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Uttar Pradesh: कांवड़ यात्रा रूट पर बिरयानी की दुकान पर चला बुलडोज़र , मालिक गिरफ्तार

बहेड़ी (यूपी) | BAZ Media Bhopal Division । कांवड़ यात्रा के दौरान नॉन-वेज की दुकान पर बुलडोज़र चला। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शिकायत की कि मोहम्मद सलमान बिरयानी बेच रहे हैं। शुक्रवार शाम दुकान तोड़ दी गई और सलमान को हिरासत में ले लिया गया।

News in Short

  • बहेड़ी में मुख्य कांवड़ यात्रा रूट पर चिकन बिरयानी की दुकान बुलडोज़र से तोड़ी गई
  • बजरंग दल ने मोहम्मद सलमान के खिलाफ नॉन-वेज बेचने की शिकायत की थी
  • पुलिस ने कहा- शांति भंग की आशंका के चलते निवारक कार्रवाई की गई
  • नगरपालिका का दावा- दुकान नाले पर अवैध रूप से बनी थी
  • सावन के महीने में नॉन-वेज विक्रेताओं को पहले ही नोटिस भेजा गया था

बजरंग दल की शिकायत पर हुई कार्रवाई

बहेड़ी थाना प्रभारी दिनेश शर्मा ने बताया कि सलमान के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह चिकन बिरयानी बेच रहे हैं। पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निवारक कार्रवाई की। बजरंग दल के डिवीजनल प्रेसिडेंट सनु गंगवार ने दावा किया कि गुरुवार शाम उन्हें सूचना मिली थी। कार्यकर्ताओं ने पहले बिरयानी ऑर्डर करके पैक कराई, फिर पुलिस के पास गए।

सलमान के पिता नसीम अहमद ने कहा कि उनका बेटा नियमित रूप से बिरयानी की दुकान चला रहा था। बजरंग दल के लोगों ने आपत्ति जताई तो परिवार ने माफी भी मांगी थी। लेकिन इसके बावजूद दुकान तोड़ दी गई।

नगरपालिका ने कहा- अतिक्रमण हटाया

नगर निगम की कार्यकारी अधिकारी शशि प्रभा चौधरी ने कहा कि जो ढांचा तोड़ा गया, वह नाले पर अवैध रूप से बना था। यह नगरपालिका के चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान का हिस्सा है। हालांकि, टाइमिंग और तरीके पर सवाल उठ रहे हैं कि बजरंग दल की शिकायत के तुरंत बाद बुलडोज़र क्यों चला।

पुलिस ने बताया कि कांवड़ यात्रा से पहले नॉन-वेज खाने के विक्रेताओं को नोटिस भेजा गया था। सावन के महीने में मांस या अन्य नॉन-वेज खाना नहीं बेचने का निर्देश दिया गया था। पत्रकार आसिफ अंसारी ने बताया कि बरेली में भी मुस्लिम बहुल इलाके में चिकन फ्राई की दुकान चलाने वाले तीन लोगों को हिरासत में लिया गया।

कांवड़ यात्रा के दौरान अल्पसंख्यकों पर दबाव

यूपी में कांवड़ यात्रा रूट पर खाने-पीने की दुकानों पर लगाए गए प्रतिबंधों की आलोचना हो रही है। कई जिलों में दुकानदारों को अपना नाम, फूड सेफ्टी लाइसेंस और QR कोड लगाने के आदेश दिए गए हैं। आलोचकों का कहना है कि इससे अल्पसंख्यक दुकानदारों की पहचान करना और उन्हें टारगेट करना आसान हो जाता है।

इस साल की कांवड़ यात्रा के दौरान कई हिंसक घटनाएं सामने आई हैं। लखनऊ में स्कूल वैन पर हमला, गाड़ियों को नुकसान, और हापुड़ में 24 साल के मुस्लिम ड्राइवर अज़ीम पर हमला — जो कोमा में रहने के बाद मर गया। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार बुलडोज़र एक्शन पर सवाल उठाए हैं, फिर भी ये सिलसिला जारी है।

11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि है। यूपी सरकार ने कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए हैं। लेकिन रास्ते में रहने वाले मुस्लिम दुकानदारों के लिए यह यात्रा डर और नुकसान का सबब बन गई है।

📌 Sources & References

  • Maktoob Media

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