटेल, पी.एस. दीक्षित, दौलत रजक, पी.सी. लोधी, आकाश रॉय, विकास कनौजिया और राकेश पाण्डे ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कटनी से अक्षय बजाज, जागेश्वर सोनकर, राहुल पटेल, ऋषि सोनकर, अभय सोनी, अर्पित श्रीवास्तव, गौरव सिसोदिया और रवीन्द्र सिंह परिहार भी समर्थन देने पहुंचे।
महिला अधिवक्ताओं में कहकशा मंसूरी, नौमी पटेल, ताशा डागौर, निधि सोनकर, दीपमाला यादव, पूजा सौंधिया, शिल्पी उपाध्याय, हेमलता सिंह, मालती कुशवाहा, पापिया घोष, रेणुका शुक्ला, आकांक्षा शुक्ला, श्रीमती लक्ष्मी और शारदा जायसवाल की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
अनुभव और नई ऊर्जा का संकेत
चुनावी माहौल में जहां आर. के. सिंह सैनी का अनुभव चर्चा का केंद्र है, वहीं उनके साथ काम कर रहे युवाओं की सक्रियता भी अधिवक्ता समाज में सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है। नामांकन के दिन की तस्वीरों और व्यवस्थाओं ने यह संकेत दिया कि संगठनात्मक स्तर पर तैयारी मजबूत है।
आने वाले दिनों में चुनावी गतिविधियां और तेज होंगी, लेकिन नामांकन के इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है।


