ओमती थाना: सुन्नी मुस्लिम काज़ियात कमेटी ने की नाजिया के खिलाफ थाना ओमती में एफआईआर की मांग

जबलपुर | BAZ Media Jabalpur Division । हज़रत मुहम्मद मुस्तफा صَلَّى ٱللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ और उम्मुल मोमिनीन आयशा सिद्दीका की शान में कथित गुस्ताखी के मामले में बड़ी कार्रवाई की मांग उठी। सुन्नी मुस्लिम काज़ियात कमेटी का प्रतिनिधि मंडल थाना ओमती पहुंचा और नाजिया इलाही खान के खिलाफ ज़ीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
News in Short
- सुन्नी मुस्लिम काज़ियात कमेटी ने नाजिया इलाही खान के खिलाफ थाना ओमती में ज्ञापन सौंपा
- पैगम्बर हज़रत मुहम्मद صَلَّى ٱللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ और उम्मुल मोमिनीन आयशा सिद्दीका की शान में गुस्ताखी का आरोप
- प्यारे साहब के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल पहुंचा, रासुका लगाने की मांग
- एडवोकेट तकमील नासिर ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देकर एफआईआर अनिवार्य बताया
- प्रतिनिधि मंडल में दर्जन भर सामाजिक कार्यकर्ता शामिल
पैगम्बर की शान में गुस्ताखी का गंभीर आरोप
सुन्नी मुस्लिम काज़ियात कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्यारे साहब ने आरोप लगाया कि नाजिया इलाही खान ने इस्लाम धर्म के संस्थापक हज़रत मुहम्मद मुस्तफा صَلَّى ٱللّٰهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ और उम्मुल मोमिनीन आयशा सिद्दीका के बारे में अशोभनीय टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य नहीं, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश है।
प्यारे साहब ने थाने में दिए ज्ञापन में कहा कि आरोपी का कृत्य धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला, नफरत फैलाना और सांप्रदायिक विद्वेष का विष घोलना है। उन्होंने आरोपी पर रासुका जैसे सख्त कानून लगाने की मांग की।
कानूनी पहलू और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला
सुन्नी मुस्लिम काज़ियात कमेटी के प्रदेश विधिक सलाहकार एडवोकेट तकमील नासिर ने पुलिस को कानूनी पहलू समझाए। उन्होंने ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2014) 2 SCC 1 का हवाला देते हुए कहा कि संज्ञेय अपराध में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है।
एडवोकेट नासिर ने प्रियंका श्रीवास्तव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (क्रिमिनल अपील 781/2012) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नाजिया इलाही खान का कृत्य साफ तौर पर संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है, इसलिए पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करनी चाहिए।
प्रतिनिधि मंडल में कौन-कौन शामिल
थाना ओमती पहुंचे प्रतिनिधि मंडल में प्यारे साहब, एडवोकेट तकमील नासिर, मोहम्मद शमीम, यासीन खान, आमिर आजाद अंसारी, तशकील फारान, मोहम्मद मोहसिन, इख्लाक खान, रज्जाक खान और नवाज़ अख्तर सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रतिनिधि मंडल ने थाने में चर्चा के बाद लिखित ज्ञापन सौंपा और ज़ीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर जोर दिया। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया कब शुरू होती है।
📌 Sources & References
- सुन्नी मुस्लिम काज़ियात कमेटी प्रतिनिधि मंडल
- थाना ओमती जबलपुर



