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AMU छात्र यासिर फहद की भूख हड़ताल पांचवें दिन, स्टूडेंट्स यूनियन बहाली की मांग

अलीगढ़ | BAZ News Network (BNN) । अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का एक छात्र पांच दिन से भूख हड़ताल पर बैठा है। एमए उर्दू का स्टूडेंट यासिर फहद स्टूडेंट्स यूनियन की बहाली और ताज़ा चुनाव की मांग कर रहा है। यूनिवर्सिटी ने उसे सस्पेंड कर दिया है।

News in Short

  • यासिर फहद पांचवें दिन भूख हड़ताल पर, स्टूडेंट्स यूनियन बहाली की मांग
  • 2018-19 के बाद से नहीं हुए यूनियन इलेक्शन, आठ साल से नहीं चुनी गई स्टूडेंट बॉडी
  • 20 सितंबर को यूनिवर्सिटी ने यासिर को सस्पेंड किया, रात 2 बजे मिला नोटिस
  • छात्रों का आरोप — प्रॉक्टोरियल टीम ने यासिर के साथ मारपीट की
  • यूनिवर्सिटी का कहना — नियमों का उल्लंघन, गैरकानूनी मार्च निकाला

आठ साल से नहीं हुए AMU छात्र भूख हड़ताल के पीछे का मुद्दा

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में आखिरी बार स्टूडेंट्स यूनियन (AMUSU) के चुनाव 2018-19 में हुए थे। तब से लेकर अब तक — करीब आठ साल — यूनिवर्सिटी में कोई चुनी हुई स्टूडेंट बॉडी नहीं है। यासिर फहद समेत कई छात्रों ने यूजीसी फ्रेमवर्क और लिंगदोह कमेटी के दिशानिर्देशों के तहत यूनियन चुनाव कराने की मांग की थी। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मांगपत्र का कोई जवाब नहीं दिया।

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14 सितंबर को यासिर और अन्य छात्रों ने डक प्वाइंट से बाब-ए-सय्यद तक मार्च निकाला। इसी रात को यासिर ने भूख हड़ताल शुरू की। 20 सितंबर को रात 2 बजे उन्हें सस्पेंशन का नोटिस मिला। यासिर का कहना है, “मार्च के बाद उसी रात सस्पेंशन लेटर आया। यूनिवर्सिटी एक्टिविज्म के खिलाफ है और किसी तरह की आवाज़ नहीं सुनना चाहती।”

मारपीट का आरोप, यूनिवर्सिटी का अलग बयान

यासिर का आरोप है कि यूनिवर्सिटी की प्रॉक्टोरियल टीम ने उन्हें धरना छोड़ने के लिए दबाव बनाया। “शाम 4 बजे पूरी प्रॉक्टोरियल टीम आई और मुझे कॉलर और जेब से पकड़कर खींचा। वीडियो भी हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज की टीम को उनकी मेडिकल जांच से रोका गया।

यूनिवर्सिटी का पक्ष अलग है। प्रशासन का कहना है कि यासिर ने गैरकानूनी मार्च निकाला, बाब-ए-सय्यद गेट ब्लॉक किया और यूनिवर्सिटी अधिकारियों के खिलाफ अपमानजनक नारे लगाए। सस्पेंशन ऑर्डर में यह भी लिखा है कि यासिर ने सोशल मीडिया पर अब्दुल्लाह हॉल की लड़कियों को भड़काने वाले बयान दिए। यूनिवर्सिटी ने 15, 19 और 20 सितंबर को यासिर से संपर्क की कोशिश की लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया — यह दावा भी सस्पेंशन नोटिस में है।

यासिर ने जवाब दिया, “14 सितंबर को विमेंस कॉलेज और अब्दुल्लाह हॉल की छात्राओं ने गंदे खाने और खराब डाइनिंग हालात पर प्रोटेस्ट किया था। उनके साथ प्रॉक्टोरियल टीम ने बदसलूकी की। हम छात्र सिर्फ उनका साथ दे रहे थे।” यूनिवर्सिटी प्रशासन से संपर्क की कोशिश नाकाम रही। किसी ने जवाब नहीं दिया।

पूर्व AMUSU अध्यक्ष सलमान इम्तियाज़ ने कहा कि स्टूडेंट्स यूनियन यूनिवर्सिटी लाइफ का ज़रूरी हिस्सा है। यह सिर्फ इमारत खोलने की बात नहीं, प्रतिनिधित्व और नेतृत्व का सवाल है। यासिर की हड़ताल जारी है। छात्रों की मांग — यूनियन चुनाव फौरन हों।

📌 Sources & References

  • Maktoob Media
  • AMU

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