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शेख मोहम्मद की मौत के बाद बेटे ने ठुकराया मुआवज़ा, पैसे  की जगह मांगा स्कूल का नाम

बांकुड़ा | BAZ News Network (BNN) । पिता की मौत के बाद बेटे ने सरकारी मुआवज़ा ठुकरा दिया। 55 साल के शेख मोहम्मद मफ़ीक की मौत के बाद उनके बेटे अब्दुल हाफ़िज़ ने सरकार से पैसे की जगह पिता के नाम पर आधुनिक स्कूल बनाने की मांग की है। बांकुड़ा के करिशुंडा गाँव में स्कूल की हालत पर वीडियो बनाने के बाद हुए हमले में मफ़ीक घायल हो गए थे।

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News in Short

  • बांकुड़ा के करिशुंडा गाँव में स्कूल की हालत पर वीडियो बनाने के बाद 55 साल के शेख मोहम्मद मफ़ीक पर हमला हुआ
  • 14 अगस्त को बर्धमान मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मफ़ीक की मौत हो गई
  • बेटे अब्दुल हाफ़िज़ ने सरकारी मुआवज़ा ठुकराकर पिता के नाम पर स्कूल बनाने की मांग की
  • पुलिस ने मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है
  • सीजेपी, सीपीआई(एम) और टीएमसी नेताओं ने परिवार से मुलाकात की

स्कूल की मांग के लिए वीडियो बनाना पड़ा भारी

अब्दुल हाफ़िज़ सीजेपी समर्थक हैं। वे 19 जुलाई को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने गए थे। 20 जुलाई को राजीव चौक पर उन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। 27 जुलाई को हाफ़िज़ अपने गाँव लौट आए।

गाँव पहुँचने के बाद हाफ़िज़ ने करिशुंडा प्राइमरी स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने ‘स्कूल ठीक करो’ मुहिम के तहत स्कूल की टूटी-फूटी हालत का वीडियो बनाया। परिवार का आरोप है कि इसी वीडियो की वजह से उनके घर पर हमला हुआ।

पिता को बचाने में आई जान

हाफ़िज़ के मुताबिक हमलावरों ने उन्हें पीटा और मोबाइल फ़ोन छीनकर तस्वीरें और वीडियो डिलीट कर दिए। जब पिता मफ़ीक बेटे को बचाने आगे आए तो हमलावरों ने उन्हें भी पीटा। चोटों के कारण मफ़ीक की हालत बिगड़ती गई।

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14 अगस्त को मफ़ीक को पहले इंडस अस्पताल ले जाया गया। फिर बर्धमान मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

मुआवज़े की जगह स्कूल की मांग

हाफ़िज़ ने मीडिया से कहा, “मेरे पिता को तालीम के खराब हाल के खिलाफ लड़ते हुए जान गंवानी पड़ी। अब पिता नहीं रहे तो सरकारी मुआवज़े का क्या करूँगा? मैं चाहता हूँ कि सरकार मेरे पिता के नाम पर एक विश्वस्तरीय स्कूल बनाए।”

उन्होंने कहा कि तालीम के हालात सुधारने की मुहिम जारी रहेगी। “देशभर में छात्र और नौजवान सड़कों पर उतर आए हैं। यह लड़ाई नहीं रुकेगी। हम तालीम के सिस्टम को बदलने के लिए काम करेंगे।”

सियासी दलों ने जताई हमदर्दी

सीजेपी नेता आशुतोष रंका, सीपीआई(एम) नेता शतरूप घोष और मयूख बिस्वास सोमवार को करिशुंडा पहुँचे। उन्होंने हाफ़िज़ के परिवार से मुलाकात की। पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने फ़ोन पर परिवार से बात की और समर्थन का भरोसा दिया।

सीजेपी नेता आशुतोष रंका ने आरोप लगाया कि पुलिस मृतक के परिवार को सुरक्षा देने में नाकाम रही। कुछ आरोपियों को बचाया जा रहा है। पीड़ित की पत्नी और बेटे ने कई हमलावरों की पहचान कर दी है।

शेख मोहम्मद मफ़ीक की मौत ने तालीम के खराब हाल पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेटे की मांग है कि उनके पिता की कुर्बानी बेकार न जाए। एक अच्छा स्कूल ही पिता को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

📌 Sources & References

  • The Observer Post

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