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गाजा में 20 हजार फिलिस्तीनी मरीज इलाज के इंतजार में तड़प रहे हैं — इजरायली पाबंदियों से रोज केवल 29-50 को मिलती है बाहर जाने की इजाजत

गाजा। युद्धग्रस्त गाजा पट्टी में हजारों फिलिस्तीनी मरीज विदेश में इलाज के इंतजार में फंसे हैं। इजरायल की सख्त पाबंदियों और बिगड़ते स्वास्थ्य संकट के कारण केवल बेहद सीमित संख्या में मरीजों को बाहर जाने की अनुमति मिल रही है। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को मिस्र के साथ रफाह क्रॉसिंग से केवल 29 मरीज विदेश इलाज के लिए जा सके, और उससे एक दिन पहले केवल 20 मरीजों को जॉर्डन के अस्पतालों में स्थानांतरित किया जा सका।


😔 स्वास्थ्य मंत्रालय की पुकार — यह संख्या नाकाफी है

फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि जाने वाले मरीजों की यह छोटी सी संख्या उन लोगों की तत्काल जरूरत को पूरा नहीं करती जो सूची में हैं और कठिन स्वास्थ्य एवं मानवीय परिस्थितियों में जी रहे हैं। मंत्रालय ने संबंधित प्राधिकरणों से अपील की है कि मेडिकल इवेक्युएशन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और मरीजों को सुरक्षित रूप से विशेष अस्पतालों तक पहुंचाया जाए।

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📊 मौजूदा स्थिति की भयावहता:
🔴 गाजा में 20,000 मरीज इलाज के लिए तत्काल निकासी की राह देख रहे हैं
🔴 इनमें 4,500 बच्चे भी शामिल हैं
🔴 6,000 घायल लोगों को तुरंत बाहर इलाज की जरूरत है
🔴 रफाह क्रॉसिंग बंद रहने के दौरान 1,268 मरीजों की मौत हो चुकी है
🔴 रोजाना केवल 29-50 मरीजों को जाने की अनुमति — जो बेहद अपर्याप्त है
🔴 मंत्रालय का कहना: कम से कम 500 मरीज प्रतिदिन निकाले जाने चाहिए

🏥 गाजा का स्वास्थ्य तंत्र — पूरी तरह बर्बाद

गाजा के अल-शिफा अस्पताल के निदेशक मुहम्मद अबू सलमिया ने बताया कि इस्राइली सेना ने गाजा के स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। इसी कारण सामूहिक निकासी की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि हम अभी भी हर दिन लोगों को खो रहे हैं। रोज केवल 50 मरीजों को गाजा से बाहर जाने देना उचित नहीं है। यह स्थिति बेहद गंभीर है और हम और जानें गंवाते रहेंगे।


🚧 रफाह क्रॉसिंग — आशा और निराशा के बीच

गाजा के फिलिस्तीनियों के लिए रफाह क्रॉसिंग ही बाहरी दुनिया से एकमात्र कड़ी थी। इजरायली सेना ने मई 2024 में क्रॉसिंग के फिलिस्तीनी हिस्से पर कब्जा करके उसकी इमारतें ध्वस्त कर दी थीं। इससे मरीजों के लिए विशेष रूप से मानवीय संकट गहरा गया। 2 फरवरी 2026 को इजरायल ने रफाह क्रॉसिंग को सीमित और भारी पाबंदियों के साथ आंशिक रूप से खोला, लेकिन यह राहत नाममात्र की ही रही।

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क्रॉसिंग बंद रहने के दौरान 1,268 मरीजों की मेडिकल ट्रांसफर के इंतजार में मौत हो गई — यह आंकड़ा स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया।


🌐 युद्धविराम के बावजूद राहत नहीं

अक्टूबर 2025 में युद्धविराम लागू होने के बावजूद इजरायल ने गाजा पर हमले जारी रखे और सैकड़ों लोगों को मारा। इसके अलावा इजरायल ने दवाइयों सहित आवश्यक मानवीय सहायता की आपूर्ति पर भी रोक जारी रखी, जबकि युद्धविराम समझौते में स्पष्ट था कि “गाजा में तुरंत पूर्ण सहायता भेजी जाएगी।”

इससे भी आगे बढ़कर इजरायली सरकार ने 37 सहायता संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिया, जो 1 मार्च से प्रभावी हो गया। यह फैसला फिलिस्तीनियों के लिए विनाशकारी बताया जा रहा है क्योंकि गाजा के 20 लाख से अधिक निवासी भोजन, पानी, स्वास्थ्य, आश्रय और अन्य जरूरतों के लिए इन्हीं संगठनों पर निर्भर हैं।


⚠️ मानवीय संकट की चेतावनी

गाजा सरकार मीडिया कार्यालय के महानिदेशक इस्माइल इब्राहिम अल-थवाबता ने चेतावनी दी कि अगर सहायता पर पाबंदियां जारी रहीं तो गाजा पट्टी गंभीर मानवीय संकट के संकेतों का सामना करेगी। उन्होंने कहा कि इस संकट को रोकने की जिम्मेदारी उस कब्जाधारी शक्ति पर है जो मानवीय आपूर्ति को सीमित कर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और नागरिक आबादी के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का खुला उल्लंघन कर रही है।

📢 स्वास्थ्य मंत्रालय की मांगें:
✅ प्रतिदिन कम से कम 500 मरीजों को निकाला जाए
✅ रफाह क्रॉसिंग दोनों दिशाओं में पूरी तरह खोली जाए
✅ दवाइयों और चिकित्सा सामग्री की तत्काल आपूर्ति हो
✅ 37 सहायता संगठनों पर लगाया प्रतिबंध हटाया जाए
✅ अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र हस्तक्षेप करे
📌 स्थिति का सारांश:
📍 स्थान: गाजा पट्टी, फिलिस्तीन
🏥 इलाज के इंतजार में: 20,000 मरीज (4,500 बच्चे सहित)
⚰️ इंतजार में मौतें: 1,268 मरीज
🚶 रोज जा पाते हैं: केवल 29-50 मरीज
📉 जरूरत: प्रतिदिन कम से कम 500
🚫 प्रतिबंधित संगठन: 37 सहायता संस्थाएं
📅 रफाह क्रॉसिंग आंशिक खुली: 2 फरवरी 2026 (सीमित)

— रिपोर्ट: BazMedia.in | स्रोत: Quds News Network | दिनांक: 20 मई 2026

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