खतरे में बेटियां: गोहलपुर के गर्ल्स स्कूलों में ‘मुस्लिम लड़कों’ पर बिना अनुमति घुसने और वीडियोग्राफी का आरोप, बेटियों की सुरक्षा को लेकर समाज में बढ़ी चिंता

रिपोर्ट : सैफ मंसूरी, समाचार संपादक, Raza Chawk Division Baz Media
जबलपुर में लड़कियों के स्कूल में बिना अनुमति के प्रवेश कर परिसर के अंदर वीडियोग्राफी करने और उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटनाक्रम को लेकर मुस्लिम समाज के अंदर भी चिंता और नाराजगी देखी जा रही है।
School प्रबंधन का आरोप है कि विगत दिनों कुछ मुस्लिम लड़के गोहलपुर क्षेत्र के EWS School, Faraan School और हुसैनिया स्कूल में घुस गए। आरोप है कि उन्होंने स्कूल परिसर के अंदर वीडियोग्राफी की। इसके बाद बनाए गए कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे।
वीडियो सामने आने के बाद छात्राओं के परिजन अपनी बेटियों की सुरक्षा और निजता को लेकर चिंतित हैं। वहीं, स्कूल प्रबंधन पर भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
Videography से बचने के लिए चेहरा छुपाकर निकलती बेटियां

लोगों के मुताबिक,
School प्रबंधन का कहना है कि खुश लड़के यह कहते हुए स्कूल में घुसे कि गणेश चतुर्थी के दिन स्कूल कैसे खुला हुआ है। जिसके बाद उन्होंने वीडियो बनाई और वह वीडियो पूरे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। School प्रबंधन का तर्क है कि अगर school के संचालन से लेकर कोई शिकायत थी, तो शिक्षा विभाग में शिकायत की जानी चाहिए थी। इस तरह। जिस जगह बड़ी संख्या में बेटियां मौजूद थीं, महिला शिक्षक मौजूद थीं, उस जगह लड़कों का जबरदस्ती घुसना गंभीर घटना है।
क्षेत्रीय क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि बिना अनुमति के किसी स्कूल परिसर में प्रवेश करना, वहां वीडियोग्राफी करना और छात्राओं की बिना अनुमति वीडियो बनाना अपने आप में गंभीर मामला है। वहीं, अगर स्कूल पूरी तरह लड़कियों का हो और वहां पढ़ाने वाले शिक्षक भी महिलाएं हों, तो इस तरह की घटना को लेकर सुरक्षा और निजता से जुड़े सवाल और गंभीर हो जाते हैं।
एडवोकेट एडवोकेट परवेज अख्तर बोले
EWS School के पास रहने वाले गोहलपुर क्षेत्र के Congress नेता नेता एडवोकेट परवेज अख्तर का कहना है कि नियम और कानून साफ कहता है। किसी भी परिस्थिति में किसी व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह बिना अनुमति स्कूल परिसर में प्रवेश करे और वहां पढ़ रही छात्राओं या स्कूल से बाहर निकल रही छात्राओं की वीडियोग्राफी करे और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करे।
उनका कहना है कि यह एक गंभीर स्थिति है और यदि कानून का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
शिकायत थी तो विभाग में जाते
अल्पसंख्यक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमीन कुरैशी का कहना था कि अगर स्कूल के संचालन से संबंधित कोई शिकायत थी, तो उसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय या संबंधित विभाग में शिकायत की जा सकती थी। इसके बाद संबंधित विभाग मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करता।
उन्होंने कहा कि इस तरह लड़कियों के स्कूल में घुसना, वीडियोग्राफी करना और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना बेहद गंभीर और आपत्तिजनक कृत्य है।
युवा कांग्रेस नेता तौफीक खान चंकी बोले — यह कोई मामूली घटना नहीं
Maulana Azad ward के Congress प्रभारी तौफीक खान चंकी ने कहा कि यह कोई मामूली घटना नहीं है। उनके मुताबिक, मुस्लिम समाज के अंदर अब तक कभी ऐसी स्थिति देखने को नहीं मिली कि कुछ लड़के लड़कियों के school के अंदर धड़ल्ले से चले जाएं और वहां वीडियोग्राफी कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने लगें।
उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की घटनाओं पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में यह एक गंभीर चलन का रूप ले सकती है। कोई भी व्यक्ति कुछ लोगों को साथ लेकर स्कूल में प्रवेश कर खुद ही जांच और निरीक्षण शुरू कर देगा।
उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में पूरे जिले में स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों की इज्जत, सुरक्षा और निजता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
सांसद प्रतिनिधि सैयद ताहिर अली ने कार्रवाई की मांग की
राज्यसभा सांसद के प्रतिनिधि Advocate सैयद ताहिर अली का कहना है कि स्कूल के संचालन से जुड़ी कोई शिकायत थी, तो उसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से की जानी चाहिए। यही नियम है और यही सही तरीका है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से कुछ लोग स्कूल के अंदर घुस गए, वह स्कूल में मौजूद बेटियों, शिक्षकों और पूरे परिसर की सुरक्षा और निजता को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।
उन्होंने इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष आसिफ इकबाल बोले — यह गुंडागर्दी है
पूर्व विधानसभा Congress अध्यक्ष आसिफ इकबाल का कहना है कि स्कूल के निरीक्षण का अधिकार जिला शिक्षा अधिकारी या उनके द्वारा नियुक्त सक्षम अधिकारी को है। इसके अलावा जिला प्रशासन के सक्षम अधिकारी भी नियमानुसार कार्रवाई कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति दो-चार लोगों को साथ लेकर स्कूल में घुसता है और वीडियोग्राफी करता है, तो यह किसी भी स्थिति में उचित नहीं है और इसे गुंडागर्दी कहा जा सकता है।
आसिफ इकबाल ने कहा कि अगर इस तरह की परंपरा पर लगाम नहीं लगाई गई और कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में जिले के सभी लड़कियों के स्कूलों की सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आज कोई व्यक्ति निरीक्षण के नाम पर स्कूल में घुस सकता है, तो कल कोई भी व्यक्ति इसी तरह किसी भी स्कूल में प्रवेश करने की कोशिश कर सकता है।
“नियत कुछ भी हो, लेकिन घटना गंभीर है”
मामले को लेकर एक बात लगातार सामने आ रही है — नियत कुछ भी हो, लेकिन घटना गंभीर है।
मौलाना अबुल कलाम आजम खान वार्ड के एडवोकेट शोएब अख्तर का कहना है, स्कूल के संचालन को लेकर किसी व्यक्ति को कोई शिकायत है, तो उसके लिए संबंधित शिक्षा विभाग और प्रशासन के पास शिकायत करने का रास्ता मौजूद है। लेकिन शिकायत के नाम पर स्कूल परिसर में प्रवेश करना, छात्राओं और शिक्षकों की वीडियोग्राफी करना और फिर उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
वीडियो वायरल होने से बढ़ी बेचैनी
मुस्लिम क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं की वीडियो जैसे-जैसे सोशल मीडिया पर वायरल होती जा रही हैं, इस मामले को लेकर मुस्लिम समाज में बेचैनी बढ़ती जा रही है।
लोगों का कहना है कि किसी भी स्कूल की शिकायत का समाधान कानून और संबंधित विभाग के माध्यम से होना चाहिए। लेकिन छात्राओं की निजता और सुरक्षा से समझौता करके वीडियो बनाना और उसे सोशल मीडिया पर फैलाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं माना जा सकता।
अब लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, वीडियो बनाने और वायरल करने वालों की पहचान की जाए और अगर कानून का उल्लंघन हुआ है तो उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।



