‘ज़मीन पर लिटाया जा रहा’ — शिवपाल यादव ने बताई आजम खान की जेल की हालत

रामपुर | BAZ News Network (BNN) । समाजवादी पार्टी के बुजुर्ग नेता शिवपाल सिंह यादव रामपुर जेल से लौटे हैं। बुधवार को उन्होंने वहां आजम खान से मुलाकात की। बाहर आकर उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया — आजम खान को जेल में ज़मीन पर लिटाया जा रहा है।
News in Short
- शिवपाल यादव ने 12 अगस्त को रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की
- आजम खान की सेहत खराब है, जेल में ज़मीन पर सोने को मजबूर हैं
- 2027 चुनाव में दौरा करने और सरकार बनाने की बात हुई
- शिवपाल ने कहा — सरकार बनी तो आजम को गृह मंत्री बनाएंगे
जेल के अंदर आजम खान की हालत
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवपाल यादव ने बताया कि आजम खान काफी तकलीफ में हैं। उन्हें जेल में ज़मीन पर लिटाया जा रहा है। तबीयत भी ठीक नहीं चल रही। शिवपाल ने कहा कि यह बीजेपी सरकार का ज़ुल्म है। एक वरिष्ठ नेता के साथ ऐसा सुलूक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आजम खान जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कई केस में जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ़ ज़मीन हथियाने और दूसरे आरोप लगे हैं। पिछले कई सालों से वो रामपुर जेल में ही हैं।
2027 चुनाव पर आजम खान का प्लान
शिवपाल यादव ने बताया कि मुलाकात में 2027 के विधानसभा चुनाव पर भी चर्चा हुई। आजम खान ने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद वो पूरे यूपी में दौरा करेंगे। समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए मेहनत करेंगे। शिवपाल ने कहा कि आजम का हौसला बुलंद है। वो हार नहीं मान रहे।
जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या आजम खान को रक्षा मंत्री बनाया जाएगा, तो शिवपाल मुस्कुराते हुए बोले — “पहले हम उनको गृह मंत्री बनाएंगे।” उनके इस जवाब से साफ़ है कि सपा में आजम खान की अहमियत कम नहीं हुई है।
सपा में शिवपाल और आजम का रिश्ता
शिवपाल सिंह यादव ने अखिलेश यादव से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाई थी। लेकिन बाद में उन्होंने सपा के साथ तालमेल बढ़ाया। आजम खान से उनके रिश्ते हमेशा अच्छे रहे हैं। दोनों ही मुलायम सिंह यादव के विश्वासपात्र रहे हैं।
शिवपाल ने कहा कि आजम खान की रिहाई के लिए वो लगातार कोशिश कर रहे हैं। जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में भी इंसाफ मिलना चाहिए। उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया कि सियासी बदले में आजम को जेल में रखा जा रहा है।
रामपुर जेल से लौटकर शिवपाल यादव ने आजम खान की हालत का खुलासा किया है। 2027 में सपा की वापसी की तैयारी शुरू हो गई है। आने वाले महीनों में यूपी की सियासत में उबाल आ सकता है।



