दिल्ली में मस्जिद हमलों के खिलाफ प्रदर्शन, 3 मुस्लिम सांसद गिरफ्तार

नई दिल्ली | BAZ News Network (BNN) । जंतर मंतर पर मस्जिद हमलों के खिलाफ प्रदर्शन में पुलिस ने तीन सांसदों समेत दर्जनों लोगों को हिरासत में ले लिया। मंगलवार को हुए इस प्रदर्शन में सांसद ज़ियाउर रहमान बर्क, मोहिब्बुल्लाह नदवी और इकरा मुनव्वर हसन भी शामिल थे।
News in Short
- जंतर मंतर पर मस्जिद हमलों और SIR के खिलाफ प्रदर्शन
- तीन सांसद और दर्जनों नेता हिरासत में लिए गए
- APCR के नेता नदीम खान को घर में नज़रबंद रखा गया
- ‘हमें चुप नहीं कराया जा सकता’ – सांसद बर्क ने कहा
- उज्जैन शाही मस्जिद विवाद के बाद प्रदर्शन
मस्जिद हमलों प्रदर्शन में भारी गिरफ्तारी
मॉनिटरिंग कमेटी ऑफ इंडियन मुस्लिम्स (MCIM) ने यह प्रदर्शन आयोजित किया था। मस्जिदों पर हमलों, इलेक्टोरल रोल्स के SIR और हाशिए के समुदायों पर हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाई गई। कायराना सांसद इकरा मुनव्वर हसन, संभल सांसद ज़ियाउर रहमान बर्क और रामपुर सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी प्रदर्शन में शामिल थे।
जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सय्यद सादतुल्लाह हुसैनी, पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली, AIMIM दिल्ली अध्यक्ष डॉ शोएब जमाई, प्रोफेसर आपूर्वानंद और कांग्रेस की मीनाक्षी सिंह भी प्रदर्शन में मौजूद थे। जमात-ए-इस्लामी के उपाध्यक्ष मलिक मोहतसिम खान, SIO अध्यक्ष अब्दुल हफीज़ और APCR मध्य प्रदेश के ज़िया पठान को भी हिरासत में लिया गया।
‘हमें चुप नहीं कराया जा सकता’
सांसद ज़ियाउर रहमान बर्क ने कहा, “हमें चुप नहीं कराया जा सकता। हमारी लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रहेगी। हम तब तक लड़ते रहेंगे जब तक हमारे लोगों को इंसाफ नहीं मिलता।” उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को ‘प्रदर्शन पर हमला’ बताया।
सांसद इकरा मुनव्वर हसन ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “पढ़ा-लिखा प्रशासन जो कानून जानता है, वो सरकार के इशारे पर गुलामों की तरह काम कर रहा है। यह पूरी तरह भेदभाव है। हमारा देश ऐसे आगे नहीं बढ़ सकता।” उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अपनी मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों पर हमलों के खिलाफ प्रदर्शन करने का बुनियादी हक है।
नेता को घर में नज़रबंद रखा गया
एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) के राष्ट्रीय सचिव नदीम खान को प्रदर्शन से पहले सुबह 9:30 बजे से घर में नज़रबंद रख दिया गया। फ्रेटरनिटी मूवमेंट के राष्ट्रीय महासचिव लुबैब बशीर को फरहान, आसिम, रबीह और अय्यान के साथ हिरासत में लिया गया। सभी को अलग-अलग थानों में रखा गया है।
प्रदर्शनकारियों ने ‘अल्पसंख्यकों को शांति से रहने दो’, ‘बुलडोज़र कार्रवाई बंद करो’ और ‘मस्जिदों पर हमले बंद करो’ के नारे लगाए। हिरासत में ली गई एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, “मुसलमानों के साथ हर जगह यही सलूक हो रहा है। हम सिर्फ सवाल पूछने आए थे, लेकिन कुछ बोलने से पहले ही हमें हिरासत में ले लिया।”
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद की पृष्ठभूमि
यह प्रदर्शन उस वक्त हुआ जब उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के नाम पर रोड चौड़ीकरण के लिए ऐतिहासिक शाही मस्जिद के कुछ हिस्से हटाए गए। बुलडोज़र कार्रवाई से बचने के लिए मुसलमानों को खुद ही मस्जिद के हिस्से तोड़ने पड़े।
लुबैब बशीर ने कहा, “दिल्ली पुलिस ने हमें प्रदर्शन की इजाज़त नहीं दी और फिर मस्जिदों पर हमलों के खिलाफ बोलने पर हमें हिरासत में लिया और मारपीट की। चुने हुए जनप्रतिनिधियों और समुदाय के नेताओं के साथ भी यही सलूक हुआ।” जमात-ए-इस्लामी हिंद ने दिल्ली पुलिस से सभी प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा करने की मांग की है।
उज्जैन में शाही मस्जिद विध्वंस तीसरे दिन भी जारी रहा। इस बीच प्रदर्शन के दौरान हुई अशांति में 14 मुसलमानों को गिरफ्तार किया गया और 30 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मस्जिदों और मदरसों पर लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है।
📌 Sources & References
- Maktoob Media
- Delhi Police



