डिंडौरी में 6 इंच बारिश, नर्मदा उफान पर, 7 परिवार बचाए गए, जबलपुर-मंडला से संपर्क टूटा

डिंडौरी | BAZ Media Bhopal Division । शनिवार रात से रविवार सुबह तक सिर्फ 9 घंटे में रिकॉर्ड 6 इंच बारिश हुई। मूसलधार बारिश से नर्मदा और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ आ गई। खतरे के दायरे में रह रहे 7 परिवारों को सुरक्षित निकालकर रेन बसेरा में शिफ्ट किया गया है।
News in Short
- डिंडौरी में रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक 6 इंच बारिश दर्ज
- बजाग, करंजिया और समनापुर ब्लॉक में जनजीवन अस्त-व्यस्त
- जबलपुर-मंडला मार्ग पर पानी भरने से संपर्क टूटा
- खरमेर नदी का पानी पुल से ऊपर, भारी जाम की स्थिति
- मौसम विभाग ने दतिया, रीवा और सीधी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की
डिंडौरी में भारी बारिश से नर्मदा उफान पर
शनिवार रात 9 बजे शुरू हुई बारिश रविवार सुबह 6 बजे तक जारी रही। सिर्फ 9 घंटे में 6 इंच बारिश का रिकॉर्ड बना। मूसलधार बारिश से नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। बजाग, करंजिया और समनापुर ब्लॉक में बाढ़ जैसे हालात बन गए। जबलपुर-मंडला मार्ग पर पानी भर जाने से जिला मुख्यालय का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
मंडला-डिंडौरी नेशनल हाईवे पर खरमेर नदी का पानी पुल से काफी ऊपर बह रहा है। सक्का गांव के पास वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले रास्तों पर न जाने की अपील की है।
7 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया
नर्मदा किनारे निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। खतरे के दायरे में रह रहे 7 परिवारों को तुरंत सुरक्षित निकालकर रेन बसेरा में शिफ्ट किया गया। स्थानीय प्रशासन ने राहत शिविर लगाए हैं।
तीन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम केंद्र ने दतिया, रीवा और सीधी जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर से ट्रफ लाइन गुजर रही है। पश्चिम बंगाल और आसपास के राज्यों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से लो प्रेशर एरिया बन गया है। यह आने वाले दिनों में और मजबूत होगा। इसके असर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में मूसलधार बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।
रविवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला समेत 50 से ज्यादा जिलों में हल्की बारिश की संभावना है।
डिंडौरी प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें। मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें।



