
जबलपुर, 19 अप्रैल 2026। नगर निगम जबलपुर की बजट बैठक के तीसरे दिन सदन में सफाई व्यवस्था और गंदे पानी की समस्या को लेकर जोरदार चर्चा देखने को मिली। वार्ड पार्षद शगुफ्ता उस्मानी और गुड्डू नबी ने शहर की बिगड़ती स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए नगर निगम प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया।
नाइट स्वैपिंग बंद होने का आरोप
पार्षद शगुफ्ता उस्मानी ने सदन में मुद्दा उठाते हुए कहा कि 01/04/2026 से टेंडर बदलने के बाद शहर में नाइट स्वैपिंग (रात्रिकालीन सफाई) लगभग ठप हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके कारण कई क्षेत्रों में कचरे के ढेर लग गए हैं और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से अपने वार्ड के अंतर्गत आने वाले प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय इलाकों का उल्लेख करते हुए बताया कि:
- बड़ी ओमती
- विक्टोरिया हॉस्पिटल रोड
- तुलाराम चौक
- मुकदमगंज
- गलगल
- गुरंदी
इन क्षेत्रों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण भी नियमित रूप से नहीं हो रहा है। पार्षद ने सदन में कचरे की स्थिति दर्शाने के लिए तस्वीरें भी प्रस्तुत कीं, जिससे स्थिति की गंभीरता स्पष्ट हो सकी।
गंदे पानी की समस्या भी बनी चिंता
सफाई के साथ-साथ पार्षदों ने पेयजल व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। शगुफ्ता उस्मानी ने बताया कि उनके क्षेत्र में कई जगहों पर गंदा और दूषित पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
उन्होंने सदन में गंदे पानी की बोतल दिखाते हुए प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। जिन क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है, उनमें शामिल हैं:
- घंटाघर क्षेत्र
- नाले किनारे की बस्तियां
- उड़िया मोहल्ला
- गुरंदी
पार्षदों का कहना है कि इन इलाकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
सदन में उठे इन गंभीर मुद्दों के बाद पार्षदों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि:
- नाइट स्वैपिंग व्यवस्था को तुरंत बहाल किया जाए
- डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को नियमित किया जाए
- दूषित पानी की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए

बजट बैठक में इन मुद्दों के जोरदार तरीके से उठने के बाद शहरवासियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि नगर निगम प्रशासन जल्द ही ठोस कदम उठाएगा और जबलपुर की सफाई व जल व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा।



