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गाजा: एक घंटे में तीन फिलिस्तीनी बच्चों की हत्या, इजरायली हमले जारी

गाजा सिटी | BAZ News Network (BNN) । गाजा पर इजरायली ताज़ा हमलों में एक घंटे के भीतर तीन बच्चे मारे गए। अमेरिकी समर्थन वाले सीजफायर के बावजूद बमबारी जारी है। अल-अक्सा हॉस्पिटल के मेडिकल सोर्स के मुताबिक, दोनों हमलों में कुल 6 फिलिस्तीनी मारे गए।

News in Short

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  • एक घंटे में दो अलग-अलग इजरायली हमलों में तीन बच्चे शहीद
  • डेर अल-बलाह में इजरायली गोलीबारी से एसरा अल-हेसी की मौत
  • गाजा सिटी के अल-कतीबा इलाके में स्पेशल फोर्सेज ने घुसपैठ की कोशिश
  • सीजफायर के बाद से 1,326 फिलिस्तीनी मारे गए, 21.5% बच्चे
  • UN ने कहा — इजरायल की ‘नॉन-स्टॉप किलिंग’ जारी

दो अलग-अलग हमलों में गाजा बच्चों पर हमला

पहले हमले में इजरायली फोर्सेज ने तथाकथित ‘येलो लाइन’ के पीछे से डेर अल-बलाह के पूर्वी इलाके में घरों और टेंटों पर गोलीबारी शुरू की। अल-अक्सा हॉस्पिटल ने बताया कि इस हमले में एसरा अल-हेसी की मौत हो गई। यह येलो लाइन ट्रंप की योजना के तहत इजरायली कब्जे वाले और फिलिस्तीनी नियंत्रण वाले इलाकों को अलग करती है।

उसी वक्त इजरायली स्पेशल फोर्सेज ने दिन के वक्त गाजा सिटी में घुसपैठ की। यह इलाका विस्थापितों के कैंप और एक हॉस्पिटल से घिरा हुआ है। फिलिस्तीनी रेजिस्टेंस फाइटर्स ने तुरंत मुकाबला किया। इजरायली सेना ने अपनी फोर्सेज को निकालने के लिए अल-कतीबा इलाके पर करीब 13 हमले किए। अल-शिफा हॉस्पिटल के डायरेक्टर ने कहा कि इन हमलों में दो बच्चों और एक महिला समेत तीन फिलिस्तीनी मारे गए। आठ लोग घायल हुए।

सीजफायर के बाद भी बमबारी

रविवार को सेंट्रल गाजा में 3 साल का बच्चा तैम हमदान इजरायली हमले में मारा गया। वह अपने मां-बाप की इकलौती संतान था। फिलिस्तीनी हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में सीजफायर लागू होने के बाद से गाजा पर इजरायली हमलों में 1,326 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। इनमें 21.5% बच्चे हैं।

16 अगस्त तक 272 बच्चे और 1,174 बच्चे घायल हुए। 135 महिलाएं, 39 बुजुर्ग और 819 मर्द भी मारे गए। अपार्टमेंट, मार्केट, गाड़ियां और कैफे — सब निशाने पर हैं। कई परिवारों को घर बमबारी से सिर्फ कुछ मिनट पहले विस्थापन का आदेश मिला। कई को कोई वॉर्निंग ही नहीं मिली।

UN ने इजरायल की निंदा की

यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट्स चीफ वोल्कर तुर्क ने इजरायल के हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा — “नॉन-स्टॉप किलिंग का यह पैटर्न इजरायल की पूरी छूट को दिखाता है। फिलिस्तीनियों को घरों, शेल्टर्स, विस्थापितों के टेंटों, सड़कों, गाड़ियों, मेडिकल फैसिलिटी और क्लासरूम में मारा जा रहा है।”

मेडिकल एड फॉर पलेस्टाइनियंस की गाजा डायरेक्टर फिक्र शाल्टूट ने कहा — “हम शोक में हैं क्योंकि गाजा एक और दुखद मील का पत्थर छू रहा है। हजारों लोग जिन्हें कहा गया था कि सबसे बुरा वक्त खत्म हो गया, वे अब भी अपनों को दफना रहे हैं।”

जून में एक स्वतंत्र UN कमीशन ने रिपोर्ट में कहा था कि इजरायली फोर्सेज जानबूझकर गाजा में बच्चों को टारगेट कर रहे हैं। यह जेनोसाइड है। UNICEF ने अगस्त में कहा — सीजफायर के करीब 300 दिनों में कम से कम 300 बच्चे मारे गए। यानी हर दिन औसतन एक बच्चे की मौत। UNICEF के रीजनल डायरेक्टर एडवर्ड बेगबेडर ने कहा — “जिस सीजफायर में हर दिन औसतन एक बच्चा मरता है, वह बच्चों के साथ नाकाम हो रहा है।”

2 अगस्त को गाजा सिटी के पश्चिमी इलाके में एक हमले में एक गर्भवती महिला, उसके पति और 5 साल के बेटे की मौत हो गई। मलबे से एक अनबॉर्न बच्चे के अवशेष बरामद किए गए। अब तक 64,000 से ज्यादा बच्चे इजरायली हमलों में मारे जा चुके हैं।

📌 Sources & References

  • Quds News Network
  • UN Human Rights Office
  • UNICEF
  • Palestinian Health Ministry

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