जबलपुर हाईकोर्ट का फैसला: चेकिंग में चाबी छीनना गैरकानूनी

जबलपुर | BAZ Media Jabalpur Division । चेकिंग के नाम पर गाड़ी की चाबी छीनना अब गैरकानूनी। जबलपुर हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में साफ कहा कि पुलिसकर्मी वाहन जांच के दौरान चाबी नहीं निकाल सकते। यह फैसला वकील और ट्रैफिक पुलिस के बीच 11 जुलाई को हुए विवाद के बाद आया है।
News in Short
- जबलपुर में चेकिंग के दौरान वकील और पुलिस में बदसलूकी का मामला
- हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा चाबी छीनने को गलत बताया
- जस्टिस हिमांशु जोशी ने दोनों पक्षों को संयम की नसीहत दी
- जबलपुर एसपी को सख्त कार्रवाई के निर्देश
- वकीलों को भी कानून का सही पालन करने की सीख
जबलपुर में वकील-पुलिस विवाद से शुरू हुआ मामला
11 जुलाई को जबलपुर में ट्रैफिक पुलिस गाड़ियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने एक वकील की गाड़ी रोकी। आरोप है कि पुलिस ने वकील के साथ बदतमीजी की। बात इतनी बढ़ी कि मारपीट और गाली-गलौज तक नौबत आ गई। पुलिस ने वकील की गाड़ी की चाबी भी छीन ली।
स्थानीय वकीलों ने एसपी से शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नाराज होकर पीड़ित वकील ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। मामला जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ में पहुंचा। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना और अहम टिप्पणी की।
हाईकोर्ट चेकिंग फैसला: चाबी छीनना पूरी तरह गलत
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि चेकिंग के दौरान गाड़ी की चाबी छीनना बिल्कुल गलत है। यह आदत अनुचित है और इसे बंद होना चाहिए। पुलिसकर्मियों को कानून लागू करते समय धैर्य और संयम दिखाना होगा।
कोर्ट ने कहा कि अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना भी गलत है। चेकिंग में पुलिस और जनता दोनों को शांत रहना चाहिए। बिना वजह बहस करना किसी के फायदे का नहीं है। जस्टिस जोशी ने साफ किया कि पुलिस को अपनी सीमा में रहकर ड्यूटी करनी चाहिए।
इसके साथ ही कोर्ट ने वकीलों को भी नसीहत दी। कोर्ट ने कहा कि कानून की इज्जत सिर्फ बातों से नहीं, सही आचरण से बनती है। वकीलों को भी ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए और चेकिंग में सहयोग करना चाहिए।
एसपी को मिले सख्त निर्देश
हाईकोर्ट ने जबलपुर एसपी को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। एसपी को नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी और जांच रिपोर्ट जमा करनी होगी। अब उम्मीद है कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह फैसला वाहन चेकिंग के तरीके में बदलाव ला सकता है। पुलिस और जनता के बीच बेहतर रिश्ते के लिए दोनों को संयम और सम्मान के साथ काम करना होगा। हाईकोर्ट का यह फैसला कानून के सही इस्तेमाल की दिशा में अहम कदम है।
📌 Sources & References
- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट



