
मुतवल्ली महमूद भारती बोले- “वक्फ की जमीन अल्लाह की अमानत, इसकी हिफाजत करना हमारी जिम्मेदारी”
कब्रिस्तान की जमीन सिर्फ जमीन नहीं, हमारे बुजुर्गों की अमानत है। बहोराबाग स्थित मंसूरी कब्रिस्तान की वक्फ जमीन और उससे लगी जमीन पर कथित कब्जे को लेकर अब इसकी हिफाजत की आवाज उठी है। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त से मुलाकात कर अतिक्रमण हटाने और कब्रिस्तान की जमीन को महफूज रखने की मांग की।
जबलपुर। बहोराबाग स्थित मंसूरी कब्रिस्तान की वक्फ जमीन की हिफाजत और कथित अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम आयुक्त से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने निगम की प्रस्तावित कार्रवाई का समर्थन करते हुए कब्रिस्तान की जमीन पर किए गए कथित कब्जों को हटाने और वक्फ संपत्ति को सुरक्षित रखने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में मंसूरी कब्रिस्तान अध्यक्ष महमूद भारतीय, समाजसेवी इरफानुलहक अंसारी, अशरफ मंसूरी, इमरान मंसूरी, बंटी मंसूरी, सिराज मंसूरी, नदीम मंसूरी, मकसूद मंसूरी सहित अन्य समाजसेवी मौजूद रहे।

मंसूरी कब्रिस्तान के मुतवल्ली महमूद भारती ने कहा कि वक्फ की जमीन अल्लाह की अमानत होती है। इस अमानत की हिफाजत करना वक्फ कमेटी और समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान की जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा इस्लामी उसूलों की रूह के खिलाफ है और दुनियावी कानून भी ऐसी जमीन की हिफाजत का रास्ता तय करता है।
महमूद भारती ने कहा कि अफसोस की बात है कि जिन लोगों का कब्रिस्तान की जमीन या उससे लगी जमीन पर कब्जा बताया जा रहा है, वे जमीन खाली करने के बजाय उस पर अपना ‘हक और मालिकाना’ कायम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ कमेटी ऐसी स्थिति को खामोशी से नहीं देख सकती। कब्रिस्तान की जमीन को महफूज रखना हमारी जिम्मेदारी है और इसके लिए हर जायज और कानूनी कदम उठाया जाएगा।

मंसूरी कब्रिस्तान समाज की अमानत
समाजसेवी इरफानुलहक अंसारी ने कहा कि वक्फ संपत्तियां मुस्लिम समाज की अहम धार्मिक और सामाजिक अमानत हैं। मौजूदा दौर में वक्फ संपत्तियों को लेकर देशभर में संवेदनशील माहौल है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि जो वक्फ संपत्तियां हमारे बुजुर्गों ने आने वाली नस्लों के लिए छोड़ी हैं, उनकी समय रहते हिफाजत की जाए।
उन्होंने कहा कि मंसूरी कब्रिस्तान सिर्फ एक जमीन नहीं, बल्कि जबलपुर के मुस्लिम समाज की विरासत और अमानत है। शहर के लाखों मुसलमानों का इस कब्रिस्तान से धार्मिक और भावनात्मक जुड़ाव है। ऐसी जमीन को 2 -4 लोगों के फायदे नुकसान के लिये खतरे में नहीं डाला जा सकता।
इरफानुलहक अंसारी ने कहा कि समाज को भी वक्फ संपत्तियों के मामले में जागरूक रहने की जरूरत है। वक्फ की जमीन की निगरानी, उसके दस्तावेजों की हिफाजत और उस पर किसी भी तरह के अवैध कब्जे की स्थिति में समय रहते कानूनी कार्रवाई जरूरी है… ताकि बाद में कोई विवाद बड़ा रूप न ले।

कब्रिस्तान से लगी दुकानों के कारण ट्रैफिक प्रभावित होने का दावा
कांग्रेस नेता अशरफ मंसूरी ने कहा कि कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा कर बनाई गई दुकानों और आसपास की दुकानों के कारण क्षेत्र की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है तो इसे नियमानुसार आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने क्षेत्र में बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए चौराहे का विकास, ट्रैफिक सिग्नल लगाने और डिवाइडर के कारण बंद किए गए रास्ते को खोलने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि अतिक्रमण हटाने के साथ क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था को भी व्यवस्थित किया जाना जरूरी है, ताकि आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
वक्फ की अमानत आने वाली नस्लों तक सुरक्षित पहुंचाना मकसद
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मंसूरी कब्रिस्तान की जमीन को लेकर किसी तरह का विवाद पैदा करना मकसद नहीं है। मकसद सिर्फ इतना है कि जो जमीन वक्फ की है, वह वक्फ के मकसद के लिए ही सुरक्षित रहे और उस पर किसी व्यक्ति का निजी कब्जा कायम न हो।
मुतवल्ली महमूद भारतीय ने कहा कि वक्फ की जमीन हमारे बुजुर्गों की छोड़ी हुई अमानत है। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम इस अमानत को अपनी आने वाली नस्लों तक उसी तरह महफूज पहुंचाएं। उन्होंने नगर निगम से मामले में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कब्रिस्तान की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने और क्षेत्र की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की मांग की।



