
जबलपुर | 04 जून 2026 | BAZ Media Jabalpur Division | BAZ Desk | Bazmedia.in
News in Short
- जबलपुर में बिना विकास अनुमति 1.79 हेक्टेयर भूमि पर अवैध प्लॉटिंग
- पिपरिया बनियाखेड़ा में पक्की सड़क-नाली बनाकर बेचे गए भूखंड
- तहसीलदार की रिपोर्ट पर अधारताल थाना में केस दर्ज
जबलपुर में अवैध प्लॉटिंग जबलपुर का एक बड़ा मामला सामने आया है। बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के करीब 1.79 हेक्टेयर कृषि भूमि पर विकास कार्य कर भूखंड बेचने के आरोप में अधारताल थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों में एक कांग्रेस नेता भी शामिल है। शासन को विकास अनुमति शुल्क का भारी नुकसान हुआ है।
तहसीलदार ने कोर्ट के निर्देश पर दी रिपोर्ट
अधारताल थाना में 3 जून 2026 को तहसीलदार गौरव पाण्डेय ने कलेक्टर न्यायालय के निर्देश पर एक प्रतिवेदन दाखिल किया। रिपोर्ट में बताया गया कि गोहलपुर इलाके के दो निवासियों ने ग्राम पिपरिया बनियाखेड़ा में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध प्लॉटिंग की। खसरा नंबर 291/1/1 में 1.697 हेक्टेयर और खसरा नंबर 291/1/2 में 0.093 हेक्टेयर — कुल 1.790 हेक्टेयर भूमि पर ये कारोबार किया गया।
पक्की सड़क-नाली बनाकर बेचे प्लॉट
प्रशासनिक जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने सक्षम प्राधिकारी से विकास अनुमति लिए बिना ही कृषि भूमि पर पक्की सड़कें और पक्की नालियां बनवाईं। इसके बाद जमीन को छोटे-छोटे प्लॉटों में काटकर बेचना शुरू कर दिया। कानून के मुताबिक किसी भी कृषि या अन्य भूमि को आवासीय या व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए विकसित करने से पहले विकास अनुमति जरूरी है।
शासन को राजस्व का भारी नुकसान
प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति प्लॉटिंग से शासन को विकास अनुमति शुल्क की वसूली नहीं हो पाई। इससे राजस्व को सीधा आर्थिक नुकसान पहुंचा है। तहसीलदार के प्रतिवेदन के आधार पर थाना अधारताल में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है।
जबलपुर प्रशासन ने अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए यह कार्रवाई की है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति जमीन का विकास और बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



