Advertisement
Opinion

Special Report: हिंदुत्व नफरती गानों पर अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट — YouTube पर 198 मिलियन व्यूज

नई दिल्ली | BAZ News Network (BNN) । अमेरिकी संगठन सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट (CSOH) की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। YouTube, Spotify, Apple Music और Meta के प्लेटफॉर्म्स पर 523 हिंदुत्व नफरती गाने मौजूद हैं जो मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ नफरत और हिंसा भड़काते हैं। सिर्फ YouTube पर इन गानों को 198 मिलियन से ज्यादा बार देखा गया।

News in Short

विज्ञापन
  • YouTube, Spotify, Meta और Apple Music पर 523 नफरती गाने मिले
  • YouTube पर 198 मिलियन व्यूज, Meta पर 5.9 मिलियन Instagram Reels
  • 50% गाने साफ तौर पर हिंसा भड़काते हैं
  • ChatGPT, Amazon Prime, Dell समेत 103 ब्रांड्स के विज्ञापन दिखे
  • Rwanda और Myanmar जैसी सामूहिक हिंसा का खतरा — CSOH

हिंदुत्व नफरती गाने — 198 मिलियन बार देखे गए YouTube पर

सोमवार को जारी रिपोर्ट “Profiting from Hate Music” में बताया गया कि YouTube पर 98 कलाकारों के 210 नफरती गाने मौजूद हैं। इनमें से 104 गाने (49%) साफ तौर पर मुसलमानों के खिलाफ हिंसा भड़काते हैं। इन 104 गानों को अकेले 97 मिलियन बार देखा गया। बाकी गाने भी मुसलमानों और दूसरे धार्मिक अल्पसंख्यकों को गाली-गलौज करते हैं, झूठे साजिश के सिद्धांत फैलाते हैं और नफरत का माहौल बनाते हैं।

Spotify पर 53 कलाकारों के 109 गाने, Apple Music पर 59 कलाकारों के 101 गाने और Meta के Music Library में 103 गाने पाए गए। Meta पर इन गानों का इस्तेमाल 5.9 मिलियन से ज्यादा Instagram Reels में किया गया।

ChatGPT, Amazon Prime के विज्ञापन — नफरत से कमाई

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन नफरती गानों पर बड़ी-बड़ी कंपनियों के विज्ञापन दिखते हैं। 78% YouTube वीडियो और 83% हिंसा भड़काने वाले गानों पर विज्ञापन मिले। इनमें OpenAI का ChatGPT, Google का NotebookLM, Amazon Prime, Adobe, Dell, Levi’s, Kellogg’s, Flipkart और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया तक शामिल हैं।

YouTube की “Super Thanks” सुविधा — जिससे फैन्स पैसे दे सकते हैं — 55% नफरती वीडियो पर चालू थी। Mayur Music नाम के चैनल पर 25 नफरती गाने हैं लेकिन YouTube ने उसे Silver Creator Award दिया है।

Rwanda-Myanmar जैसी सामूहिक हिंसा का खतरा

CSOH के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राकिब नाइक ने कहा, “नफरती गाने सामूहिक हिंसा के सबसे पुराने और खतरनाक हथियार हैं। हमने Rwanda और Myanmar में देखा है कि यह कहां ले जाता है। भारत का हिंदुत्व पॉप इसलिए ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इसकी पहुंच बहुत बड़ी है। ये कंपनियां — जिनमें से ज्यादातर अमेरिका में बेस्ड हैं — इन कलाकारों को वैश्विक मंच, करोड़ों लोगों तक पहुंच और पैसे कमाने के जरिए दे रही हैं।”

CSOH ने बताया कि यह भारत की नफरती संगीत इंडस्ट्री की पहली विस्तृत मैपिंग है। रिपोर्ट में यह भी दिखाया गया कि बड़ी टेक कंपनियां इस इंडस्ट्री को कैसे बढ़ावा और फंडिंग दे रही हैं।

प्लेटफॉर्म्स की अपनी पॉलिसी का उल्लंघन

रिपोर्ट के मुताबिक ये तमाम गाने YouTube, Meta, Spotify और Apple Music की अपनी ही कंटेंट पॉलिसी का उल्लंघन करते हैं। इन प्लेटफॉर्म्स की पॉलिसी में साफ लिखा है कि नफरत, हिंसा भड़काने वाले और लोगों को गैर-इंसानी दिखाने वाले कंटेंट की इजाजत नहीं है। लेकिन हकीकत में ये गाने खुलेआम चल रहे हैं और इनसे कमाई भी हो रही है।

CSOH ने रिपोर्ट में YouTube, Meta, Spotify और Apple Music से अपनी ही पॉलिसी लागू करने और नफरती गानों की पहुंच और मोनेटाइजेशन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की सिफारिश की है। संगठन का कहना है कि अगर प्लेटफॉर्म्स ने तुरंत एक्शन नहीं लिया तो भारत में धार्मिक हिंसा और भड़क सकती है।

📌 Sources & References

  • Maktoob Media
  • Center for the Study of Organized Hate (CSOH)

Back to top button

You cannot copy content of this page