Advertisement
JabalpurNews

(जबलपुर) 6 वर्षीय बच्चा टूटी हुई टांग के साथ घंटों स्कूल में बैठा रहा, अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए

जबलपुर – गोराबाजार थाना क्षेत्र के बिलहरी गोपालपुरम स्थित जीनियस नर्सरी स्कूल में एक गंभीर हादसा सामने आया है, जिसमें 6 वर्षीय बच्चा घंटों दर्द में स्कूल में बैठा रहा। बच्चे के पैर की हड्डी दो टुकड़ों में टूट गई थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने हादसे के बारे में तत्काल परिजनों को सूचित नहीं किया, जिससे अभिभावक गुस्से में हैं।

यह घटना तब सामने आई जब घायल बच्चा दर्द से कराहते हुए घर पहुंचा। बच्चे के पिता, अजय मिश्रा, ने बताया कि उनका बेटा स्कूल में खेलते हुए घायल हुआ, लेकिन स्कूल ने न तो उसे अस्पताल भेजा और न ही परिवार को तुरंत सूचना दी। अजय मिश्रा ने हैरानी जताई कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चे को घंटों तक दर्द में बैठाए रखा और बाद में उसे चुपचाप स्कूल बस से घर भेज दिया। अस्पताल में बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे भर्ती किया गया और गोराबाजार पुलिस को सूचित किया गया।

Advertisement

स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्चे का पैर झूले में फंस गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, जब परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज की मांग की, तो स्कूल ने यह कहते हुए इंकार कर दिया कि कैमरे में घटना रिकॉर्ड नहीं हुई है। इस बीच यह भी चर्चा में आया है कि हादसे के वक्त स्कूल में कोई भी शिक्षक या स्टाफ सदस्य मौजूद नहीं था, जो इस घटना को देख सके। अगर ऐसा था, तो सवाल उठता है कि बच्चा स्कूल में अकेला क्यों छोड़ा गया और तत्काल उपचार क्यों नहीं दिया गया?

इस मामले में स्कूल की प्रतिक्रिया पर सवाल उठते हैं। नियमानुसार, यदि बच्चा स्कूल में घायल हो जाता है तो स्कूल को तुरंत परिजनों को सूचित करना चाहिए था, लेकिन इस मामले में पूरी जानकारी छुपाई गई। इसके अलावा, बच्चा इस हादसे से मानसिक रूप से भी प्रभावित हुआ है और डर के मारे वह घटनाक्रम के बारे में अधिक जानकारी नहीं दे पा रहा है।

विज्ञापन

इस हादसे के पीछे की असल वजह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, इस घटना ने स्कूल के सुरक्षा मानकों और उसकी लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे स्कूल प्रबंधन को जल्द ही स्पष्ट करना होगा।

Jabalpur Baz

बाज़ मीडिया जबलपुर डेस्क 'जबलपुर बाज़' आपको जबलपुर से जुडी हर ज़रूरी खबर पहुँचाने के लिए समर्पित है.
Back to top button

You cannot copy content of this page