एक साथ बुझ गए जबलपुर के तीन घरों के चिराग: राजा खान, साहिल खान और साहिल की दर्दनाक मौत

दद्दा घाट बना मातम का घाट: नर्मदा ने निगल ली तीन दोस्तों की जिंदगी, गढ़ा के मुजावर मोहल्ला में एक साथ उठेंगे 3 जनाज़े
जबलपुर। शनिवार की दोपहर जबलपुर के तिलवारा थाना क्षेत्र स्थित दद्दा घाट पर ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। हंसी-खुशी घर से नर्मदा में नहाने निकले तीन किशोर कुछ ही पलों में काल के गाल में समा गए। गढ़ा के मुजावर मोहल्ला स्थित सूपाताल क्षेत्र के रहने वाले 16 वर्षीय राजा खान, 18 वर्षीय साहिल खान और साहिल शेख की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। एक साथ तीन युवाओं की मौत की खबर जैसे ही उनके मोहल्ले पहुंची, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। जिन घरों से कुछ घंटे पहले बच्चों की हंसी सुनाई दे रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है।

तीनो दोस्तों की जीवित अवस्था की फोटो

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घटना शनिवार दोपहर करीब तीन बजे की है। तीनों दोस्त रोजमर्रा की तरह घूमने और नहाने के उद्देश्य से दद्दा घाट पहुंचे थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। बताया जा रहा है कि घाट के समीप वॉटर प्लांट क्षेत्र में चल रही खुदाई के कारण नदी के भीतर गहरे गड्ढे बन गए हैं। नहाते समय तीनों अनजाने में इसी गहरे हिस्से में चले गए और देखते ही देखते पानी में समा गए।

खुदाई से बने गहरे गड्ढे बने मौत का जाल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घाट के जिस हिस्से में हादसा हुआ, वहां हाल ही में खुदाई का कार्य किया गया था। खुदाई के कारण नदी का तल अचानक काफी गहरा हो गया था। बाहर से देखने पर पानी सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन कुछ कदम आगे बढ़ते ही गहराई कई फीट बढ़ जाती है। तीनों किशोर इसी गहराई का अंदाजा नहीं लगा सके और एक-एक कर डूबने लगे।
घाट पर मौजूद लोगों ने जब उन्हें पानी में संघर्ष करते देखा तो तुरंत मदद के लिए दौड़े। कुछ लोगों ने नदी में छलांग भी लगाई, लेकिन गहरे पानी और तेज बहाव के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। कुछ ही मिनटों में यह घटना पूरे घाट पर अफरा-तफरी का कारण बन गई।
स्थानीय नाविकों ने दिखाई बहादुरी, लेकिन तब तक हो चुकी थी देर
घटना की सूचना मिलते ही तिलवारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम को भी सूचना दी गई, लेकिन उनके पहुंचने से पहले स्थानीय नाविकों और आसपास मौजूद युवाओं ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू शुरू कर दिया।
काफी मशक्कत के बाद तीनों किशोरों को पानी से बाहर निकाला गया। तत्काल मौजूद चिकित्सकों ने उनकी जांच की, लेकिन तब तक तीनों की सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेज दिया।
तिलवारा थाना प्रभारी बृजेश मिश्रा ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और यह भी देखा जाएगा कि खुदाई वाले क्षेत्र में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
तीन घरों के बुझ गए चिराग, पूरे मोहल्ले में पसरा मातम

राजा खान और दोनों साहिल एक-दूसरे के अच्छे दोस्त बताए जा रहे हैं। तीनों एक साथ घर से निकले थे और किसी ने नहीं सोचा था कि वे वापस नहीं लौटेंगे। हादसे की खबर मिलते ही सूपाताल क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां-बाप बार-बार यही कह रहे हैं कि सुबह तक जो बेटे उनके सामने थे, शाम होते-होते उनकी लाशें घर पहुंच गईं।

मोहल्ले के लोगों की आंखें भी नम हैं। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है कि यदि घाट पर गहरे पानी वाले हिस्से को लेकर पहले से चेतावनी, बैरिकेडिंग या सुरक्षा व्यवस्था होती, तो शायद तीन मासूम जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जहां खुदाई के कारण नदी की गहराई बढ़ गई थी, वहां चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं थी। गर्मी और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में लोग दद्दा घाट पर नहाने पहुंचते हैं, ऐसे में इस तरह की लापरवाही भविष्य में भी बड़े हादसों को जन्म दे सकती है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, तीन युवाओं की असमय मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक घाटों पर सुरक्षा मानकों का पालन आखिर कब सुनिश्चित होगा।



